बखरी ABVP नगर मंत्री पर पॉक्सो एक्ट में प्राथमिकी दर्ज, नाबालिग छात्रा से यौन शोषण का आरोप
बखरी में नाबालिग छात्रा से यौन शोषण का आरोप, POCSO केस दर्ज
निष्कर्ष भारत, संवाददाता (बेगूसराय)। जिले के बखरी थाना क्षेत्र में एक नाबालिग छात्रा से कथित यौन शोषण का मामला सामने आया है। किशोरी की मां के लिखित आवेदन पर बखरी पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्राथमिकी में कोचिंग संस्थान में पढ़ाने वाले युवक सौरभ कुमार पर नाबालिग को बहला-फुसलाकर अपने संपर्क में लेने और उसके साथ गलत काम करने का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़िता को मेडिकल जांच के लिए सदर अस्पताल, बेगूसराय भेजा है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए बखरी में संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।
बखरी में कोचिंग से जुड़ा मामला
पुलिस को दिए आवेदन में किशोरी की मां ने बताया है कि उनकी बेटी बखरी थाना क्षेत्र में संचालित एक कोचिंग संस्थान में पढ़ाई करती थी। इसी दौरान कोचिंग में पढ़ाने वाले युवक सौरभ कुमार के संपर्क में आने की बात सामने आई। परिवार का आरोप है कि आरोपी ने किशोरी को अपने संपर्क में लेकर बाद में उसे बुलाया और उसके साथ कथित तौर पर यौन शोषण किया।
परिजनों के मुताबिक, घटना की जानकारी उन्हें किशोरी से बातचीत और पूछताछ के बाद मिली। इसके बाद परिवार ने मामले को लेकर आरोपी और कोचिंग संचालक से संपर्क करने की कोशिश की। आरोप है कि इस दौरान परिवार को धमकी भी दी गई। इसके बाद किशोरी की मां ने बखरी थाने में लिखित आवेदन देकर पुलिस से कार्रवाई की मांग की।
पुलिस ने POCSO एक्ट में दर्ज की प्राथमिकी
मामले में बखरी थानाध्यक्ष अरविंद कुमार यादव के अनुसार, लिखित आवेदन के आधार पर पॉक्सो एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने पीड़िता को महिला पुलिसकर्मियों की निगरानी में मेडिकल जांच के लिए सदर अस्पताल, बेगूसराय भेजा है।
निष्पक्ष ख़बर देखिये हमारे यूट्यूब चैनल पर: IIT Mumbai में छात्र की मौत से IIT पटना में जांच की मांग…
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों की विभिन्न स्तरों पर जांच की जा रही है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए उसके संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि घटना से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका है या नहीं।
नाबालिग से जुड़े मामले में जांच अहम
नाबालिग से जुड़े यौन अपराध के मामलों में पुलिस के लिए पीड़िता का बयान, मेडिकल जांच, उपलब्ध साक्ष्य और संबंधित लोगों से पूछताछ जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। ऐसे मामलों में प्राथमिकी में दर्ज आरोपों और जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के बीच अंतर को स्पष्ट रखना जरूरी होता है।
खबरें हमारे फेसबुक पर भी, लगातार खबरों के लिए फेसबुक से जुड़े
इस मामले में भी पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। अभी जांच पूरी नहीं हुई है और आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।
आरोपी के अभाविप पद को लेकर भी विवाद
मामले में एक दूसरा पहलू आरोपी के अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े पद को लेकर सामने आया है। शिकायत में आरोपी सौरभ कुमार को अभाविप का बखरी नगर मंत्री बताया गया है। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद संगठन की जिला इकाई की ओर से एक प्रेस रिलीज जारी की गई।
प्रेस रिलीज में जिला संयोजक ने कहा कि सौरभ कुमार को बीते एक महीने से संगठन का नगर मंत्री नहीं माना जा रहा है। यानी संगठन की ओर से उनके वर्तमान पद को लेकर अलग स्थिति बताई गई है। इस बयान के बाद मामले में आरोपी के संगठनात्मक पद को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है।
संगठन के बयान से उठे सवाल
अभाविप की ओर से जारी प्रेस रिलीज में आरोपी को पिछले एक महीने से नगर मंत्री नहीं मानने की बात कही गई है। वहीं, प्राथमिकी में उसे बखरी नगर मंत्री बताया गया है। ऐसे में संगठनात्मक पद को लेकर दोनों पक्षों की बात अलग-अलग सामने आई है।
निष्पक्ष ख़बर देखिये हमारे यूट्यूब चैनल पर: IIT Mumbai में छात्र की मौत से IIT पटना में जांच की मांग…
इस अंतर को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा जरूर है, लेकिन किसी व्यक्ति की संगठनात्मक जिम्मेदारी और उसके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले को अलग-अलग पहलुओं के तौर पर देखा जाना चाहिए। प्राथमिकी में किसी संगठन से जुड़े होने की बात दर्ज होना अपने आप में अपराध साबित नहीं करता। इसी तरह संगठन की ओर से पद से दूरी बनाए जाने का बयान भी प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों की सत्यता का फैसला नहीं करता।
बखरी पुलिस जांच में जुटी
बखरी थाना पुलिस का कहना है कि मामले में उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि किशोरी को किस परिस्थिति में बुलाया गया और शिकायत में लगाए गए अन्य आरोपों की वास्तविक स्थिति क्या है।
मामले में पीड़िता की मेडिकल जांच भी कराई जा रही है। जांच के दौरान मेडिकल रिपोर्ट, पीड़िता का बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को महत्वपूर्ण माना जाएगा। पुलिस की कार्रवाई आगे मिलने वाले तथ्यों के आधार पर आगे बढ़ेगी।
परिजनों ने की कार्रवाई की मांग
किशोरी की मां ने पुलिस को दिए आवेदन में आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। परिवार का आरोप है कि घटना की जानकारी मिलने के बाद जब उन्होंने आरोपी और कोचिंग संचालक से बात करने की कोशिश की तो उन्हें धमकी दी गई। इस आरोप की भी पुलिस जांच कर रही है।

पुलिस के सामने अब आरोपी की गिरफ्तारी के साथ-साथ शिकायत में लगाए गए सभी आरोपों की जांच करना चुनौती है। यदि जांच के दौरान आरोपों की पुष्टि करने वाले साक्ष्य सामने आते हैं तो मामले में कानून के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जांच के बाद स्पष्ट होगी पूरी तस्वीर
बखरी में सामने आया यह मामला नाबालिग से जुड़ा होने के कारण संवेदनशील है। पुलिस ने POCSO एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़िता की मेडिकल जांच कराई जा रही है और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों के आधार पर ही पुलिस कार्रवाई आगे बढ़ रही है। आरोपी की ओर से मामले में कोई विस्तृत पक्ष सामने आने की जानकारी नहीं है। इसलिए आरोपों को जांच पूरी होने से पहले अंतिम सत्य के रूप में नहीं देखा जा सकता।
मामले में पुलिस की जांच, मेडिकल रिपोर्ट और आगे की कानूनी प्रक्रिया से ही यह स्पष्ट होगा कि प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों की वास्तविक स्थिति क्या है। वहीं, आरोपी के अभाविप पद को लेकर संगठन की ओर से जारी बयान भी मामले का अलग प्रशासनिक और संगठनात्मक पहलू है, जिसकी स्थिति संबंधित संगठन के रिकॉर्ड और आधिकारिक स्पष्टीकरण से स्पष्ट हो सकती है।
राज कुमार की रिपोर्ट
