सारण में मातम, ट्रक की टक्कर से उजड़ा परिवार, 4 की गई जान

सारण

सारण में ट्रक-ऑटो की भीषण टक्कर, मां-बेटे समेत 4 की मौत

निष्कर्ष भारत, संवाददाता (सारण)। बिहार के सारण जिले में मंगलवार देर रात हुए भीषण सड़क हादसे ने दो परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया। एनएच-722 पर गड़खा थाना क्षेत्र के पहाड़पुर के पास एक ट्रक ने ऑटो को टक्कर मार दी। हादसे में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि पिता और उनकी आठ वर्षीय बेटी गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतकों में एक 28 वर्षीय महिला, उनका आठ महीने का बेटा और ऑटो चालक व उनका रिश्तेदार शामिल हैं। परिवार शादी समारोह से लौट रहा था, तभी रास्ते में यह हादसा हो गया।

टक्कर इतनी तेज थी कि ऑटो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार लोग अंदर फंस गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से बचाव अभियान चलाया गया। ऑटो के क्षतिग्रस्त हिस्सों को गैस कटर से काटकर फंसे लोगों को बाहर निकाला गया। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और पीड़ित परिवारों में मातम पसर गया।

सारण में NH-722 पर कैसे हुआ हादसा?

जानकारी के मुताबिक, दुर्घटना गड़खा थाना क्षेत्र के पहाड़पुर के पास हुई। देर रात ट्रक और ऑटो के बीच जोरदार टक्कर हुई, जिसके बाद ऑटो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर का असर इतना गंभीर था कि वाहन में बैठे लोगों को बाहर निकालना मुश्किल हो गया।

घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। बचाव कार्य के दौरान स्थानीय लोग भी मदद के लिए आगे आए। ऑटो के भीतर फंसे लोगों को निकालने के लिए गैस कटर का इस्तेमाल करना पड़ा। इसके बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।

हादसे में कुल छह लोग ऑटो में सवार बताए गए हैं। इनमें से चार की जान चली गई, जबकि पिता और उनकी बेटी घायल हुए। घायलों को इलाज के लिए श्रीनिवास मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। मिली जानकारी के अनुसार, विशाल कुमार की हालत नाजुक बनी हुई थी।

शादी से लौट रहा था परिवार, रास्ते में छिन गई खुशियां

इस हादसे में अन्नू कुमारी (28) और उनके आठ महीने के बेटे रियांश कुमार की मौत हो गई। परिवार के लिए यह सफर एक सामान्य वापसी यात्रा थी, लेकिन ट्रक की टक्कर ने उनकी जिंदगी बदल दी। हादसे में अन्नू के पति विशाल कुमार और उनकी आठ वर्षीय बेटी घायल हो गए।

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परिजन राहुल कुमार के अनुसार, परिवार शादी समारोह में शामिल होने के बाद पंजाब से घर लौट रहा था। इसी दौरान रास्ते में ट्रक ने ऑटो को टक्कर मार दी। हादसे के बाद परिवार के दो सदस्यों की मौत और दो के गंभीर रूप से घायल होने की खबर से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

एक ओर मां और छोटे बच्चे की मौत का गम है, तो दूसरी ओर अस्पताल में भर्ती पिता और बेटी के इलाज की चिंता। परिवार के लिए यह हादसा ऐसी त्रासदी बन गया, जिसका असर लंबे समय तक बना रहेगा।

सारण हादसे में ऑटो चालक और उनके रिश्तेदार की भी मौत

दुर्घटना में ऑटो चालक आशीष उर्फ जीतू (25) और अमन कुमार (20) की भी मौत हो गई। दोनों आपस में ममेरे भाई थे और छपरा स्टेशन पर ऑटो चलाने का काम करते थे। दोनों भगवान बाजार थाना क्षेत्र के कटरा मोहल्ले के रहने वाले बताए गए हैं।

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परिजनों के मुताबिक, आशीष बीते छह महीने से पैर में चोट लगने के कारण नियमित रूप से गाड़ी नहीं चला रहे थे। उनके पिता ने बताया कि आशीष पिछली रात घर से निकले थे, लेकिन फिर वापस नहीं लौटे। हादसे की खबर मिलने के बाद परिवार में शोक छा गया।

आशीष और अमन की मौत से उनके परिवारों को भी बड़ा नुकसान हुआ है। रोजी-रोटी के लिए वाहन चलाने वाले दोनों युवकों की मौत ने घरवालों को गहरे सदमे में डाल दिया। हादसे में जान गंवाने वाले सभी लोगों के परिजनों के सामने अब अपनों को खोने का दुख और आगे की जिंदगी की चुनौतियां हैं।

पुलिस और स्थानीय लोगों ने चलाया बचाव अभियान

हादसे की सूचना मिलने के बाद गड़खा थाना पुलिस और डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची। ऑटो बुरी तरह क्षतिग्रस्त होने के कारण उसमें फंसे लोगों को निकालने में परेशानी हुई। स्थानीय लोगों ने भी पुलिस और बचाव दल की मदद की।

गैस कटर की सहायता से ऑटो के हिस्सों को काटकर लोगों को बाहर निकाला गया। इसके बाद घायलों को अस्पताल ले जाया गया। गंभीर रूप से घायल विशाल कुमार और उनकी बेटी का उपचार शुरू किया गया।

ऐसे हादसों में दुर्घटना के तुरंत बाद बचाव कार्य और घायलों को जल्द चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना बेहद अहम होता है। इस घटना में स्थानीय लोगों की मदद से फंसे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया गया। हालांकि, हादसे में चार लोगों की जान नहीं बचाई जा सकी।

सारण सड़क हादसा फिर उठाता है सुरक्षा का सवाल

एनएच-722 पर हुआ यह हादसा सड़क सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े करता है। ट्रक और ऑटो जैसे अलग-अलग आकार के वाहनों के बीच टक्कर होने पर छोटे वाहन में बैठे लोगों को गंभीर चोट लगने का खतरा रहता है। खासकर रात के समय दृश्यता, गति, सड़क पर वाहनों की स्थिति और चालक की सतर्कता महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

हालांकि, इस दुर्घटना की वजह क्या थी, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। केवल टक्कर के आधार पर तेज रफ्तार, लापरवाही या किसी अन्य कारण को निश्चित रूप से जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। पुलिस की जांच और उपलब्ध साक्ष्य से ही दुर्घटना की परिस्थितियों का पता चल पाएगा।

सड़क पर सफर करने वालों के लिए यह घटना सतर्क रहने की याद दिलाती है। वाहन चलाते समय गति नियंत्रित रखना, पर्याप्त दूरी बनाए रखना और यातायात नियमों का पालन करना जरूरी है। वहीं, भारी वाहनों के चालकों को भी छोटे वाहनों के आसपास विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

चार मौतों के बाद परिवारों में मातम

सारण के पहाड़पुर के पास हुआ यह हादसा कई जिंदगियों को प्रभावित कर गया। अन्नू कुमारी और उनके आठ महीने के बेटे रियांश की मौत से परिवार की खुशियां उजड़ गईं। दूसरी ओर, ऑटो चालक आशीष और अमन की मौत से उनके घरों में भी शोक का माहौल है। विशाल कुमार और उनकी बेटी का अस्पताल में उपचार जारी रहने की जानकारी सामने आई थी।

फिलहाल हादसे की परिस्थितियों और जिम्मेदारी को लेकर पुलिस की जांच महत्वपूर्ण होगी। इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर दिखाया है कि सड़क पर एक टक्कर कितने परिवारों की दुनिया बदल सकती है।

Nishkarsh Bharat

राजकुमार सिंह की रिपोर्ट

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