जमुई में चलती ई-रिक्शा की बैटरी फटी, दो छात्राएं झुलसीं, पटना रेफर
जमुई में ई-रिक्शा की बैटरी फटी, दो छात्राएं झुलसीं, एक पटना रेफर
निष्कर्ष भारत, संवाददाता (जमुई)। बिहार के जमुई में शुक्रवार सुबह एक चलती ई-रिक्शा की बैटरी फटने से आग लग गई। हादसे में इंटरमीडिएट की दो छात्राएं झुलस गईं। इनमें नेहा कुमारी की हालत गंभीर बताई जा रही है। करीब 80 प्रतिशत झुलसने के कारण उसे बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर किया गया है। वहीं, दूसरी घायल छात्रा अंजनी कुमारी का इलाज एक निजी क्लिनिक में चल रहा है। उसकी स्थिति सामान्य बताई गई है।
घटना जमुई-सिकंदरा मुख्य मार्ग पर डॉ. नीरज साह के क्लिनिक के पास सुबह करीब 10 बजे हुई। आग लगते ही ई-रिक्शा पर सवार यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। जान बचाने के लिए तीन छात्राओं ने चलती गाड़ी से छलांग लगा दी। इस दौरान दो छात्राएं झुलस गईं, जबकि तीसरी छात्रा रुचि सुरक्षित बच गई। हादसे के बाद ई-रिक्शा चालक मौके से फरार हो गया।
जमुई में कोचिंग से लौट रही थीं तीनों छात्राएं
जानकारी के अनुसार, जमुई के सदर प्रखंड के भगवाना गांव की रहने वाली तीन सहेलियां शुक्रवार सुबह कोचिंग करने के लिए जमुई आई थीं। तीनों 12वीं कक्षा की छात्राएं हैं। सुबह करीब पांच बजे कोचिंग पहुंचने के बाद पढ़ाई पूरी कर वे घर लौट रही थीं।
वापसी के दौरान तीनों एक ई-रिक्शा पर सवार हुईं। वाहन में उनके अलावा छह अन्य लोग भी बैठे थे। यात्रा सामान्य रूप से चल रही थी, लेकिन महिसौड़ी चौक से आगे बढ़ने के बाद ई-रिक्शा से धीरे-धीरे धुआं निकलने लगा। छात्राओं को खतरे का अंदेशा हुआ और उन्होंने चालक को इसकी जानकारी दी।
धुआं निकलने पर भी नहीं रोका ई-रिक्शा
जमुई की घायल छात्रा अंजनी कुमारी के मुताबिक, वाहन से धुआं निकलते ही उन्होंने चालक को ई-रिक्शा रोकने के लिए कहा। हालांकि, चालक के कान में ईयरफोन लगा हुआ था और वह उनकी बात नहीं सुन सका। छात्राओं के कहने के बावजूद वाहन आगे बढ़ता रहा।
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कुछ ही देर बाद डॉ. नीरज साह के क्लिनिक के पास अचानक बैटरी फट गई और ई-रिक्शा में आग लग गई। देखते ही देखते वाहन आग की लपटों से घिर गया। अचानक हुई इस घटना से यात्रियों में दहशत फैल गई। अपनी जान बचाने के लिए तीनों छात्राओं ने चलती ई-रिक्शा से छलांग लगा दी। इस दौरान नेहा और अंजनी आग की चपेट में आकर झुलस गईं।
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घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने राहत पहुंचाने की कोशिश की। बाद में अग्निशमन वाहन की मदद से आग पर काबू पाया गया।
जमुई हादसे में नेहा 80 प्रतिशत झुलसी, पटना रेफर
घायल छात्राओं की पहचान भगवाना गांव निवासी नेहा कुमारी और अंजनी कुमारी के रूप में हुई है। नेहा मनोहर महतो की बेटी है, जबकि अंजनी के पिता का नाम मनोहर यादव बताया गया है।

हादसे के बाद नेहा को पहले डॉ. नीरज साह के निजी क्लिनिक में भर्ती कराया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे सदर अस्पताल भेजा गया। गंभीर स्थिति और करीब 80 प्रतिशत तक झुलसने के कारण बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया गया।
डॉ. नीरज साह ने बताया कि नेहा की हालत नाजुक बनी हुई है। दूसरी ओर, अंजनी का इलाज निजी क्लिनिक में चल रहा है और उसकी स्थिति सामान्य बताई गई है। हादसे में शामिल तीसरी छात्रा रुचि को चोट नहीं आई है।
छात्रा ने बताया, कैसे हुआ हादसा
अंजनी कुमारी ने बताया कि वह नेहा और रुचि के साथ कोचिंग से घर लौट रही थी। रास्ते में ई-रिक्शा से पहले धुआं निकलने लगा। छात्राओं ने चालक को गाड़ी रोकने के लिए कहा, लेकिन उसने उनकी बात नहीं सुनी। इसके बाद अचानक आग लग गई और उन्हें जान बचाने के लिए वाहन से कूदना पड़ा।
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जमुई की घटना के समय ई-रिक्शा में अन्य यात्री भी सवार थे। आग लगने के बाद सभी के बीच अफरा-तफरी मच गई। हादसे में दो छात्राएं झुलसीं, जबकि रुचि सुरक्षित रही। घटना ने चलती ई-रिक्शा में अचानक आग लगने से यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस जांच में जुटी, चालक की तलाश
हादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। फायर ब्रिगेड ने आग बुझाई, जबकि स्थानीय लोगों की मदद से घायल छात्राओं को इलाज के लिए पहुंचाया गया।
घटना के बाद ई-रिक्शा चालक मौके से फरार हो गया। फिलहाल उसकी पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। बैटरी फटने के कारणों और हादसे से जुड़ी अन्य परिस्थितियों की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
चलती ई-रिक्शा से धुआं निकलने के बावजूद वाहन नहीं रुकने और उसके बाद आग लगने की इस घटना ने यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। खासकर बैटरी से चलने वाले वाहनों में तकनीकी खराबी के संकेत मिलने पर तुरंत वाहन रोकना और यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालना बेहद जरूरी है।
राज कुमार की रिपोर्ट
