खड़गे के बयान पर बिहार में बवाल, सम्राट चौधरी से संजय झा तक ने मांगी माफी
खड़गे के बयान पर BJP-JDU का हमला, कांग्रेस से मांगी माफी
निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के पटना में दिए गए बयान को लेकर बिहार की राजनीति में घमासान मच गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर की गई उनकी टिप्पणियों के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से लेकर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय और जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा तक ने खड़गे के बयान पर आपत्ति जताई है। भाजपा और जदयू के नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष से माफी मांगने की मांग की है।
विवाद रविवार को पटना के बापू सभागार में बिहार के पहले मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान शुरू हुआ। खड़गे अपने संबोधन में केंद्र सरकार, भाजपा और चुनाव आयोग पर निशाना साध रहे थे। इसी दौरान भीड़ से एक व्यक्ति ने प्रधानमंत्री मोदी को लेकर टिप्पणी की। इसके जवाब में खड़गे ने तीखी प्रतिक्रिया दी, जिसके बाद कार्यक्रम में हंगामा हो गया। अब इस बयान को लेकर बिहार में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है।
सम्राट चौधरी ने कहा- भाषा की मर्यादा का ध्यान रखें नेता
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने खड़गे की टिप्पणी पर नाराजगी जताते हुए इसे राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता को लेकर इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।

सम्राट चौधरी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी से देश से माफी मांगने की मांग की। भाजपा नेताओं का कहना है कि राजनीतिक दलों को सरकार की नीतियों और फैसलों की आलोचना करने का पूरा अधिकार है, लेकिन व्यक्तिगत टिप्पणियों से बचना चाहिए।
भाजपा ने इस मामले को केवल एक बयान तक सीमित नहीं रखते हुए कांग्रेस नेतृत्व की राजनीतिक भाषा और उसके रवैये पर भी सवाल उठाए हैं।
संजय सरावगी बोले- गांधी परिवार की राजनीतिक रणनीति का हिस्सा
भाजपा के बिहार प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने भी खड़गे के बयान को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अध्यक्ष गांधी परिवार की राजनीतिक रणनीति के तहत बयानबाजी कर रहे हैं।

निष्पक्ष ख़बर देखिये हमारे यूट्यूब चैनल पर: क्या Anant Singh को समेट पाएगी JDU? या फिर भरत तिवारी कांड के बाद NDA के लिए नई मुसीबत बनेगा अनंत
सरावगी ने कांग्रेस पर चुनावी हार के बाद अपनी कमियों की समीक्षा करने के बजाय दूसरी पार्टियों पर आरोप लगाने का आरोप लगाया। उन्होंने वोट चोरी और चुनावी धांधली जैसे मुद्दों पर कांग्रेस के रुख की आलोचना करते हुए कहा कि लोकतंत्र में जनता के फैसले को स्वीकार करना चाहिए।
भाजपा नेताओं का कहना है कि चुनावी राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप स्वाभाविक हैं, लेकिन सार्वजनिक मंचों से दिए जाने वाले बयानों में संयम जरूरी है।
नित्यानंद राय ने कांग्रेस नेतृत्व पर साधा निशाना
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने भी खड़गे की टिप्पणी की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार चुनावी चुनौतियों का सामना कर रही कांग्रेस हताशा में इस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर रही है।
राय ने कहा कि प्रधानमंत्री के खिलाफ व्यक्तिगत टिप्पणी करना लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुरूप नहीं है। उन्होंने दावा किया कि जनता ऐसे बयानों का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देगी।
खबरें हमारे फेसबुक पर भी, लगातार खबरों के लिए फेसबुक से जुड़े
भाजपा की ओर से लगातार आ रही प्रतिक्रियाओं से साफ है कि पार्टी इस मुद्दे को राजनीतिक बहस का बड़ा विषय बनाने की कोशिश कर रही है।
ऋतुराज सिन्हा ने भी उठाए सवाल
भाजपा नेता ऋतुराज सिन्हा ने खड़गे की टिप्पणी पर आपत्ति जताते हुए कहा कि राजनीतिक बहस का केंद्र जनता के मुद्दे और सरकार के कामकाज होने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि व्यक्तिगत हमलों से राजनीतिक संवाद का स्तर गिरता है।
सिन्हा ने प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता को राजनीतिक बयानबाजी में शामिल करने पर सवाल उठाया और खड़गे से बिना शर्त माफी मांगने की मांग की। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से भी इस मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट करने को कहा।
नीतीश कुमार पर टिप्पणी से जदयू नाराज
विवाद का दूसरा बड़ा पहलू खड़गे की ओर से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की राजनीतिक विचारधारा पर की गई टिप्पणी है। खड़गे ने आरोप लगाया था कि नीतीश कुमार समाजवादी विचारधारा से हटकर भाजपा और आरएसएस के साथ खड़े हो गए हैं।
इस बयान पर जदयू ने भी पलटवार किया। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने नीतीश कुमार के लंबे राजनीतिक जीवन और समाजवादी पृष्ठभूमि का हवाला देते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार को अपनी राजनीतिक पहचान साबित करने के लिए किसी के प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं है।
इसे भी पढ़े: खड़गे के भाषण के बीच हंगामा, बोले- मोदी का बाप भी जाएगा
जदयू नेताओं ने कांग्रेस से सवाल किया कि वह दूसरे नेताओं की विचारधारा पर टिप्पणी करने से पहले अपने राजनीतिक रिकॉर्ड पर विचार क्यों नहीं करती।
संजय झा ने एक्स पर की माफी की मांग
जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए खड़गे से बिना शर्त माफी मांगने की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के खिलाफ व्यक्तिगत टिप्पणी को सामान्य राजनीतिक आलोचना मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
झा ने कांग्रेस नेतृत्व से भी इस मामले में जिम्मेदारी लेने को कहा। जदयू का रुख है कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा बनाए रखना जरूरी है।
बिहार में तेज हुई सियासी बयानबाजी
मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान के बाद भाजपा और जदयू दोनों ने कांग्रेस को घेर लिया है। भाजपा जहां इसे प्रधानमंत्री के प्रति अपमानजनक टिप्पणी बता रही है, वहीं जदयू नीतीश कुमार की विचारधारा पर उठाए गए सवालों का जवाब दे रही है।
दूसरी ओर, खड़गे ने अपने भाषण में केंद्र सरकार, भाजपा और आरएसएस की विचारधारा पर भी गंभीर आरोप लगाए थे। ऐसे में यह विवाद केवल एक टिप्पणी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बिहार में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच व्यापक राजनीतिक टकराव का रूप लेता दिख रहा है। अब देखना होगा कि कांग्रेस इस विवाद पर क्या प्रतिक्रिया देती है और क्या खड़गे के बयान को लेकर माफी या स्पष्टीकरण सामने आता है।
भूमि आर्या की रिपोर्ट
