KIBA Labs, STPI पटना में हैकाथॉन का हुआ सफल आयोजन, आदित्य ग्रुप बने प्रथम विजेता
पटना में KIBA Labs हैकाथॉन, पांच टीमों को मिली प्रोत्साहन राशि
- नियाज़ और नाबिल टीम को मिला दूसरा स्थान, अमित कुमार, अरुण कुमार और गौरव चौधरी की टीम रही तीसरे नंबर पर
- शूरुति और सौम्या बनी चौथे विजेता, 5वीं विजेता रही आर्यभट टीम
- Neeraj Kumar और Vikas Bharti के नेतृत्व में हुआ आयोजन
निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। पटना में युवाओं के तकनीकी हुनर, नए विचारों और इनोवेशन को मंच देने के उद्देश्य से KIBA Labs की ओर से हैकाथॉन का आयोजन किया गया। शनिवार को सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI), पटना में आयोजित इस कार्यक्रम में बीटेक, बीसीए और एमसीए के छात्र-छात्राओं के साथ-साथ पासआउट, फाइनल ईयर और प्री-फाइनल ईयर के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने अपनी तकनीकी समझ और नए आइडिया के जरिए अपनी प्रतिभा दिखाई।
इस हैकाथॉन का मुख्य उद्देश्य युवाओं को तकनीक के क्षेत्र में नए प्रयोग करने के लिए प्रोत्साहित करना और उन्हें स्टार्टअप की दुनिया से जोड़ना था। आयोजकों के मुताबिक, ऐसे कार्यक्रमों से छात्रों को पढ़ाई के दौरान हासिल ज्ञान को व्यावहारिक रूप देने का अवसर मिलता है। साथ ही, उन्हें अपने विचारों को एक बेहतर प्रोजेक्ट या संभावित स्टार्टअप के रूप में विकसित करने की दिशा भी मिलती है।
KIBA Labs हैकाथॉन में पांच टीमों ने हासिल किए स्थान
प्रतियोगिता के परिणाम घोषित होने के बाद पांच टीमों को उनके प्रदर्शन के आधार पर स्थान दिया गया। इसमें आदित्य ग्रुप ने पहला स्थान हासिल किया। नियाज़ और नाबिल की टीम दूसरे स्थान पर रही, जबकि अमित कुमार, अरुण कुमार और गौरव चौधरी की टीम ने तीसरा स्थान प्राप्त किया।
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वहीं, श्रुति और सौम्या की टीम चौथे स्थान पर रही। पांचवां स्थान आर्यभट टीम को मिला। इन सभी पांच टीमों को उनके प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। इसका उद्देश्य प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें आगे भी तकनीकी नवाचार और नए प्रोजेक्ट पर काम करने के लिए प्रेरित करना है।
पटना में छात्रों को मिला तकनीकी प्रतिभा दिखाने का मंच
हैकाथॉन में अलग-अलग शैक्षणिक पृष्ठभूमि से आए विद्यार्थियों की भागीदारी ने इसे युवाओं के लिए एक उपयोगी मंच बनाया। बीटेक, बीसीए और एमसीए के विद्यार्थियों के अलावा पासआउट छात्र भी इसमें शामिल हुए। फाइनल ईयर और प्री-फाइनल ईयर के छात्रों को भी अपनी क्षमता दिखाने का अवसर मिला।

ऐसे आयोजनों में विद्यार्थियों को केवल अपने विचार प्रस्तुत करने का मौका नहीं मिलता, बल्कि वे टीम के साथ काम करने, समस्याओं का समाधान खोजने और सीमित समय में अपने आइडिया को बेहतर रूप देने का अनुभव भी हासिल करते हैं। तकनीकी क्षेत्र में करियर बनाने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए यह अनुभव आगे चलकर उपयोगी साबित हो सकता है।
स्टार्टअप कल्चर और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने की पहल
KIBA Labs की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम का एक प्रमुख उद्देश्य युवाओं के बीच स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देना भी रहा। आज तकनीक आधारित कारोबार और नए डिजिटल समाधान रोजगार तथा उद्यमिता के महत्वपूर्ण माध्यम बन रहे हैं। ऐसे में छात्रों को शुरुआती स्तर पर ही इनोवेशन और उद्यमिता से जोड़ना जरूरी माना जा रहा है।
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हैकाथॉन के जरिए प्रतिभागियों को अपने विचारों को सामने रखने और उद्योग जगत से जुड़ने का अवसर मिला। इसके साथ ही रोजगार से जुड़े संभावित अवसरों और तकनीकी क्षेत्र की जरूरतों को समझने का भी मंच तैयार हुआ। हालांकि, इस तरह के आयोजन का उद्देश्य केवल पुरस्कार जीतना नहीं, बल्कि युवाओं को लगातार सीखने और अपने कौशल को विकसित करने के लिए प्रेरित करना भी है।
Neeraj Kumar और Vikas Bharti के नेतृत्व में हुआ आयोजन
इस हैकाथॉन के आयोजन और प्रबंधन में KIBA Labs के सीईओ नीरज कुमार और सीटीओ विकास भारती की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके नेतृत्व में कार्यक्रम को आयोजित किया गया। आयोजन के माध्यम से युवाओं को तकनीक, इनोवेशन और स्टार्टअप से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित करने की कोशिश की गई।

पटना में इस तरह के कार्यक्रमों का आयोजन राज्य के तकनीकी प्रतिभाशाली युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर दे सकता है। बिहार के छात्र अक्सर बेहतर तकनीकी मंच और उद्योग जगत से जुड़ने के अवसर तलाशते हैं। ऐसे में STPI जैसे संस्थान में हैकाथॉन का आयोजन स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी क्षमता प्रदर्शित करने का मौका देता है।
बिहार के युवाओं के लिए क्यों अहम हैं ऐसे हैकाथॉन?
हैकाथॉन जैसे कार्यक्रम छात्रों को किताबी ज्ञान से आगे बढ़कर वास्तविक समस्याओं के समाधान के बारे में सोचने के लिए प्रेरित करते हैं। इसमें टीमवर्क, रचनात्मक सोच और तकनीकी कौशल का इस्तेमाल करना पड़ता है। यही गुण आगे चलकर नौकरी, उद्यमिता और स्टार्टअप की दुनिया में काम आते हैं।

KIBA Labs का यह आयोजन भी इसी दिशा में एक पहल के रूप में देखा जा सकता है। पांच टीमों को प्रोत्साहन राशि देकर उनके प्रयासों को सम्मानित किया गया। इससे प्रतिभागियों को अपने काम को आगे बढ़ाने और भविष्य में नए तकनीकी प्रयोग करने का प्रोत्साहन मिलेगा। पटना में ऐसे आयोजनों की निरंतरता बिहार के युवाओं के लिए तकनीकी क्षेत्र में नए रास्ते खोलने में मददगार हो सकती है।
राजकुमार सिंह की रिपोर्ट
