यूपी-पंजाब में चुनाव लड़ेगी LJP(R), चिराग पासवान की तैयारी तेज, NDA में बढ़ी टेंशन

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LJP(R) की यूपी-पंजाब चुनाव तैयारी से NDA में सीट बंटवारे की चर्चा तेज

निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। LJP(R)  ने यूपी चुनाव को लेकर लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने अपनी तैयारियां तेज करने के संकेत दिए हैं। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की गतिविधियां अब बिहार से बाहर भी बढ़ रही हैं। पार्टी उत्तर प्रदेश और पंजाब के आगामी विधानसभा चुनावों में अपने उम्मीदवार उतारने की तैयारी कर रही है। साथ ही राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के भीतर सीट बंटवारे के जरिए चुनाव लड़ने की संभावना पर भी नजर है।

रिपोर्टों के मुताबिक, LJP(R) यूपी में आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने की इच्छा पहले ही जाहिर कर चुकी है। पार्टी की ओर से गठबंधन और सीट शेयरिंग पर अंतिम निर्णय आगे की राजनीतिक बातचीत के बाद होने की बात कही गई है।

यूपी और पंजाब में विस्तार की तैयारी

बिहार में अपनी राजनीतिक मौजूदगी के बाद LJP(R) अब दूसरे राज्यों में संगठन विस्तार पर ध्यान दे रही है। पार्टी की रणनीति में यूपी और पंजाब को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों राज्यों में दलित आबादी चुनावी राजनीति का एक महत्वपूर्ण सामाजिक समूह है और LJP(R) की राजनीति में रामविलास पासवान की विरासत और चिराग पासवान की नेतृत्व पहचान प्रमुख मुद्दे हैं।

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हालांकि, किन सीटों पर पार्टी चुनाव लड़ेगी और कितनी सीटों की मांग करेगी, इस पर अभी अंतिम तस्वीर सामने नहीं आई है। सीट बंटवारे का फैसला NDA के भीतर होने वाली बातचीत पर निर्भर करेगा।

यूपी में गैर-जाटव दलित वोट पर नजर

यूपी में LJP(R) की संभावित रणनीति का एक अहम हिस्सा गैर-जाटव दलित मतदाताओं तक पहुंच बनाने से जुड़ा माना जा रहा है। राज्य की राजनीति में दलित वोट लंबे समय से महत्वपूर्ण रहा है और अलग-अलग चुनावों में इसके रुझान का असर राजनीतिक समीकरणों पर पड़ता रहा है।

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पार्टी की ओर से यूपी में संगठन को मजबूत करने और अपनी राजनीतिक पहचान बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, गैर-जाटव दलित मतदाताओं के बीच पार्टी को कितना समर्थन मिलेगा, यह चुनावी मैदान में उतरने और अभियान के बाद ही स्पष्ट होगा।

यूपी में चिराग की सक्रियता बढ़ी

चिराग पासवान पिछले कुछ समय से उत्तर प्रदेश में पार्टी की गतिविधियों में सक्रिय दिखाई दे रहे हैं। जुलाई में उन्होंने यूपी में आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने की पार्टी की मंशा जाहिर की थी और राज्य इकाई को गठबंधन तथा सीट बंटवारे से जुड़े निर्णयों के लिए सक्रिय रहने की बात कही थी।

सितंबर में भी चिराग पासवान वाराणसी में NDA के प्रमुख नेताओं के साथ नजर आए। 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन से जुड़े कार्यक्रमों के दौरान वाराणसी से वडनगर तक बाइक यात्रा को हरी झंडी दिखाने के कार्यक्रम में चिराग पासवान, राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत अन्य नेता मौजूद रहे।

पंजाब में दलित वोट बैंक पर फोकस

पंजाब भी LJP(R) की संभावित चुनावी विस्तार योजना में शामिल है। राज्य में दलित आबादी का अनुपात काफी महत्वपूर्ण है और चुनावी राजनीति में यह एक प्रभावशाली सामाजिक समूह माना जाता है।

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चिराग पासवान की पार्टी पंजाब में अपने संगठन को मजबूत करने की कोशिश कर रही है। पार्टी के लिए चुनौती यह होगी कि बिहार के बाहर उसकी राजनीतिक पहचान को किस तरह स्थानीय मुद्दों और संगठनात्मक ढांचे से जोड़ा जाए।

पार्टी महासचिव ने क्या कहा?

LJP(R) के राष्ट्रीय महासचिव धीरेन्द्र कुमार मुन्ना के अनुसार, गठबंधन और सीट बंटवारे को लेकर अंतिम फैसला पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान करेंगे। उन्होंने कहा कि अगर NDA के भीतर सीटों का बंटवारा होता है तो पार्टी अपने उम्मीदवारों के साथ गठबंधन के लिए भी काम करेगी।

इस बयान से यह संकेत मिलता है कि पार्टी फिलहाल NDA के साथ चुनावी तालमेल की संभावना को खुला रख रही है। हालांकि, सीटों की संख्या या किसी विशेष विधानसभा क्षेत्र को लेकर कोई अंतिम घोषणा सामने नहीं आई है।

चिराग की नजर युवा वोटरों पर भी

दूसरे राज्यों में संगठन विस्तार की तैयारी के साथ चिराग पासवान बिहार में युवाओं के बीच भी अपनी राजनीतिक पहुंच बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। LJP(R) की ओर से 24 सितंबर को पटना में “Youth BOLE TO” कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।

इस कार्यक्रम में चिराग पासवान युवाओं और खासकर Gen-Z से सीधे संवाद करेंगे। कार्यक्रम में शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास, उद्यमिता और तकनीक जैसे विषयों पर चर्चा की योजना है।

बिहार के बाद दूसरे राज्यों पर नजर

“यूथ बोले तो” कार्यक्रम को बिहार में युवाओं के साथ पार्टी का सीधा संवाद बढ़ाने की कोशिश के रूप में देखा जा सकता है। इसके बाद यूपी और पंजाब में पार्टी की गतिविधियों पर भी नजर रहेगी।

पार्टी की चुनौती केवल चुनाव लड़ना नहीं, बल्कि दूसरे राज्यों में संगठन का विस्तार करना भी है। इसके लिए स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं की मौजूदगी, उम्मीदवारों का चयन और क्षेत्रवार सामाजिक समीकरण समझना महत्वपूर्ण होगा।

NDA में सीट शेयरिंग पर रहेगी नजर

LJP(R) के लिए आगामी चुनावों में सबसे महत्वपूर्ण सवाल सीट बंटवारे का है। पार्टी NDA का हिस्सा है और उत्तर प्रदेश तथा पंजाब में गठबंधन के साथ चुनाव लड़ने की स्थिति में सीटों का निर्धारण सहयोगी दलों के बीच बातचीत से होगा।

अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों राज्यों में NDA के भीतर LJP(R) को कितनी सीटें मिलेंगी। इसलिए फिलहाल पार्टी की तैयारी और सीटों की मांग को अलग-अलग पहलुओं के रूप में देखना होगा।

राजनीतिक विस्तार की कोशिश

LJP(R) का दूसरे राज्यों में चुनावी विस्तार पार्टी की राष्ट्रीय मौजूदगी बढ़ाने की कोशिश के रूप में सामने आ रहा है। बिहार में पार्टी की राजनीतिक गतिविधियों के साथ अब यूपी और पंजाब में संगठन को सक्रिय करने पर जोर दिया जा रहा है।

उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा विधानसभा चुनावी राज्य है, जबकि पंजाब में अलग सामाजिक और राजनीतिक समीकरण हैं। इसलिए दोनों राज्यों में एक जैसी रणनीति लागू करना पार्टी के लिए आसान नहीं होगा। उम्मीदवार चयन और स्थानीय संगठन की भूमिका यहां महत्वपूर्ण होगी।

ममता प्रकरण के बीच बदले राजनीतिक समीकरण

इसी बीच पश्चिम बंगाल में TMC के नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर चुनाव आयोग के अंतरिम आदेश ने भी क्षेत्रीय दलों की राजनीतिक पहचान और संगठनात्मक विवादों पर चर्चा बढ़ा दी है। हालांकि LJP(R) की यूपी-पंजाब चुनावी तैयारी सीधे तौर पर इस विवाद से जुड़ी नहीं है, लेकिन क्षेत्रीय दलों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान मजबूत करने का सवाल राजनीतिक विमर्श में मौजूद है।

LJP(R) के लिए अब अगला चरण संगठन विस्तार और संभावित सीटों पर चर्चा का होगा। इसके बाद यह स्पष्ट होगा कि पार्टी कितनी सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारती है और NDA के साथ उसका चुनावी तालमेल किस रूप में बनता है।

अभी सीटों पर अंतिम फैसला बाकी

फिलहाल LJP(R) ने यूपी और पंजाब में चुनावी तैयारी के संकेत दिए हैं, लेकिन उम्मीदवारों और सीटों की अंतिम सूची सामने नहीं आई है। चिराग पासवान की दोनों राज्यों में सक्रियता और पार्टी संगठन की गतिविधियां आने वाले दिनों में और बढ़ सकती हैं।

NDA के भीतर सीट शेयरिंग पर बातचीत होने के बाद ही पार्टी की वास्तविक चुनावी रणनीति स्पष्ट होगी। इसलिए फिलहाल LJP(R) की योजना को राजनीतिक विस्तार और संगठन मजबूत करने की तैयारी के तौर पर देखा जा सकता है। चुनावी मैदान में पार्टी की वास्तविक स्थिति उसके उम्मीदवारों, सीट बंटवारे और स्थानीय संगठन के आधार पर ही स्पष्ट होगी।

Nishkarsh Bharat

राज कुमार की रिपोर्ट

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