मुरासु तूफान का कहर: 35 ट्रेनें रद्द, 12 हजार लोग राहत शिविरों में; दिल्ली का AQI 605
मुरासु तूफान से आंध्र में तबाही, दिल्ली में प्रदूषण खतरनाक स्तर पर
निष्कर्ष भारत, संवाददाता (नई दिल्ली)। देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम ने एक साथ कई रंग दिखाने शुरू कर दिए हैं। दक्षिण भारत में चक्रवाती तूफान मुरासु ने आंध्र प्रदेश में भारी तबाही मचाई है। तूफान के चलते दो लोगों की मौत हुई है, जबकि 52 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में खड़ी फसलें बर्बाद हो गई हैं। रेल परिचालन पर भी इसका असर पड़ा है और 35 से ज्यादा ट्रेनें रद्द करनी पड़ी हैं। 12,230 लोगों को सुरक्षित निकालकर राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। शुरुआती आकलन में राज्य को करीब 344 करोड़ रुपये के नुकसान की बात सामने आई है।
दूसरी ओर, उत्तर भारत में मौसम तेजी से बदल रहा है। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में तापमान गिरने के साथ कोहरे ने दस्तक दे दी है। राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र में रातें ठंडी होने लगी हैं, जबकि बिहार में दिन में धूप और रात में हल्की ठंड का दौर जारी रहने का अनुमान है। दिल्ली में प्रदूषण ने चिंता बढ़ा दी है। बुधवार सुबह राजधानी का AQI 605 तक पहुंचने की खबर है। ऐसे में देश के अलग-अलग राज्यों में कहीं तूफान, कहीं ठंड और कहीं जहरीली हवा लोगों की परेशानी बढ़ा रही है।
मुरासु तूफान से आंध्र प्रदेश में भारी नुकसान
आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में चक्रवाती तूफान मुरासु ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। तेज हवाओं और भारी बारिश के कारण कई जिलों में जलभराव की स्थिति बनी। खेतों में खड़ी फसलें पानी में डूब गईं और कई जगह पेड़ तथा बिजली के खंभे उखड़ गए। शुरुआती सरकारी आकलन के मुताबिक, 52,459 हेक्टेयर में फसलों को नुकसान पहुंचा है। 312 मकान भी प्रभावित हुए हैं।
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तूफान से प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन ने 12,230 लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में पहुंचाया है। शुरुआती अनुमान में करीब 344 करोड़ रुपये के नुकसान की बात कही गई है। कृष्णा, बापटला और नंदयाल समेत कई इलाके तूफान से प्रभावित बताए गए हैं।
मुरासु के कारण रेल और सड़क यातायात प्रभावित
चक्रवात का असर सिर्फ खेतों और घरों तक सीमित नहीं रहा। तेज बारिश और खराब मौसम के कारण रेल परिचालन भी बाधित हुआ है। 35 से अधिक ट्रेनें रद्द की गई हैं, जबकि कई ट्रेनों के मार्ग बदले गए और कुछ को पुनर्निर्धारित करना पड़ा। राष्ट्रीय राजमार्गों पर भी कई जगह वाहन फंसे रहे। खराब दृश्यता और तेज हवाओं के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, बुधवार को भी आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में भारी बारिश की आशंका जताई गई है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और समुद्र तट तथा जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है।
दिल्ली में प्रदूषण खतरनाक स्तर पर, AQI 605
दिल्ली में बुधवार सुबह हवा की गुणवत्ता ने चिंता बढ़ा दी। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, सुबह 7:41 बजे राजधानी का कुल AQI 605 दर्ज किया गया। इंडिया गेट के आसपास भी वायु गुणवत्ता सूचकांक 414 तक पहुंचने की जानकारी दी गई है। यह स्तर गंभीर प्रदूषण की स्थिति को दर्शाता है।
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राजधानी में धुंध और प्रदूषित हवा के कारण लोगों को सांस लेने में परेशानी हो सकती है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। सुबह और शाम के समय खुले में लंबे वक्त तक रहने से बचना बेहतर होगा। हालांकि, अलग-अलग निगरानी केंद्रों और माप प्रणालियों के आंकड़ों में अंतर हो सकता है।
उत्तर प्रदेश में 4 डिग्री तक गिरा पारा, कोहरे की चादर
उत्तर प्रदेश में मौसम ने करवट ले ली है। बीते 24 घंटों में कई इलाकों के तापमान में करीब 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई है। सुबह और शाम ठंड का एहसास बढ़ने लगा है। बुधवार सुबह लखनऊ, वाराणसी, मुरादाबाद, बिजनौर और हापुड़ समेत 10 से अधिक जिलों में कोहरा छाया रहा।
मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के दौरान पूर्वांचल के कुछ जिलों में बारिश की संभावना जताई है। बारिश और बादलों की स्थिति के कारण तापमान में और बदलाव देखने को मिल सकता है। फिलहाल लोगों को सुबह के समय यात्रा करते हुए कम दृश्यता का ध्यान रखने की जरूरत है।
राजस्थान के शेखावाटी में बढ़ी ठंड
राजस्थान में रात के तापमान में गिरावट के साथ सर्दी का असर तेज होने लगा है। शेखावाटी क्षेत्र के कई इलाकों में न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है। सीकर और फतेहपुर में रात के समय माउंट आबू जैसी ठंड महसूस की जा रही है।
उदयपुर और चित्तौड़गढ़ के आसपास भी रात में तापमान गिरने से ठिठुरन बढ़ी है। मौसम के इस बदलाव के साथ सुबह और देर रात बाहर निकलने वालों को गर्म कपड़ों की जरूरत महसूस होने लगी है।
मध्य प्रदेश में मुरासु का असर, पांच जिलों में बारिश के आसार
चक्रवाती तूफान मुरासु का असर मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में भी देखने को मिल रहा है। मंगलवार को कई जिलों में आसमान में बादल छाए रहे। कुछ जगह बूंदाबांदी और तेज हवाओं की स्थिति बनी। मौसम केंद्र के मुताबिक, बुधवार से तूफान का प्रभाव कमजोर पड़ने की संभावना है, लेकिन राज्य के पांच जिलों में बारिश हो सकती है।
अगले चार दिनों में तापमान में गिरावट आने का अनुमान है। इससे खासकर रात के समय ठंड बढ़ सकती है। मौसम में बदलाव के बीच किसानों और यात्रियों को स्थानीय पूर्वानुमान पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
बिहार में ठंड की दस्तक, फिलहाल सामान्य रहेगा मौसम
बिहार में नवंबर की शुरुआत के साथ सुबह और रात के तापमान में हल्की गिरावट महसूस होने लगी है। हालांकि, फिलहाल राज्य में मौसम सामान्य रहने का अनुमान है। दिन में धूप निकलने से गर्मी का हल्का असर बना रहेगा, जबकि रात में हल्की ठंड महसूस होगी।
दक्षिण भारत में मुरासु तूफान की गतिविधियों के बीच बिहार के मौसम पर भी लोगों की नजर है। फिलहाल उपलब्ध पूर्वानुमान में राज्य में तूफान के सीधे प्रभाव से बड़े बदलाव का संकेत नहीं है। ऐसे में अगले कुछ दिनों तक दिन और रात के तापमान में सामान्य अंतर बना रह सकता है।
हरियाणा और पंजाब में प्रदूषण की चिंता
हरियाणा में रात के तापमान में गिरावट जारी है, लेकिन दिन में गर्मी का असर बना हुआ है। प्रदेश में गुरुग्राम का न्यूनतम तापमान 14.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि हिसार में अधिकतम तापमान 32.5 डिग्री रहा। दूसरी तरफ, राज्य के 12 शहरों में प्रदूषण का असर देखने को मिला। इनमें पांच शहरों की हवा बेहद खराब रही और सात शहरों का AQI 200 से ऊपर दर्ज किया गया।

पंजाब और चंडीगढ़ में 4 नवंबर को मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के मुताबिक, 9 नवंबर तक बारिश की संभावना नहीं है और दीपावली पर भी मौसम साफ रह सकता है। पिछले 24 घंटों में अधिकतम तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की गई। फरीदकोट में सबसे अधिक 32.8 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। वहीं खन्ना में AQI 262 तक पहुंचने से प्रदूषण की चिंता बनी हुई है।
हिमाचल और उत्तराखंड में फिलहाल बारिश के आसार नहीं
हिमाचल प्रदेश में अगले छह दिनों तक मौसम साफ रहने का अनुमान है। 9 नवंबर तक किसी भी जिले में बारिश या बर्फबारी की संभावना नहीं जताई गई है। ऊना में अधिकतम तापमान 34.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने से दिन में गर्मी का असर बना हुआ है। साफ मौसम के कारण लोगों को फिलहाल ठंड से कुछ राहत मिल सकती है।
उत्तराखंड में भी 11 नवंबर तक मौसम शुष्क रहने का पूर्वानुमान है। पहाड़ी इलाकों में धुंध और सुबह-शाम ठंडी हवाएं चल सकती हैं। उत्तरकाशी में एवलांच की घटना में दो लोगों की मौत की खबर है। पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम और बर्फ से जुड़ी परिस्थितियों को देखते हुए सतर्कता जरूरी है।
कुल मिलाकर, देश में मौसम का मिजाज अलग-अलग क्षेत्रों में अलग तस्वीर दिखा रहा है। आंध्र प्रदेश में मुरासु तूफान से राहत और पुनर्वास की चुनौती है, उत्तर भारत में ठंड और कोहरा बढ़ रहा है, जबकि दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा-पंजाब में प्रदूषण लोगों के लिए चिंता का कारण बना हुआ है। आने वाले दिनों में मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखना जरूरी होगा।
राजकुमार सिंह की रिपोर्ट
