NEET UG 2026: बिहार के 35 जिलों में 150+ केंद्र, 1.60 लाख अभ्यर्थी देंगे परीक्षा; NTA की सख्त गाइडलाइन जारी
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। National Testing Agency (NTA) द्वारा आयोजित इस परीक्षा में इस साल पूरे देश से करीब 23 लाख छात्र शामिल हो रहे हैं। बिहार में भी परीक्षा को लेकर व्यापक इंतजाम किए गए हैं, जहां 35 जिलों में 150 से अधिक परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर लगभग 1.60 लाख अभ्यर्थी अपनी किस्मत आजमाएंगे।
परीक्षा का आयोजन देश के 552 शहरों और विदेश के 14 शहरों में किया जा रहा है। यह परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:20 बजे तक एक ही पाली में आयोजित होगी। NTA ने इस बार परीक्षा को पारदर्शी, नकलमुक्त और व्यवस्थित बनाने के लिए कई अहम बदलाव लागू किए हैं।
समय से केंद्र पर पहुंचना अनिवार्य
NTA ने सभी अभ्यर्थियों के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। छात्रों को परीक्षा शुरू होने से कम से कम दो घंटे पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंचना होगा। देर से आने वाले अभ्यर्थियों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
परीक्षा केंद्र पर एडमिट कार्ड और एक वैध फोटो पहचान पत्र ले जाना अनिवार्य होगा। इसके बिना किसी भी छात्र को परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स पर पूरी तरह रोक
परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए NTA ने किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया है। मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस या अन्य कोई भी गैजेट परीक्षा केंद्र के अंदर ले जाने की अनुमति नहीं होगी।
इसके अलावा, भारी आभूषण पहनने पर भी रोक लगाई गई है ताकि सुरक्षा जांच में किसी तरह की परेशानी न हो।
बायोमेट्रिक में दिक्कत पर भी नहीं रुकेगी परीक्षा
इस बार NTA ने छात्रों को राहत देते हुए एक अहम फैसला लिया है। यदि किसी तकनीकी कारण से बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन पूरा नहीं हो पाता है, तब भी छात्र को परीक्षा देने से नहीं रोका जाएगा।

ऐसी स्थिति में अभ्यर्थी को एक लिखित अंडरटेकिंग देना होगा, जिसके बाद उसे परीक्षा हॉल में प्रवेश की अनुमति मिल जाएगी। यह कदम छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
ड्रेस कोड में बड़ी राहत
NEET UG 2026 में इस बार ड्रेस कोड को लेकर छात्रों को राहत दी गई है। अभ्यर्थी हल्के और आरामदायक कपड़े पहनकर परीक्षा दे सकते हैं। फुल स्लीव्स और ऊनी कपड़ों की भी अनुमति दी गई है, जो पहले कई बार विवाद का कारण बनते थे।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हिजाब, कड़ा या कृपाण पहनने वाले छात्रों को भी परीक्षा देने की अनुमति होगी। हालांकि, ऐसे अभ्यर्थियों को जांच प्रक्रिया के लिए कम से कम एक घंटा पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंचना होगा।
छात्र पारदर्शी पानी की बोतल साथ ले जा सकते हैं। जूते-चप्पल के मामले में स्लीपर्स या कम हील वाले सैंडल पहनने की सलाह दी गई है।
बिहार में MBBS सीटों का गणित
बिहार में NEET UG 2026 के जरिए 12 सरकारी और 10 निजी मेडिकल कॉलेजों में 2680 से अधिक MBBS सीटों पर दाखिला होगा। इन सीटों में से 85 प्रतिशत पर काउंसिलिंग BCECEB द्वारा आयोजित की जाएगी।
यह आंकड़ा राज्य के मेडिकल शिक्षा ढांचे के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहां हर साल लाखों छात्र सीमित सीटों के लिए प्रतिस्पर्धा करते हैं।
पटना में सबसे अधिक परीक्षा केंद्र
राजधानी पटना में इस बार सबसे अधिक परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। कुल 150 केंद्रों में से 96 केंद्र पटना में ही स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों पर लगभग 85 हजार अभ्यर्थी परीक्षा देंगे, जो राज्य में सबसे बड़ा आंकड़ा है।

पटना में बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों को देखते हुए प्रशासन ने ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष योजना बनाई है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
परीक्षा को नकलमुक्त बनाने के लिए सभी केंद्रों पर जैमर और सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसके साथ ही प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।
NTA का उद्देश्य किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, पेपर लीक या अनुचित गतिविधियों को पूरी तरह रोकना है। पिछले वर्षों में हुए विवादों को देखते हुए इस बार निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।
परीक्षा पैटर्न: पूरी तरह ऑब्जेक्टिव
NEET UG 2026 परीक्षा पूरी तरह ऑब्जेक्टिव होगी। इसमें कुल 180 प्रश्न पूछे जाएंगे:
- फिजिक्स: 45 प्रश्न
- केमिस्ट्री: 45 प्रश्न
- बायोलॉजी: 90 प्रश्न
परीक्षा कुल 720 अंकों की होगी। प्रत्येक सही उत्तर के लिए 4 अंक दिए जाएंगे, जबकि गलत उत्तर पर नेगेटिव मार्किंग लागू होगी।
NTA की छात्रों से अपील
NTA ने सभी अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे परीक्षा से जुड़ी सभी गाइडलाइन का पालन करें और किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचें। एजेंसी ने छात्रों से शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से परीक्षा देने की भी अपील की है।

NEET UG 2026 न केवल छात्रों के करियर के लिए अहम परीक्षा है, बल्कि देश के मेडिकल सेक्टर के भविष्य को भी तय करती है। ऐसे में परीक्षा की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है।
बिहार समेत पूरे देश में किए गए व्यापक इंतजाम यह दर्शाते हैं कि इस बार परीक्षा को लेकर प्रशासन और एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं। अब नजर इस बात पर रहेगी कि परीक्षा कितनी सफलतापूर्वक और निष्पक्ष तरीके से संपन्न होती है।
पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट
