छठ पर पटना के घाटों की सुरक्षा मजबूत, होगी डबल बैरिकेडिंग, गहरे पानी में लगेंगे नेट
पटना में छठ घाटों की सुरक्षा के लिए डबल बैरिकेडिंग, नेट और अलग प्रवेश-निकास रास्ते बनेंगे। नगर आयुक्त ने 52 गंगा घाटों का निरीक्षण किया।
निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। पटना में छठ महापर्व को लेकर गंगा घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की तैयारी तेज हो गई है। श्रद्धालुओं को गहरे पानी में जाने से रोकने के लिए घाटों पर बांस-बल्ले से डबल लेयरिंग और क्रॉस बैरिकेडिंग की जाएगी। बैरिकेडिंग के साथ नेट भी लगाए जाएंगे, ताकि अर्घ्य देने के दौरान कोई श्रद्धालु अनजाने में खतरनाक जलक्षेत्र की ओर न पहुंच सके। इसके अलावा भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रवेश और निकासी के रास्ते अलग-अलग बनाए जाएंगे।
छठ महापर्व के दौरान पटना के गंगा घाटों पर लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में घाटों पर सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और सुविधाओं की व्यवस्था प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होती है। खासकर कच्चे घाटों पर गंगा के जलस्तर में उतार-चढ़ाव, दलदली जमीन और मिट्टी के कटाव के कारण दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। इसी को ध्यान में रखते हुए पटना नगर निगम ने इस बार सुरक्षा इंतजामों को लेकर विशेष तैयारी शुरू की है।
छठ घाटों पर डबल बैरिकेडिंग से रोकी जाएगी भीड़
नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने निर्देश दिया है कि गंगा घाटों पर बांस-बल्ले से डबल लेयरिंग के साथ क्रॉस बैरिकेडिंग कराई जाए। खासकर कच्चे घाटों पर इस व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाएगी। बैरिकेडिंग में नेट लगाने का भी निर्देश दिया गया है, ताकि श्रद्धालु निर्धारित सुरक्षित सीमा से आगे न जा सकें।
निष्पक्ष ख़बर देखिये हमारे यूट्यूब चैनल पर: NDA में गठबंधन का सियासी खेल?JDU की सीट पर BJP का कब्जा
घाटों पर प्रवेश और निकासी के लिए अलग-अलग रास्ते बनाए जाएंगे। इसका उद्देश्य यह है कि एक ही रास्ते पर लोगों की भीड़ जमा न हो और आने-जाने के दौरान धक्का-मुक्की की स्थिति पैदा नहीं हो। छठ के दौरान व्रती और उनके परिजनों के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु घाटों पर पहुंचते हैं। ऐसे में अलग रास्ते होने से भीड़ को व्यवस्थित करने और आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद मिलेगी।
नगर आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सुरक्षा से जुड़े सभी जरूरी काम छठ महापर्व शुरू होने से पहले पूरे कर लिए जाएं।
52 गंगा घाटों का नगर आयुक्त ने किया निरीक्षण
छठ की तैयारियों का जायजा लेने के लिए नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने पथरी घाट से दीदारगंज बालू घाट तक कुल 52 गंगा घाटों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने घाटों की मौजूदा स्थिति, गंगा के जलस्तर, बैरिकेडिंग, पहुंच पथ और श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि प्रत्येक घाट की स्थिति का आकलन कर सुरक्षा से जुड़े जरूरी इंतजाम समय पर पूरे किए जाएं। जिन घाटों पर पानी की गहराई अधिक है या जहां मिट्टी का कटाव हुआ है, वहां विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।
खबरें हमारे फेसबुक पर भी, लगातार खबरों के लिए फेसबुक से जुड़े
निरीक्षण के दौरान नरकट घाट, लोहरवा घाट, हनुमान घाट, जजेज घाट और कंटाही घाट समेत कई स्थानों पर पिछले दो दिनों में गंगा का जलस्तर बढ़ने की जानकारी सामने आई। इसे देखते हुए नगर आयुक्त ने पानी की गहराई का आकलन कराने और जलस्तर पर लगातार नजर रखने का निर्देश दिया।
छठ से पहले खतरनाक जगहों पर होगी लाल कपड़े से घेराबंदी
गंगा का जलस्तर बढ़ने और घाटों की भौगोलिक स्थिति बदलने के कारण कुछ स्थानों पर खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में नगर आयुक्त ने निर्देश दिया है कि नहाय-खाय से पहले सभी संवेदनशील और दुर्घटना संभावित जगहों की पहचान कर लाल कपड़े से घेराबंदी की जाए।
नगर निगम की ओर से बिजली के खंभों, गड्ढों और दलदली हिस्सों को भी चिह्नित किया जा रहा है। इन स्थानों को लाल कपड़े से घेरकर श्रद्धालुओं को पहले से सतर्क किया जाएगा। इसका उद्देश्य यह है कि अंधेरे में या भीड़ के बीच किसी को खतरनाक जगह का अंदाजा न होने के कारण दुर्घटना का सामना न करना पड़े।
प्रशासन की कोशिश है कि घाटों पर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों तक सीमित रखा जाए और किसी भी संभावित खतरे की जानकारी स्पष्ट रूप से मिल सके।
टेढ़ी घाट पर बदली गई छठ घाट की जगह
निरीक्षण के दौरान अजीमाबाद अंचल के टेढ़ी घाट पर पहले से चिह्नित स्थल दलदली पाया गया। जमीन की स्थिति को देखते हुए वहां छठ घाट को एक पिलर आगे स्थानांतरित करने का फैसला लिया गया है। इससे श्रद्धालुओं को दलदली हिस्से में जाने से बचाया जा सकेगा।
नगर आयुक्त ने टेढ़ी घाट, महाराज घाट और केशव घाट के पहुंच पथ को बिहार राज्य सड़क विकास निगम (बीएसआरडीसी) की ओर से निर्माणाधीन सड़क से जोड़ने का निर्देश दिया है। इससे श्रद्धालुओं को घाट तक पहुंचने में आसानी होगी और रास्ते में होने वाली परेशानियां कम होंगी।
छठ के दौरान घाटों तक पहुंचने के लिए सुगम रास्ता होना बेहद जरूरी है। खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के लिए खराब या कीचड़ भरे रास्ते परेशानी का कारण बन सकते हैं। इसलिए पहुंच पथ को दुरुस्त करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
गाय घाट पर निर्माण एजेंसी को मशीनें हटाने का निर्देश
गाय घाट के पास महात्मा गांधी सेतु के समानांतर पुल का निर्माण कार्य चल रहा है। निर्माण कार्य के कारण घाट क्षेत्र में मशीनें और अन्य उपकरण मौजूद हैं। छठ महापर्व के दौरान श्रद्धालुओं को पर्याप्त जगह उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नगर आयुक्त ने संबंधित निर्माण एजेंसी को घाट क्षेत्र से मशीनें और उपकरण हटाने का निर्देश दिया है।
निर्देश के अनुसार, छठ महापर्व संपन्न होने के बाद निर्माण एजेंसी दोबारा अपना काम शुरू कर सकेगी। फिलहाल प्राथमिकता घाट क्षेत्र को श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक बनाना है।
कच्चे घाटों पर गड्ढों की मरम्मत और रास्तों की सफाई
निरीक्षण के दौरान कई कच्चे घाटों पर मिट्टी के कटाव से बड़े-बड़े गड्ढे बनने की समस्या सामने आई। इसके अलावा कुछ जगहों पर घाट तक पहुंचने वाले रास्तों पर गाद और मिट्टी जमा मिली। इससे श्रद्धालुओं के फिसलने और चोटिल होने का खतरा बना रहता है।

नगर आयुक्त ने अभियंताओं को निर्देश दिया है कि गड्ढों की मरम्मत, जरूरत के अनुसार सीढ़ियों का निर्माण और पहुंच पथ को सुगम बनाने का काम प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। घाटों पर जमा मिट्टी और गाद हटाने के साथ आने-जाने वाले रास्तों को भी व्यवस्थित किया जाएगा।
पक्के घाटों पर भी चल रहा है छठ की तैयारी का काम
कच्चे घाटों के साथ-साथ पक्के घाटों को भी छठ महापर्व के लिए तैयार किया जा रहा है। बाढ़ के बाद जमा हुई गाद को हटाने और घाटों की सफाई का काम जारी है। इसके अलावा पोर्टिको सहित अन्य संरचनाओं की रंगाई-पुताई भी कराई जा रही है।
नगर निगम का प्रयास है कि छठ के दौरान श्रद्धालुओं को साफ-सुथरे घाट, सुरक्षित रास्ते और बेहतर बुनियादी सुविधाएं मिलें। घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था के साथ साफ-सफाई और रोशनी की उपलब्धता भी महत्वपूर्ण होगी।
छठ पर सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन प्रशासन की प्राथमिकता
पटना में छठ महापर्व केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि बड़े स्तर पर जनभागीदारी वाला पर्व है। लाखों लोग एक साथ गंगा घाटों पर पहुंचते हैं। ऐसे में छोटी-सी लापरवाही भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। गंगा के जलस्तर में बदलाव, कच्चे घाटों की स्थिति और निर्माण कार्य जैसी चुनौतियों को देखते हुए इस बार नगर निगम सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दे रहा है।
डबल बैरिकेडिंग, नेट, अलग प्रवेश-निकास मार्ग, खतरनाक स्थानों की घेराबंदी और घाटों तक बेहतर पहुंच की व्यवस्था इसी तैयारी का हिस्सा है। अब सबसे महत्वपूर्ण यह होगा कि निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों को समय पर जमीन पर उतारा जाए। छठ से पहले सभी घाटों की दोबारा जांच और सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिहाज से अहम होगी।
राजकुमार सिंह की रिपोर्ट
