पटना में नगर निगम ड्राइवरों का प्रदर्शन, एक महीने से वेतन नहीं, खूब हुआ हंगामा
पटना नगर निगम के ड्राइवरों का प्रदर्शन, एक महीने से वेतन नहीं मिला
निष्कर्ष भारत, संवाददाता ( पटना)। राजधानी पटना में नगर निगम की सफाई व्यवस्था से जुड़े डोर-टू-डोर कचरा उठाव के ड्राइवरों ने वेतन भुगतान में देरी को लेकर प्रदर्शन किया। कंकड़बाग अंचल में बड़ी संख्या में ड्राइवर और संबंधित कर्मचारी जुटे और बकाया वेतन जल्द जारी करने की मांग की। कर्मचारियों का कहना है कि करीब एक महीने से उन्हें वेतन नहीं मिला है। समय पर भुगतान नहीं होने के कारण परिवार का खर्च चलाने में परेशानी हो रही है।
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने निगम प्रशासन और संबंधित एजेंसी के खिलाफ नारेबाजी की। ड्राइवरों का कहना है कि कई बार वेतन भुगतान का आश्वासन दिया जाता है, लेकिन निर्धारित तारीख आने के बाद भी भुगतान टाल दिया जाता है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द वेतन नहीं मिला तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
कंकड़बाग में ड्राइवरों ने नहीं निकालीं गाड़ियां
जानकारी के अनुसार, कंकड़बाग अंचल में डोर-टू-डोर कचरा उठाव के लिए तैनात ड्राइवरों ने अपनी मांग को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने कचरा उठाव के लिए गाड़ियां नहीं निकालीं। इससे इलाके की सफाई व्यवस्था पर भी असर पड़ने की स्थिति बन गई।
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का कहना था कि वे लगातार निगम की गाड़ियों का संचालन कर रहे हैं और शहर की सफाई व्यवस्था को बनाए रखने में अपनी भूमिका निभा रहे हैं। इसके बावजूद समय पर वेतन नहीं मिलने से उन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।
कर्मचारियों ने निगम प्रशासन से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने और बकाया राशि का भुगतान कराने की मांग की।
एक महीने से वेतन नहीं मिलने का आरोप
प्रदर्शन में शामिल ड्राइवरों ने आरोप लगाया कि उन्हें पिछले एक महीने से वेतन नहीं मिला है। उनका कहना है कि हर बार भुगतान को लेकर आश्वासन मिलता है, लेकिन वेतन मिलने की तारीख आने पर किसी न किसी कारण से भुगतान कुछ और दिनों के लिए टाल दिया जाता है।
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ड्राइवर पिंटू कुमार ने बताया कि वर्ष 2018 में मौर्य कास्ट एजेंसी के आने के बाद से वेतन भुगतान को लेकर इसी तरह की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने एजेंसी पर कर्मचारियों के साथ मनमानी करने और दबाव बनाने का आरोप लगाया।
पिंटू कुमार के अनुसार, उन्हें प्रतिदिन के हिसाब से करीब 472 रुपये की मजदूरी बनती है। उनका दावा है कि कई बार भुगतान 15 से 20 दिन की देरी से किया जाता है। इस वजह से कर्मचारियों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
अगस्त की हड़ताल के बाद मिला था आश्वासन
ड्राइवरों ने बताया कि अगस्त में पटना नगर निगम के कर्मचारियों की हड़ताल के दौरान भी वेतन और अन्य मांगों को लेकर आश्वासन दिया गया था। उस समय कर्मचारियों को भरोसा दिलाया गया था कि उनकी समस्याओं का समाधान किया जाएगा और वेतन समय पर मिलेगा।
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प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का कहना है कि आश्वासन मिलने के बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। इस बार भी वेतन भुगतान में देरी होने के बाद कर्मचारियों का गुस्सा सामने आया है।
ड्राइवरों का कहना है कि वेतन में देरी का सीधा असर उनके परिवार पर पड़ता है। रोजमर्रा के खर्च, बच्चों की पढ़ाई, घर का राशन और अन्य जरूरी जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो जाता है।
अधिकारियों के आश्वासन के बाद इंतजार
प्रदर्शन के बीच कर्मचारियों को अधिकारियों की ओर से जल्द वेतन भुगतान का आश्वासन मिलने की बात कही गई है। कर्मचारियों के मुताबिक उन्हें बताया गया है कि दोपहर तक उनके खाते में वेतन की राशि भेज दी जाएगी।
ड्राइवरों ने कहा कि वे अधिकारियों के इस आश्वासन का इंतजार करेंगे। अगर निर्धारित समय के भीतर भुगतान नहीं हुआ तो वे दोबारा प्रदर्शन करेंगे और आंदोलन को बड़ा रूप देने पर विचार करेंगे।
कर्मचारियों की नजर वेतन भुगतान पर टिकी हुई है। भुगतान होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर आगे की कार्रवाई रोकते हैं या आंदोलन जारी रखते हैं।
ड्राइवरों की मांग, समय पर हो वेतन भुगतान
डोर-टू-डोर कचरा उठाव व्यवस्था में ड्राइवरों की भूमिका महत्वपूर्ण है। नगर निगम के वाहनों के जरिए विभिन्न इलाकों से रोजाना कचरा उठाया जाता है। ऐसे में ड्राइवरों के काम प्रभावित होने पर सफाई व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है।
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प्रदर्शनकारी कर्मचारियों की मुख्य मांग है कि बकाया वेतन का भुगतान तत्काल किया जाए और भविष्य में हर महीने तय समय पर वेतन मिले। उनका कहना है कि बार-बार भुगतान में देरी होने से कर्मचारियों के सामने आर्थिक संकट पैदा होता है।
कर्मचारियों ने निगम प्रशासन से संबंधित एजेंसी की कार्यप्रणाली की समीक्षा करने और वेतन भुगतान की व्यवस्था को नियमित करने की भी मांग की है।
वेतन विवाद से सफाई व्यवस्था पर असर की आशंका
कंकड़बाग अंचल में ड्राइवरों के प्रदर्शन के कारण कचरा उठाव प्रभावित होने की आशंका है। अगर विवाद जल्द नहीं सुलझा तो इसका असर शहर की सफाई व्यवस्था पर पड़ सकता है। हालांकि, अधिकारियों की ओर से कर्मचारियों को जल्द भुगतान का आश्वासन दिया गया है।

मामला कर्मचारियों के वेतन भुगतान और आश्वासन के स्तर पर है। ड्राइवरों ने स्पष्ट किया है कि वे तत्काल भुगतान का इंतजार कर रहे हैं। अगर भुगतान नहीं हुआ तो आगे बड़ा आंदोलन किया जा सकता है।
नगर निगम प्रशासन के सामने अब चुनौती यह है कि कर्मचारियों की वेतन संबंधी शिकायत का जल्द समाधान किया जाए, ताकि सफाई व्यवस्था बाधित न हो और कर्मचारियों में भी असंतोष कम हो।
राजकुमार सिंह की रिपोर्ट
