दुर्गा पूजा पर प्रशासन सख्त, पटना में 50 से अधिक पंडालों की जांच, मानक पूरे नहीं तो होगी कार्रवाई
पटना में दुर्गा पूजा के 50 से अधिक पंडालों की जांच हुई। अग्निशमन विभाग ने सुरक्षा कमियां दूर करने और नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
निष्कर्ष भारत, संवाददाता ( पटना)। पटना में दुर्गा पूजा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अग्निशमन विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। शुक्रवार को विभाग की टीम ने पटना शहरी क्षेत्र में 50 से अधिक पूजा पंडालों का निरीक्षण किया। इस दौरान कई पंडालों में अग्नि सुरक्षा से जुड़ी कमियां सामने आईं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित मानकों का पालन नहीं करने वाले पूजा पंडालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर कानूनी कदम भी उठाए जा सकते हैं।
फायर डीआईजी मनोज कुमार नट ने खुद डाकबंगला चौराहे और महावीर मंदिर के पास बने पूजा पंडालों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पंडाल संचालकों को सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने, बिजली के झूलते तारों को ठीक कराने और आग से बचाव के लिए जरूरी इंतजाम करने का निर्देश दिया। विभाग का कहना है कि त्योहार के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना है। ऐसे में किसी भी तरह की लापरवाही लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती है।
दुर्गा पूजा पर पटना में अग्निशमन विभाग अलर्ट
दुर्गा पूजा के दौरान राजधानी के अलग-अलग इलाकों में आकर्षक पंडाल बनाए जाते हैं। इन पंडालों में दर्शन करने के लिए शहर के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। भीड़ बढ़ने के साथ आग लगने, बिजली के तारों से हादसा होने और आपात स्थिति में लोगों को बाहर निकालने जैसी चुनौतियां भी बढ़ जाती हैं।
इन्हीं संभावित खतरों को ध्यान में रखते हुए अग्निशमन विभाग ने निरीक्षण अभियान चलाया है। शुक्रवार को पटना शहरी क्षेत्र में 50 से अधिक पंडालों की जांच की गई। अधिकारियों ने पंडालों में आग से बचाव के इंतजाम, बिजली की व्यवस्था और अन्य सुरक्षा उपायों का जायजा लिया।
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निरीक्षण के दौरान जहां कमियां मिलीं, वहां पंडाल संचालकों को उन्हें जल्द दूर करने का निर्देश दिया गया। विभाग की प्राथमिकता है कि पूजा शुरू होने से पहले या श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने से पहले सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त कर ली जाए।
50 से अधिक पूजा पंडालों में मिलीं सुरक्षा संबंधी कमियां
अग्निशमन विभाग की टीम ने निरीक्षण के दौरान कई पंडालों में सुरक्षा संबंधी कमियां देखीं। अधिकारियों ने संचालकों को स्पष्ट किया कि पूजा पंडाल बनाते समय केवल सजावट और श्रद्धालुओं की सुविधा पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है। आग से बचाव और आपात स्थिति में सुरक्षित निकासी की व्यवस्था भी उतनी ही जरूरी है।
पंडालों में इस्तेमाल होने वाली सामग्री, बिजली के तारों की स्थिति और आग बुझाने के लिए उपलब्ध साधनों पर विशेष ध्यान दिया गया। अधिकारियों ने संचालकों को निर्देश दिया कि किसी भी संभावित खतरे को नजरअंदाज नहीं किया जाए।
विभाग ने कमियां दूर करने के लिए संचालकों को समय दिया है। हालांकि, इसके बावजूद निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करने वाले पंडालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। फायर डीआईजी के मुताबिक, शुक्रवार शाम से नियमों का उल्लंघन करने वाले पंडालों पर कार्रवाई शुरू की जानी थी।
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इसका उद्देश्य पूजा आयोजकों को परेशान करना नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित माहौल तैयार करना है। समय रहते कमियां दूर होने से त्योहार के दौरान संभावित दुर्घटनाओं को रोकने में मदद मिल सकती है।
दुर्गा पूजा पंडालों में बिजली और सजावट पर विशेष ध्यान
निरीक्षण के दौरान फायर डीआईजी मनोज कुमार नट ने डाकबंगला चौराहे और महावीर मंदिर के पूजा पंडालों का जायजा लिया। उन्होंने पंडाल संचालकों को बिजली के झूलते तारों को दुरुस्त कराने का निर्देश दिया। खुले या अव्यवस्थित बिजली के तार लोगों के संपर्क में आने पर हादसे का कारण बन सकते हैं। इसके अलावा बिजली से जुड़ी खराबी आग लगने का जोखिम भी बढ़ा सकती है।
अधिकारियों ने पंडालों में सिंथेटिक कपड़ों के इस्तेमाल से बचने की सलाह भी दी। सजावट में इस्तेमाल होने वाली सामग्री का चयन सावधानी से करना जरूरी है, क्योंकि आग लगने की स्थिति में कुछ सामग्री तेजी से आग पकड़ सकती है और धुआं फैलने का खतरा बढ़ सकता है।
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पंडाल संचालकों से कहा गया कि वे सजावट के साथ सुरक्षा को भी प्राथमिकता दें। बिजली की व्यवस्था की जांच कराएं और जहां मरम्मत की जरूरत हो, वहां समय रहते सुधार करें। श्रद्धालुओं की आवाजाही वाले रास्तों को भी सुरक्षित और व्यवस्थित रखना महत्वपूर्ण है।
आग लगने पर बचाव के लिए पानी रखने का निर्देश
अग्निशमन विभाग ने पूजा पंडालों में आग से बचाव के लिए तत्काल उपलब्ध इंतजाम करने पर जोर दिया है। फायर डीआईजी ने पंडाल संचालकों को ड्रम में पानी भरकर रखने की सलाह दी, ताकि छोटी आग लगने की स्थिति में शुरुआती स्तर पर बचाव का प्रयास किया जा सके।
हालांकि, केवल पानी के ड्रम पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। आग की प्रकृति के अनुसार सही अग्निशमन उपकरणों की जरूरत हो सकती है। खासकर बिजली से जुड़ी आग में पानी डालना खतरनाक साबित हो सकता है। ऐसे मामलों में बिजली की आपूर्ति सुरक्षित तरीके से बंद कराने और उपयुक्त अग्निशमन उपकरणों का इस्तेमाल करने की जरूरत होती है।
पंडालों में आग बुझाने के साधन उपलब्ध रखने के साथ-साथ आयोजकों और स्वयंसेवकों को आपात स्थिति में उठाए जाने वाले कदमों की जानकारी भी होनी चाहिए। यदि आग तेजी से फैलती है, तो लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना और अग्निशमन विभाग को तत्काल सूचना देना जरूरी है।
पिछले साल की तुलना में 32 प्रतिशत अधिक पंडाल
फायर डीआईजी मनोज कुमार नट ने बताया कि इस बार पिछले साल की तुलना में करीब 32 प्रतिशत अधिक पूजा पंडाल बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि दुर्गा पूजा के दौरान ग्रामीण इलाकों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पटना पहुंचने की संभावना है।
पंडालों की संख्या बढ़ने और श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी भी बढ़ गई है। राजधानी के प्रमुख चौराहों, मंदिरों और व्यस्त इलाकों में बने पंडालों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। ऐसे स्थानों पर लोगों की आवाजाही अधिक होने से आपात स्थिति में भीड़ को नियंत्रित करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

अग्निशमन विभाग का निरीक्षण अभियान इसी तैयारी का हिस्सा है। अधिकारियों का जोर है कि आयोजक पहले से सुरक्षा संबंधी कमियों को दूर करें, ताकि पूजा के दौरान किसी अप्रिय घटना की आशंका कम की जा सके।
दुर्गा पूजा में नियम तोड़ने वाले पंडालों पर होगी कार्रवाई
अग्निशमन विभाग ने साफ किया है कि जिन पंडालों में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जाएगा, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है। निरीक्षण में मिली कमियों को दूर करने का मौका दिया जा रहा है, लेकिन निर्देशों की अनदेखी करने वाले आयोजकों को राहत मिलने की संभावना कम है।
निरीक्षण अभियान में फायर डीआईजी मनोज कुमार नट के साथ डीएफओ अभिषेक कुमार और अनुमंडल अग्निशमन पदाधिकारी अजीत कुमार भी शामिल रहे। टीम ने भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में बने पंडालों की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और संचालकों को आवश्यक सुधार करने को कहा।
आने वाले दिनों में पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की संभावना है। ऐसे में आयोजकों, प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय महत्वपूर्ण होगा। पंडालों में सुरक्षित बिजली व्यवस्था, आग बुझाने के उपयुक्त साधन और आपातकालीन निकासी की तैयारी दुर्घटनाओं का जोखिम कम कर सकती है।
पटना में दुर्गा पूजा के दौरान सुरक्षा को लेकर अग्निशमन विभाग की सख्ती का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि निरीक्षण के दौरान मिली कमियों को पंडाल संचालक कितनी जल्दी दूर करते हैं और निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए विभाग आगे क्या कदम उठाता है।
राजकुमार सिंह की रिपोर्ट
