पटना में दशहरा मेले को लेकर 4 बड़े अस्पताल अलर्ट, 85 बेड तैयार, एम्बुलेंस और डॉक्टर तैनात
पटना में दशहरा मेले को देखते हुए PMCH, IGIMS, NMCH और AIIMS अलर्ट पर हैं। बेड, वेंटिलेटर, विशेषज्ञ डॉक्टर और एम्बुलेंस तैयार रखे गए हैं।
निष्कर्ष भारत, संवाददाता ( पटना)। पटना में दशहरा मेले के दौरान उमड़ने वाली भीड़ और संभावित दुर्घटनाओं को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। राजधानी के चार बड़े सरकारी अस्पतालों पीएमसीएच (PMCH), आईजीआईएमएस (IGIMS), एनएमसीएच (NMCH) और पटना एम्स (AIIMS) को अलर्ट पर रखा गया है। घायलों को तत्काल इलाज उपलब्ध कराने के लिए अस्पतालों में बेड, वेंटिलेटर, एम्बुलेंस और विशेषज्ञ डॉक्टरों की व्यवस्था की गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कुल 85 बेड और 38 वेंटिलेटर तैयार रखने की बात कही गई है। अस्पतालों को 15 से 20 अक्टूबर तक विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
दशहरा मेले में बड़ी संख्या में लोग पूजा पंडालों और दूसरे आयोजन स्थलों पर पहुंचते हैं। ऐसे में भीड़ के बीच दुर्घटना, चोट या दूसरी मेडिकल इमरजेंसी की आशंका बनी रहती है। इसी को ध्यान में रखते हुए अस्पतालों को इमरजेंसी सेवाएं मजबूत रखने, अतिरिक्त मेडिकल स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित करने और जीवनरक्षक दवाओं व सर्जिकल सामग्री का पर्याप्त इंतजाम करने को कहा गया है।
दशहरा मेले के लिए पटना के चार बड़े अस्पताल तैयार
दशहरा के दौरान किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए पीएमसीएच, आईजीआईएमएस, एनएमसीएच और पटना एम्स में विशेष व्यवस्था की गई है। दशहरा पर इन अस्पतालों में इमरजेंसी सेवाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि गंभीर रूप से घायल लोगों को बिना देरी के उपचार मिल सके।
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नेत्र रोग, हड्डी रोग, मेडिसिन, सर्जरी और त्वचा रोग विभागों के डॉक्टरों को भी सतर्क रहने को कहा गया है। जरूरत पड़ने पर संबंधित विशेषज्ञों की मदद से घायलों का इलाज किया जा सकेगा। इसके अलावा पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को भी तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
दशहरा में अस्पतालों की तैयारियों का उद्देश्य यह है कि भीड़भाड़ वाले इलाकों में कोई दुर्घटना होने पर मरीजों को इलाज के लिए भटकना न पड़े। हालांकि, अस्पतालों में उपलब्ध बेड और वेंटिलेटर की संख्या अलग-अलग संस्थानों में अलग व्यवस्था के तहत रखी गई है।
PMCH में इमरजेंसी के लिए 105 बेड और 18 से अधिक वेंटिलेटर
पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) में दशहरा के दौरान चिकित्सा व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारी की गई है। जानकारी के मुताबिक, अस्पताल में 105 इमरजेंसी बेड और 18 से अधिक वेंटिलेटर तैयार रखे गए हैं। गंभीर मरीजों के इलाज के लिए जरूरी चिकित्सा संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।
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पीएमसीएच राजधानी के प्रमुख सरकारी अस्पतालों में शामिल है। ऐसे में मेले के दौरान किसी बड़े हादसे या एक साथ कई लोगों के घायल होने की स्थिति में यहां अतिरिक्त दबाव बढ़ सकता है। इसे देखते हुए डॉक्टरों और कर्मचारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
अस्पताल में इमरजेंसी सेवाओं के सुचारु संचालन के साथ दवाओं और सर्जिकल सामग्री की उपलब्धता पर भी ध्यान दिया जा रहा है, ताकि जरूरत पड़ने पर उपचार में देरी न हो।
IGIMS में 10 बेड और 10 वेंटिलेटर आरक्षित
इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) में भी दशहरा मेले को देखते हुए विशेष व्यवस्था की गई है। यहां 10 बेड और 10 वेंटिलेटर आरक्षित रखने की जानकारी दी गई है। अस्पताल में ओपीडी सेवाएं बंद रहने की बात कही गई है, लेकिन इमरजेंसी सेवाएं 24 घंटे चालू रहेंगी।
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इसका मतलब है कि नियमित ओपीडी बंद रहने के बावजूद आपात स्थिति में मरीजों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था रहेगी। जरूरत पड़ने पर गंभीर मरीजों को तत्काल उपचार दिया जा सकेगा।

अस्पताल प्रशासन को इमरजेंसी में तैनात डॉक्टरों और कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ जरूरी चिकित्सा संसाधनों को तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।
पटना AIIMS के ट्रॉमा सेंटर में 20 अतिरिक्त बेड
पटना एम्स के ट्रॉमा सेंटर में हादसों में घायल होने वाले लोगों के इलाज के लिए 20 अतिरिक्त बेड तैयार रखे गए हैं। ट्रॉमा सेंटर के प्रभारी डॉ. अनिल कुमार के अनुसार, किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए अस्पताल तैयार है। डॉक्टरों और कर्मचारियों को सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर घायलों को तुरंत चिकित्सा सुविधा मिल सके।
यहां प्लास्टिक सर्जरी, त्वचा रोग, मेडिसिन, सर्जरी, हड्डी रोग और नेत्र रोग विशेषज्ञों की विशेष ड्यूटी लगाई गई है। हादसों में चोट की प्रकृति अलग-अलग हो सकती है, इसलिए विभिन्न विभागों के विशेषज्ञों की उपलब्धता को अहम माना जा रहा है।
ट्रॉमा सेंटर में अतिरिक्त बेड की व्यवस्था होने से दुर्घटना में घायल लोगों को तत्काल भर्ती करने में मदद मिल सकती है। गंभीर मरीजों के इलाज के लिए डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के बीच बेहतर तालमेल भी जरूरी होगा।
NMCH और दूसरे अस्पतालों को भी सतर्क रहने का निर्देश
नालंदा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (NMCH) में डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को अलर्ट रहने के लिए कहा गया है। अस्पताल की इमरजेंसी सेवाएं चालू रहेंगी और दुर्घटना में घायल लोगों को तत्काल इलाज उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
इसके अलावा न्यू गार्डिनर रोड अस्पताल और गर्दनीबाग अस्पताल को भी सतर्क किया गया है। इन अस्पतालों को जरूरत के अनुसार मरीजों को चिकित्सा सुविधा देने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
स्वास्थ्य विभाग की इस तैयारी का उद्देश्य राजधानी के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले मरीजों को समय पर इलाज उपलब्ध कराना है। इससे बड़े अस्पतालों पर अचानक बढ़ने वाले दबाव को संभालने में भी सहायता मिल सकती है।
दशहरा मेले में एम्बुलेंस रहेंगी स्टैंडबाय
दशहरा मेले के दौरान केवल अस्पतालों में ही नहीं, बल्कि एम्बुलेंस सेवाओं को लेकर भी विशेष सतर्कता बरती जा रही है। पटना के सिविल सर्जन योगेंद्र प्रसाद मंडल ने बताया कि अस्पतालों में एम्बुलेंस की एडवांस सेवा स्टैंडबाय पर रहेगी।
शहर के संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले स्थानों तथा प्रमुख चौक-चौराहों पर भी एम्बुलेंस को तैयार रखने की व्यवस्था की गई है। इससे किसी दुर्घटना या अचानक तबीयत बिगड़ने की स्थिति में मरीज को जल्द अस्पताल पहुंचाने में मदद मिल सकती है।
मेले में जाने वाले लोगों को भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सावधानी बरतने और किसी आपात स्थिति में आसपास मौजूद पुलिसकर्मियों या स्वास्थ्यकर्मियों को तुरंत सूचना देने की सलाह दी जाती है।
मेडिकल इमरजेंसी में क्या करें?
दशहरा मेले के दौरान किसी व्यक्ति के घायल होने या अचानक तबीयत बिगड़ने पर सबसे पहले नजदीकी चिकित्सा सहायता तक पहुंचने की कोशिश करें। गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को अनावश्यक रूप से हिलाने से बचें और एम्बुलेंस या स्वास्थ्यकर्मियों की मदद लें।
अस्पतालों के कंट्रोल रूम और अधिकारियों से संपर्क करने की बात कही गई है, लेकिन उपलब्ध जानकारी में संपर्क नंबर साझा नहीं किए गए हैं। इसलिए किसी अस्पताल का नंबर बिना पुष्टि के इस्तेमाल करने के बजाय संबंधित अस्पताल या स्थानीय प्रशासन के आधिकारिक माध्यम से नंबर प्राप्त करना बेहतर होगा।
पटना में दशहरा मेले के दौरान संभावित दुर्घटनाओं से निपटने के लिए अस्पतालों, डॉक्टरों और एम्बुलेंस सेवाओं को तैयार रखने की योजना बनाई गई है। इन इंतजामों की प्रभावशीलता इस बात पर निर्भर करेगी कि जरूरत पड़ने पर चिकित्सा संसाधन कितनी तेजी से उपलब्ध कराए जाते हैं।
राजकुमार सिंह की रिपोर्ट
