‘टिकट उसे मिला, जिसने पैसा दिया’, राजद के MLC सूची पर PK का दावा

MLC List पर PK का हमला

RJD की MLC सूची पर प्रशांत किशोर ने टिकट बंटवारे पर सवाल उठाए

निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। RJD MLC List को लेकर बिहार की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर होने वाले चुनाव से पहले राष्ट्रीय जनता दल ने छह सीटों के लिए अपने प्रत्याशियों के नाम घोषित कर दिए हैं। सूची सामने आने के बाद कांग्रेस के बाद अब जन सुराज पार्टी के संस्थापक और बांकीपुर से विधायक प्रशांत किशोर ने भी आरजेडी पर निशाना साधा है। उन्होंने उम्मीदवारों के चयन को लेकर पार्टी पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं।

प्रशांत किशोर ने आरजेडी की ओर से घोषित छह MLC की सूची पर तंज कसते हुए कहा कि यह सूची आरजेडी की कम और किसी दूसरी पार्टी की ज्यादा लग रही है। उन्होंने दावा किया कि सूची में ऐसे कई चेहरे हैं, जो अलग-अलग दलों से आरजेडी में आए हैं। इसी आधार पर उन्होंने आरजेडी के संगठन और जमीनी कार्यकर्ताओं को लेकर सवाल खड़े किए।

MLC चुनाव में उम्मीदवारों की सूची पर PK का तंज

बता दे की MLC की आठ सीटों पर चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों की गतिविधियां तेज हो गई हैं। आरजेडी ने सबसे पहले MLC की 6 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम सामने रखे हैं। इसके बाद उम्मीदवारों के चयन को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी शुरू हो गई हैं।

प्रशांत किशोर ने कहा कि घोषित सूची को देखने पर ऐसा लगता है कि आरजेडी के पास अपने पुराने और जमीनी कार्यकर्ताओं में से प्रत्याशी चुनने के लिए पर्याप्त विकल्प नहीं थे। उन्होंने आरोप लगाया कि सूची में कुछ ऐसे लोग शामिल हैं, जो पहले जेडीयू में रहे हैं, जबकि कुछ कांग्रेस से आरजेडी में आए हैं। इसके अलावा उन्होंने ऐसे लोगों का भी जिक्र किया, जो जन सुराज छोड़कर आरजेडी में शामिल हुए हैं।

उनका कहना था कि अलग-अलग राजनीतिक दलों से आए लोगों को टिकट दिए जाने से आरजेडी के पुराने कार्यकर्ताओं की भूमिका पर सवाल उठता है।

‘यह सूची RJD की कम, दूसरी पार्टी की ज्यादा’

प्रशांत किशोर ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान उम्मीदवारों की सूची पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें यह सूची आरजेडी की कम और किसी दूसरी पार्टी की ज्यादा लग रही है। उनके मुताबिक, उम्मीदवारों के राजनीतिक बैकग्राउंड को देखने पर यह बात साफ होती है कि कई चेहरे दूसरे दलों से आरजेडी में आए हैं।

उन्होंने इसी मुद्दे को आधार बनाकर पार्टी के संगठन पर सवाल उठाया। प्रशांत किशोर ने कहा कि अगर किसी पार्टी के पास बड़ी संख्या में सक्रिय और समर्पित कार्यकर्ता हैं, तो चुनाव के समय उन्हीं कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ाने की उम्मीद की जाती है। लेकिन आरजेडी की मौजूदा सूची को देखकर ऐसा नहीं लगता।

प्रशांत किशोर का यह बयान ऐसे समय आया है, जब बिहार में विधान परिषद चुनाव को लेकर सभी प्रमुख दल अपनी रणनीति बनाने में जुटे हैं।

MLC टिकट पर पैसे को लेकर PK का आरोप

प्रशांत किशोर ने आरजेडी के टिकट बंटवारे को लेकर सबसे तीखा हमला पैसे के मुद्दे पर किया। उन्होंने बिना तेजस्वी यादव का नाम लिए आरोप लगाया कि आरजेडी में टिकट उसे मिला, जिसने पैसा दिया।

उन्होंने कहा कि पार्टी में आम कार्यकर्ताओं को चुनावी टिकट देने की परंपरा खत्म होती जा रही है। हालांकि, यह प्रशांत किशोर का राजनीतिक आरोप है और आरजेडी की ओर से इस आरोप पर प्रतिक्रिया का उल्लेख इस बयान में नहीं है।

प्रशांत किशोर के इस बयान के बाद विधान परिषद चुनाव को लेकर राजनीतिक बहस और तेज होने के आसार हैं। खासकर उम्मीदवारों के चयन और पार्टियों में पुराने कार्यकर्ताओं की भूमिका का मुद्दा आने वाले दिनों में चुनावी चर्चा का प्रमुख हिस्सा बन सकता है।

रोहिणी आचार्य के बयान का भी किया जिक्र

प्रशांत किशोर ने अपने बयान में आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि रोहिणी आचार्य ने भी आरजेडी की ओर से घोषित उम्मीदवारों की सूची पर सवाल उठाए हैं।

प्रशांत किशोर ने रोहिणी आचार्य की प्रतिक्रिया को अपने तर्क के समर्थन में सामने रखते हुए कहा कि उम्मीदवारों की सूची को लेकर पार्टी के भीतर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, आरजेडी की ओर से उम्मीदवारों के चयन को लेकर आधिकारिक तौर पर क्या तर्क दिया गया है, यह पार्टी की ओर से सामने आने वाले अगले बयानों से स्पष्ट होगा।

जन सुराज भी MLC चुनाव में उतारेगा उम्मीदवार

प्रशांत किशोर ने इस दौरान जन सुराज पार्टी की चुनावी रणनीति का भी खुलासा किया। उन्होंने कहा कि जन सुराज बिहार विधान परिषद की सभी आठ सीटों पर चुनाव लड़ेगा। पार्टी जल्द ही अपने उम्मीदवारों के नामों की घोषणा करेगी।

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उन्होंने बताया कि अगले एक-दो दिनों में जन सुराज के प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी जाएगी। इसका मतलब है कि आने वाले दिनों में विधान परिषद चुनाव को लेकर बिहार की सियासत में मुकाबला और दिलचस्प हो सकता है।

जन सुराज के सभी आठ सीटों पर चुनाव लड़ने के ऐलान से मुकाबले का दायरा भी बढ़ने की संभावना है। अभी तक आरजेडी ने आठ में से छह सीटों पर अपने प्रत्याशियों के नाम घोषित किए हैं। ऐसे में आने वाले समय में कांग्रेस, जन सुराज और अन्य दलों की रणनीति पर भी राजनीतिक नजरें टिकी रहेंगी।

आठ MLC सीटों पर बढ़ेगा राजनीतिक मुकाबला

बिहार विधान परिषद की इन आठ सीटों के चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों के बीच गतिविधियां तेज हो चुकी हैं। आरजेडी की ओर से छह उम्मीदवारों की घोषणा के बाद जहां पार्टी अपने चुनावी समीकरण को मजबूत करने की कोशिश करेगी, वहीं विरोधी दल उम्मीदवारों के चयन को लेकर सवाल उठा रहे हैं।

प्रशांत किशोर के बयान ने इस चुनावी बहस को और धार दे दी है। उन्होंने एक तरफ आरजेडी की उम्मीदवार सूची पर सवाल उठाए, तो दूसरी तरफ जन सुराज के सभी आठ सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा भी कर दी।

अब नजर इस बात पर होगी कि जन सुराज किन चेहरों को मैदान में उतारता है और आरजेडी अपने बाकी दो उम्मीदवारों को लेकर क्या फैसला करता है। साथ ही, प्रशांत किशोर के पैसे के आधार पर टिकट देने के आरोप पर आरजेडी की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है, यह भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होगा।

फिलहाल बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर सियासी तापमान बढ़ता जा रहा है। उम्मीदवारों की घोषणा के साथ ही दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो चुका है और आने वाले दिनों में चुनावी तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

Nishkarsh Bharat

अमन कुमार की रिपोर्ट