समस्तीपुर में पुलिस का एनकाउंटर, अपराधियों से मुठभेड़ में 3 बदमाशों को मारी गोली
समस्तीपुर एनकाउंटर में पुलिस ने तीन बदमाशों को पैर में गोली मारकर गिरफ्तार किया। तीन पिस्टल और गोलियों से भरा बैग बरामद हुआ।
निष्कर्ष भारत, संवाददाता (समस्तीपुर)। बिहार के समस्तीपुर जिले में बुधवार सुबह पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हुई जिसके बाद पुलिस को एनकाउंटर की कार्रवाई करनी पड़ी। पुलिस और अपराधियों के बीच हुई मुठभेड़ में तीन बदमाशों को पैर में गोली लगी है। पुलिस ने तीनों को घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से तीन सेमी-ऑटोमेटिक पिस्टल और गोलियों से भरा बैग बरामद किया गया है। पुलिस के मुताबिक, तीनों बदमाश चर्चित दिनेश हत्याकांड में आरोपी थे और लूट व हत्या जैसी वारदातों में भी वांछित बताए जा रहे हैं।
मुठभेड़ के बाद समस्तीपुर पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि दिनेश यादव हत्याकांड में इनके अलावा और कौन-कौन लोग शामिल थे और इनके आपराधिक नेटवर्क का दायरा कितना बड़ा है।
समस्तीपुर एनकाउंटर में तीन बदमाश घायल
समस्तीपुर पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ अपराधी रीगा-परसौनी रोड पर जुटे हुए हैं। जानकारी मिलने के बाद पुलिस टीम ने बदमाशों की घेराबंदी शुरू की। समस्तीपुर पुलिस की मौजूदगी का पता चलते ही आरोपी बाइक से वहां से भागने लगे।
समस्तीपुर पुलिस के अनुसार, भागने के दौरान बदमाशों ने टीम पर फायरिंग कर दी। इसके बाद पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की। दोनों तरफ से गोलीबारी के बीच पुलिस की गोली तीन बदमाशों के पैर में लगी। घायल होने के बाद तीनों को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।
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समस्तीपुर पुलिस ने घायल आरोपियों की पहचान सुनील कुशवाहा, मणि कुमार और इंदल कुमार के रूप में की है। तीनों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया, जहां उनका उपचार कराया जा रहा है।
पुलिस पर फायरिंग के बाद हुई जवाबी कार्रवाई
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, पुलिस टीम अपराधियों को पकड़ने के लिए पहले से तैयारी में थी। घेराबंदी के दौरान आरोपियों ने पुलिस से बचने की कोशिश की। पुलिस का दावा है कि इसी दौरान बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी।
इसके बाद पुलिसकर्मियों ने मोर्चा संभाला और जवाबी फायरिंग की। कार्रवाई में तीनों आरोपियों के पैर में गोली लगी। मुठभेड़ खत्म होने के बाद पुलिस ने इलाके की तलाशी भी ली।
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घटना के बाद आसपास के क्षेत्र में भी पुलिस की सक्रियता बढ़ा दी गई। बरामद हथियारों की जांच की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि इन हथियारों का इस्तेमाल पहले किसी आपराधिक घटना में हुआ था या नहीं।
समस्तीपुर केस से जुड़े आरोपियों से पूछताछ
पुलिस के मुताबिक, समस्तीपुर के मुठभेड़ में पकड़े गए तीनों बदमाश चर्चित दिनेश यादव हत्याकांड में भी आरोपी हैं। करीब दो महीने पहले कुख्यात राकेश के भाई दिनेश की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
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इस हत्याकांड के बाद से पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी थी। अब तीन संदिग्धों के पकड़े जाने के बाद जांच टीम को मामले की कड़ियां जोड़ने में मदद मिलने की उम्मीद है।
पुलिस आरोपियों से यह जानने की कोशिश कर रही है कि हत्या की साजिश में कौन-कौन शामिल था, वारदात को अंजाम देने के लिए हथियार कहां से आए और घटना के बाद आरोपियों को किसने मदद पहुंचाई।
जमीन से लेकर आपराधिक नेटवर्क तक जांच
जांच एजेंसियां आरोपियों के पुराने रिकॉर्ड को भी खंगाल रही हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इनका संपर्क किन अपराधियों से रहा है और क्या इनका कोई संगठित गिरोह भी सक्रिय है।
इसके अलावा हथियारों की सप्लाई और आपराधिक गतिविधियों से जुड़े नेटवर्क की जानकारी भी जुटाई जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी किन इलाकों में सक्रिय थे और उनके खिलाफ पहले से कितने मामले दर्ज हैं।

हालांकि, जमीन से जुड़े किसी विवाद या अन्य व्यक्तिगत कारण को लेकर अभी पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए हत्या के पीछे की वास्तविक वजह को लेकर फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
तीन पिस्टल और गोलियों से भरा बैग बरामद
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने आरोपियों के पास से तीन सेमी-ऑटोमेटिक पिस्टल बरामद की हैं। इसके अलावा गोलियों से भरा एक बैग भी मिला है। बरामद हथियारों और कारतूसों को पुलिस ने जांच के लिए सुरक्षित कर लिया है।
पुलिस अब हथियारों की जांच के साथ यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपियों के पास इतनी संख्या में हथियार कैसे पहुंचे। इसके लिए हथियार सप्लाई करने वाले नेटवर्क की भी पड़ताल की जा सकती है।
दिनेश हत्याकांड की गुत्थी सुलझने की उम्मीद
तीनों आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस को दिनेश यादव हत्याकांड में अहम जानकारी मिलने की उम्मीद है। जांच टीम हत्या की पूरी साजिश, आरोपियों की भूमिका और उनके सहयोगियों का पता लगाने में जुटी है।
पुलिस के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि दिनेश की हत्या के पीछे असली वजह क्या थी और इस वारदात में कितने लोग शामिल थे। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस आगे और गिरफ्तारियां कर सकती है।
तीनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं और उनके आपराधिक रिकॉर्ड की जांच जारी है। मुठभेड़ में हथियारों की बरामदगी और दिनेश हत्याकांड से आरोपियों के कथित कनेक्शन ने मामले को और गंभीर बना दिया है। पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ इस पूरे नेटवर्क से जुड़े कई और नाम सामने आने की संभावना है।
राज कुमार की रिपोर्ट
