सासाराम में तंत्र-मंत्र में बुजुर्ग की हत्या, जंगल से शव बरामद, इलाके में मची सनसनी

सासाराम

सासाराम में बुजुर्ग की हत्या, जंगल में शव मिलने से मची सनसनी

निष्कर्ष भारत, संवाददाता (सासाराम)। सासाराम में बुजुर्ग की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। रघुनाथपुर थाना क्षेत्र के दरवना जंगल से योगेश्वर ठाकुर नामक बुजुर्ग का शव बरामद होने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। परिजनों ने आरोप लगाया है कि धारदार हथियार से हमला करने के बाद बुजुर्ग को पत्थर से भी कुचला गया। सासाराम घटना के पीछे करीब एक सप्ताह पहले हुआ ओझा-गुनी और कथित तांत्रिक गतिविधियों से जुड़ा विवाद होने की आशंका जताई जा रही है।

सूचना मिलने के बाद सासाराम पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सासाराम सदर अस्पताल भेज दिया। पुलिस का कहना है कि हत्या की वास्तविक वजह और वारदात में शामिल लोगों की पहचान जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पुराने विवाद समेत अन्य संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है।

सासाराम के जंगल में मिला बुजुर्ग का शव

परिजनों के मुताबिक योगेश्वर ठाकुर रोज की तरह पशुओं को चराने के लिए दरवना जंगल की ओर गए थे। घर से निकलने के बाद वह वापस नहीं लौटे। परिवार के लोगों ने उनकी तलाश शुरू की। इसी दौरान जंगल में उनका शव मिलने की सूचना सामने आई।

निष्पक्ष ख़बर देखिये हमारे यूट्यूब चैनल पर: क्या BJP को फिर गच्चा देने की तैयारी में नीतीश बाढ़ के बीच JDU विधायकों को क्यों बुलाया…..

सासाराम में शव मिलने की खबर फैलते ही आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। घटना की जानकारी पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची। शव की स्थिति को देखते हुए हत्या की आशंका जताई गई।

परिजनों के अनुसार शरीर पर धारदार हथियार से चोट के निशान थे। इसके अलावा पत्थर से कुचले जाने की बात भी सामने आई है। हालांकि, मौत की वास्तविक वजह और चोटों की प्रकृति की आधिकारिक पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही होगी।

सासाराम में ओझा-गुनी विवाद से जुड़ा पुराना मामला

सासाराम में परिवार का कहना है कि योगेश्वर ठाकुर और उनके पड़ोसी पाटीदार के बीच करीब एक सप्ताह पहले ओझा-गुनी को लेकर विवाद हुआ था। इस विवाद को लेकर पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई गई थी।

बताया जा रहा है कि पड़ोस में रहने वाले शीतल ठाकुर की बहू के बीमार पड़ने के बाद योगेश्वर ठाकुर के परिवार पर कथित तांत्रिक गतिविधियों से जुड़े आरोप लगाए गए थे। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया था और मारपीट भी हुई थी।

परिजनों का आरोप है कि पुराने विवाद के कारण ही योगेश्वर ठाकुर को निशाना बनाया गया हो सकता है। हालांकि, अभी तक पुलिस जांच में हत्या के पीछे यही कारण होने की पुष्टि नहीं हुई है।

सासाराम में पुराने विवाद ने बढ़ाई पुलिस की जांच

पुलिस के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि योगेश्वर ठाकुर की हत्या किसने और किस वजह से की। पुराने विवाद की जानकारी मिलने के बाद जांच का एक प्रमुख बिंदु यही मामला बना हुआ है।

खबरें हमारे फेसबुक पर भी, लगातार खबरों के लिए फेसबुक से जुड़े

पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना से पहले मृतक किन लोगों के संपर्क में थे और आखिरी बार उन्हें किसके साथ या कहां देखा गया था। जंगल में शव मिलने की परिस्थितियों को भी जांच में शामिल किया जा रहा है।

इसके अलावा पुलिस विवाद से जुड़े दोनों पक्षों के बयानों और पहले दर्ज शिकायत की जानकारी भी जुटा सकती है। इससे यह समझने में मदद मिल सकती है कि पुराने विवाद और हत्या के बीच कोई संबंध है या नहीं।

बेटे ने लगाया हत्या का आरोप

योगेश्वर ठाकुर के पुत्र नवल ठाकुर ने अपने पिता की हत्या का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि उनके पिता पशुओं को चराने के लिए जंगल गए थे और बाद में उनका शव मिला।

नवल ठाकुर के मुताबिक उनके पिता पर धारदार हथियार से हमला किया गया और पत्थर से भी कुचला गया। उन्होंने पुराने विवाद को घटना से जोड़ते हुए आशंका जताई कि इसी रंजिश के कारण हत्या की गई है।

इसे भी पढ़ें: वित्त रहित शिक्षकों के लिए खुशखबरी, सम्राट सरकार ने खोला खजाना, 461 करोड़ रुपये जारी

परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों की पुलिस जांच कर रही है। किसी व्यक्ति की संलिप्तता को लेकर अभी पुलिस की ओर से कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

तंत्र-मंत्र के आरोप की भी जांच

इस पूरे मामले में ओझा-गुनी और कथित तांत्रिक गतिविधियों का विवाद चर्चा में है। ग्रामीण क्षेत्र में किसी व्यक्ति की बीमारी या अन्य समस्या को लेकर तंत्र-मंत्र से जोड़कर आरोप लगाए जाने के बाद विवाद पैदा होने की बात सामने आई है।

हालांकि, ऐसे आरोपों की वास्तविकता की पुष्टि जांच के आधार पर ही हो सकती है। पुलिस इस पहलू को पुराने विवाद के संदर्भ में देख रही है। हत्या का कारण केवल तंत्र-मंत्र से जुड़ा था या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए सासाराम सदर अस्पताल भेज दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत के कारण और शरीर पर लगी चोटों की प्रकृति को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है।

पुलिस घटनास्थल से उपलब्ध साक्ष्यों को भी जांच का हिस्सा बना रही है। शव जंगल में किस स्थान पर मिला, वहां तक मृतक कैसे पहुंचे और वारदात किस परिस्थिति में हुई, इन सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

सासाराम पुलिस ने कहा- जांच जारी

यदुनाथपुर थानाध्यक्ष सर्वेश कुमार ने बताया कि ओझा-गुनी के मामले को लेकर पहले से विवाद की जानकारी पुलिस के पास है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

थानाध्यक्ष के मुताबिक हत्या की वजह और घटना में शामिल लोगों के बारे में जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। पुलिस पुराने विवाद के साथ-साथ अन्य संभावित कारणों को भी ध्यान में रखकर मामले की पड़ताल कर रही है।

फिलहाल इस घटना के बाद इलाके में तनाव और चर्चा का माहौल है। ग्रामीणों की नजर पुलिस जांच के अगले कदम पर है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज

योगेश्वर ठाकुर की मौत के पीछे क्या कारण था और हत्या किस परिस्थिति में हुई, इसका स्पष्ट जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। परिवार पुराने विवाद को घटना की वजह मान रहा है, जबकि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

दरवना जंगल से बुजुर्ग का शव मिलने की घटना ने स्थानीय लोगों को भी सकते में डाल दिया है। पुलिस अब घटनास्थल से मिले सुराग, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, पुराने विवाद और संबंधित लोगों के बयानों के आधार पर मामले को आगे बढ़ाएगी।

पुलिस की प्राथमिकता घटना की वास्तविक वजह का पता लगाने और वारदात में शामिल लोगों की पहचान करना है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि योगेश्वर ठाकुर की हत्या के पीछे पुराना ओझा-गुनी विवाद था या कोई अन्य कारण।

Nishkarsh Bharat

राजकुमार सिंह की रिपोर्ट

You may have missed