महाराष्ट्र में SIR में 2 करोड़ से वोटर्स के नाम कटें, ड्राफ्ट लिस्ट जारी, 30 सितंबर तक दर्ज करें आपत्ति
महाराष्ट्र SIR ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में 2 करोड़ नाम नहीं, जांचें सूची
निष्कर्ष भारत संवाददाता मुंबई।। महाराष्ट्र में SIR यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन की प्रक्रिया के तहत ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होने के बाद मतदाता सूची में बड़े बदलाव सामने आए हैं। राज्य की पिछली मतदाता सूची में दर्ज बड़ी संख्या में नाम नई ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं किए गए हैं। चुनाव अधिकारियों के अनुसार, इनमें अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डुप्लीकेट मतदाताओं के अलावा वे लोग भी शामिल हैं, जिनके एन्यूमरेशन फॉर्म प्रक्रिया के दौरान प्राप्त नहीं हो सके।
SIR के तहत तैयार की गई सूची का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाना है। महाराष्ट्र के सभी 288 विधानसभा क्षेत्रों के लिए ड्राफ्ट रोल जारी किया गया है। चुनाव अधिकारियों ने मतदाताओं से अपील की है कि वे अपना नाम ड्राफ्ट सूची में जरूर जांचें और नाम नहीं होने या किसी अन्य गलती की स्थिति में निर्धारित प्रक्रिया के तहत दावा या आपत्ति दर्ज कराएं।
SIR में लाखों नहीं, करोड़ों नामों पर बदलाव
महाराष्ट्र में SIR शुरू होने से पहले मतदाता संख्या करीब 9.78 करोड़ थी। ड्राफ्ट सूची में शामिल मतदाताओं की संख्या करीब 7.72 करोड़ बताई गई है। इस तरह करीब 2.07 करोड़ नाम ड्राफ्ट रोल में शामिल नहीं हैं।
आंकड़ों के मुताबिक ड्राफ्ट सूची में 3,95,89,905 पुरुष मतदाता, 3,75,72,570 महिला मतदाता और 3,087 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। कुल मिलाकर 7,71,65,562 मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची में मौजूद हैं।
इस बदलाव का मतलब यह नहीं है कि सभी बाहर किए गए मतदाता स्थायी रूप से मताधिकार से वंचित हो गए हैं। ड्राफ्ट सूची अंतिम मतदाता सूची नहीं होती। SIR की प्रक्रिया में दावा और आपत्ति का चरण रखा गया है, जिसमें पात्र मतदाता अपना नाम शामिल कराने या रिकॉर्ड में सुधार के लिए आवेदन कर सकते हैं।
SIR में नाम नहीं होने की क्या वजह?
चुनाव अधिकारियों की ओर से नामों को ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं किए जाने के पीछे अलग-अलग कारण बताए गए हैं। इनमें सबसे प्रमुख कारण मतदाता का अपने दर्ज पते पर नहीं मिलना है। कई मतदाता दूसरे स्थान पर चले गए हैं, जबकि कुछ मामलों में मतदाता की मृत्यु हो चुकी है।
इसके अलावा एक ही व्यक्ति का नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज होने यानी डुप्लीकेट प्रविष्टि के मामले भी सामने आते हैं। कुछ मामलों में एन्यूमरेशन फॉर्म जमा नहीं होने या प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण भी नाम ड्राफ्ट रोल में शामिल नहीं हो सका।
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महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने SIR के तहत अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डुप्लीकेट मतदाताओं की अलग सूची भी उपलब्ध कराई है। मतदाता इस सूची और ड्राफ्ट रोल में अपना नाम जांच सकते हैं।
SIR के बाद जिलों के आंकड़ों में दिखा अंतर
ड्राफ्ट मतदाता सूची में पुरुष और महिला मतदाताओं के आंकड़ों में भी जिलावार अंतर सामने आया है। नासिक और मुंबई उपनगर में पुरुष मतदाताओं की संख्या महिलाओं की तुलना में अधिक है। वहीं रत्नागिरी ऐसा जिला है जहां महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से अधिक बताई गई है।
नासिक में पुरुष और महिला मतदाताओं के बीच अंतर अपेक्षाकृत ज्यादा है। मुंबई उपनगर में भी पुरुष मतदाताओं की संख्या महिलाओं से अधिक है। इसके विपरीत रत्नागिरी में महिलाओं की संख्या पुरुषों से आगे है।
नागपुर जैसे जिलों में दोनों के बीच अंतर काफी कम है। इन आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि SIR के दौरान मतदाता सूची के आंकड़ों में जिलावार स्तर पर अलग-अलग तस्वीर सामने आई है।
नाम नहीं है तो क्या करें?
ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नाम नहीं मिलने पर मतदाता को घबराने की जरूरत नहीं है। सबसे पहले यह जांचना जरूरी है कि नाम किस कारण से ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं हुआ है। इसके बाद पात्र व्यक्ति निर्धारित प्रक्रिया के तहत दावा या आपत्ति दाखिल कर सकता है।
भारत निर्वाचन आयोग के मतदाता सेवा पोर्टल पर SIR से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध हैं। यहां मतदाता अपना नाम खोजने और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने की सुविधा प्राप्त कर सकते हैं।
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महाराष्ट्र CEO कार्यालय ने SIR से जुड़ी जानकारी के लिए मतदाता हेल्पलाइन नंबर 1950 भी उपलब्ध कराया है। इसके अलावा जिला और विधानसभा क्षेत्र के स्तर पर सहायता केंद्रों की जानकारी भी जारी की गई है।
SIR में दावा-आपत्ति का मौका अहम
ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होने के बाद दावा और आपत्ति की प्रक्रिया सबसे महत्वपूर्ण चरणों में से एक है। इसी दौरान ऐसे मतदाता अपनी पात्रता साबित कर सकते हैं जिनका नाम किसी कारण से प्रारूप सूची में नहीं आया है।
मतदाताओं को सलाह दी गई है कि वे आखिरी तारीख का इंतजार न करें। अपना नाम, पता और अन्य विवरण समय रहते जांच लेना बेहतर है। यदि नाम में गलती है या पात्र होने के बावजूद नाम सूची में नहीं है तो संबंधित निर्वाचन अधिकारी के समक्ष निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन किया जा सकता है।

SIR की प्रक्रिया में ERO यानी Electoral Registration Officer और AERO यानी Assistant Electoral Registration Officer की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। महाराष्ट्र के सभी विधानसभा क्षेत्रों के लिए निर्वाचन अधिकारियों की व्यवस्था की गई है।
अंतिम सूची से पहले कई चरण बाकी
ड्राफ्ट वोटर लिस्ट के प्रकाशन के बाद अभी प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। दावे और आपत्तियों की जांच, नोटिस और उनके निस्तारण के बाद अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
निर्वाचन आयोग की SIR समय-सारणी के अनुसार महाराष्ट्र उन राज्यों में शामिल है जहां 1 अक्टूबर 2026 को क्वालिफाइंग डेट मानकर प्रक्रिया निर्धारित की गई है। आयोग के कार्यक्रम में महाराष्ट्र के लिए ड्राफ्ट रोल, दावे-आपत्तियां, नोटिस और अंतिम सूची के अलग-अलग चरण निर्धारित किए गए हैं।
इसलिए ड्राफ्ट सूची में नाम नहीं होने को अंतिम फैसला मानना सही नहीं होगा। दावा-आपत्ति के दौरान पात्र मतदाताओं के मामलों की जांच के बाद अंतिम सूची में बदलाव संभव है।
मतदाताओं के लिए सबसे जरूरी बात
SIR के दौरान मतदाताओं के लिए सबसे जरूरी है कि वे अपने नाम की स्थिति खुद जांचें। केवल यह मान लेना पर्याप्त नहीं है कि पिछली सूची में नाम था तो नई सूची में भी जरूर रहेगा।
महाराष्ट्र CEO कार्यालय की वेबसाइट पर SIR से जुड़ी ड्राफ्ट सूची, ASDD सूची, निर्देश और अन्य जानकारी उपलब्ध कराई गई है। मतदाता अपने EPIC नंबर अथवा उपलब्ध व्यक्तिगत विवरण के आधार पर नाम की जांच कर सकते हैं।
करीब दो करोड़ नामों के ड्राफ्ट सूची से बाहर होने के कारण SIR को लेकर मतदाताओं के बीच चर्चा तेज होना स्वाभाविक है। हालांकि, इसका अंतिम असर दावा-आपत्तियों के निस्तारण और अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल सबसे अहम संदेश यही है कि महाराष्ट्र के मतदाता ड्राफ्ट सूची में अपना नाम जांचें और किसी भी तरह की गड़बड़ी होने पर तय प्रक्रिया के तहत समय पर दावा या आपत्ति दर्ज कराएं।
राज कुमार की रिपोर्ट
