सहरसा के सुपरिटेंडिंग इंजीनियर पर SVU की रेड, 4 ठिकानों पर छापेमारी, 10 लाख बरामद
सहरसा में तैनात पथ निर्माण विभाग के सुपरिटेंडिंग इंजीनियर विजय कुमार पर आय से अधिक संपत्ति के मामले में SVU की रेड। चार ठिकानों पर छापेमारी में पटना से 10 लाख रुपये बरामद।
निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने पथ निर्माण विभाग के सुपरिटेंडिंग इंजीनियर विजय कुमार के खिलाफ बड़ी छापेमारी की है। आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में एसवीयू की अलग-अलग टीमों ने बुधवार को उनके चार ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। इस कार्रवाई में पटना स्थित एक ठिकाने से करीब 10 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं। फिलहाल टीम इंजीनियर से जुड़े दस्तावेजों, संपत्ति के रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों की जांच कर रही है।
विजय कुमार वर्तमान में सहरसा में सुपरिटेंडिंग इंजीनियर के पद पर तैनात हैं। एसवीयू की टीम ने उनके सहरसा स्थित सरकारी कार्यालय और आवास के अलावा पटना तथा औरंगाबाद में भी तलाशी अभियान चलाया। पटना के दानापुर स्थित गोला रोड और महेश नगर में टीम पहुंची। वहीं, औरंगाबाद जिले के दाउदनगर स्थित उनके पैतृक आवास पर भी छापेमारी की गई।
निष्पक्ष ख़बर देखिये हमारे यूट्यूब चैनल पर: NDA में गठबंधन का सियासी खेल?JDU की सीट पर BJP का कब्जा
इस कार्रवाई के दौरान पटना में 10 लाख रुपये नकद मिलने की जानकारी सामने आई है। एसवीयू की टीमें एक साथ अलग-अलग स्थानों पर जांच कर रही हैं। छापेमारी का मुख्य उद्देश्य इंजीनियर की ज्ञात आय और उनके पास मौजूद संपत्ति के बीच संभावित अंतर से जुड़े साक्ष्य जुटाना है।
सहरसा में इंजीनियर के घर और कार्यालय पर पहुंची टीम
एसवीयू की टीम ने सहरसा में बुधवार को करीब 12 बजे कार्रवाई शुरू की। अधिकारियों की एक टीम सुपरिटेंडिंग इंजीनियर विजय कुमार के आवास पर पहुंची, जबकि दूसरी टीम उनके कार्यालय में जांच के लिए पहुंची। वहां मौजूद दस्तावेजों और संपत्ति से संबंधित रिकॉर्ड की पड़ताल की गई।
जानकारी के मुताबिक, टीम ने विजय कुमार से उनके कार्यालय में करीब 30 मिनट तक पूछताछ भी की। इस दौरान उनसे कुछ जानकारियां ली गईं। पूछताछ पूरी होने के बाद एसवीयू की टीम पटना के लिए रवाना हो गई।
सहरसा में हुई इस कार्रवाई को छापेमारी अभियान का अहम हिस्सा माना जा रहा है, क्योंकि विजय कुमार की वर्तमान तैनाती इसी जिले में है। टीम उनके कार्यालय और आवास से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रही है, ताकि आय से अधिक संपत्ति के मामले में जरूरी जानकारियां जुटाई जा सकें।
पटना में छापेमारी के दौरान 10 लाख रुपये बरामद
सहरसा के साथ-साथ एसवीयू की टीम ने पटना में भी विजय कुमार से जुड़े ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। पटना के दानापुर स्थित गोला रोड और महेश नगर में टीम पहुंची। छापेमारी के दौरान पटना में करीब 10 लाख रुपये नकद बरामद होने की जानकारी मिली है।
महेश नगर स्थित फ्लैट पर जब निगरानी की टीम पहुंची तो पता चला कि संबंधित फ्लैट विजय कुमार ने किराये पर दे रखा है। इसके बाद टीम दानापुर के गोला रोड स्थित उनके आवास पर छापेमारी करने पहुंची। वहां भी अधिकारियों ने तलाशी ली और संपत्ति से संबंधित जानकारियां जुटाईं।
खबरें हमारे फेसबुक पर भी, लगातार खबरों के लिए फेसबुक से जुड़े
फ्लैट किराये पर दिए जाने की जानकारी मिलने के बाद जांच टीम ने दूसरे ठिकाने पर कार्रवाई की। इस दौरान टीम का जोर उन दस्तावेजों और रिकॉर्ड की पड़ताल पर रहा, जिनसे इंजीनियर की संपत्ति और आय के स्रोतों के बारे में जानकारी मिल सकती है।
पटना में नकदी बरामदगी इस छापेमारी की प्रमुख जानकारी बनकर सामने आई है। हालांकि, बरामद रकम के संबंध में जांच की विस्तृत जानकारी और उसका स्रोत क्या है, इस पर आधिकारिक तौर पर आगे की स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।
औरंगाबाद के दाउदनगर स्थित पैतृक आवास पर भी छापेमारी
एसवीयू ने विजय कुमार के गृह जिले औरंगाबाद में भी कार्रवाई की। जिले के दाउदनगर स्थित उनके पैतृक आवास और संबंधित परिसरों पर टीम ने तलाशी ली। इस तरह सहरसा, पटना और औरंगाबाद में एक साथ जांच अभियान चलाया गया।

अलग-अलग टीमों को चिह्नित ठिकानों पर भेजकर दस्तावेजों और संपत्ति से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। आय से अधिक संपत्ति के मामलों में जांच एजेंसियां आमतौर पर संबंधित अधिकारी की ज्ञात आय, संपत्ति, बैंकिंग रिकॉर्ड और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर तथ्यों का मिलान करती हैं। इस मामले में भी एसवीयू की कार्रवाई का उद्देश्य इसी तरह के साक्ष्य जुटाना है।
हालांकि, छापेमारी के दौरान औरंगाबाद में क्या-क्या मिला, इसकी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है। जांच पूरी होने के बाद ही इस संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
आय से अधिक संपत्ति के मामले में जांच का दायरा बढ़ा
विजय कुमार के खिलाफ एसवीयू की यह कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति के मामले से जुड़ी है। जांच एजेंसी ने उनके वर्तमान पदस्थापन स्थल, राजधानी पटना और गृह जिले औरंगाबाद में एक साथ तलाशी अभियान चलाया। इससे जांच का दायरा एक ही स्थान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उनके अलग-अलग ठिकानों को इसमें शामिल किया गया।
किसी सरकारी अधिकारी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की जांच में यह देखा जाता है कि उसकी घोषित और ज्ञात आय के मुकाबले उसके पास कितनी संपत्ति है। इसके लिए संपत्ति से जुड़े कागजात, बैंक खातों और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की जा सकती है। जांच के दौरान मिले दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होती है।
इस मामले में पटना से 10 लाख रुपये नकद मिलने की सूचना सामने आई है। वहीं, सहरसा में इंजीनियर से पूछताछ और दाउदनगर में पैतृक आवास की तलाशी भी जांच का हिस्सा है। फिलहाल बरामद नकदी और अन्य संभावित संपत्तियों के संबंध में विस्तृत आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।
एसवीयू की कार्रवाई के बाद आगे क्या?
चार ठिकानों पर हुई छापेमारी के बाद अब जांच में मिले दस्तावेजों और संपत्ति के रिकॉर्ड का विश्लेषण अहम होगा। एसवीयू की टीम यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि संबंधित संपत्ति और नकदी के स्रोत क्या हैं तथा उनका ज्ञात आय से कोई संबंध है या नहीं।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पटना में 10 लाख रुपये नकद बरामद हुए हैं और सहरसा में विजय कुमार से करीब 30 मिनट तक पूछताछ की गई है। औरंगाबाद के दाउदनगर स्थित पैतृक परिसर में भी तलाशी अभियान चलाया गया। जांच एजेंसी की ओर से आगे की कार्रवाई और बरामदगी का पूरा ब्योरा सामने आने के बाद मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।
यह कार्रवाई अभी जांच के स्तर पर है। छापेमारी या नकदी की बरामदगी अपने आप में दोष साबित नहीं करती। मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों और संबंधित कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही तय होगा।
राजकुमार सिंह की रिपोर्ट
