खान सर को राहत: फायरिंग मामले में गिरफ्तारी पर रोक, अग्रिम जमानत याचिका पर 20 जून को होगी सुनवाई
चर्चित शिक्षाविद और खान ग्लोबल स्टडीज के संस्थापक खान सर को फायरिंग मामले में फिलहाल बड़ी राहत मिली है
पटना। चर्चित शिक्षाविद और खान ग्लोबल स्टडीज के संस्थापक खान सर को फायरिंग मामले में फिलहाल बड़ी राहत मिली है। मंगलवार को पटना सिविल कोर्ट में उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई हुई, जिसमें अदालत ने अगले आदेश तक उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी। साथ ही पुलिस को मामले की केस डायरी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा कि अगली सुनवाई या अगले आदेश तक खान सर के खिलाफ कोई कठोर अथवा दबावपूर्ण कार्रवाई नहीं की जाएगी। मामले की अगली सुनवाई 20 जून को निर्धारित की गई है।
क्या है पूरा मामला?
यह विवाद 2 जून को उस समय शुरू हुआ जब खान ग्लोबल स्टडीज परिसर के बाहर कथित तौर पर हमला और हिंसक झड़प की घटना सामने आई। इस दौरान खान सर के सुरक्षा गार्डों द्वारा फायरिंग किए जाने का वीडियो भी सामने आया, जिसके बाद मामला और गंभीर हो गया।
पुलिस ने जांच के दौरान खान सर के दो सुरक्षा गार्डों के बयान के आधार पर खान सर के खिलाफ हत्या के प्रयास (Attempt to Murder) और आर्म्स एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की। एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि खान सर ने कथित तौर पर अपने गार्डों से कहा था, “तुम गोली चलाओ, बाकी मैं देख लूंगा।”
हालांकि खान सर और उनके वकीलों ने इन आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया है कि फायरिंग पूरी तरह आत्मरक्षा में की गई थी।
अदालत में क्या दलील दी गई?
खान सर की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद कुमार महुआर ने अदालत में पक्ष रखते हुए कहा कि घटना के दौरान स्थिति अत्यंत तनावपूर्ण थी और सुरक्षा गार्डों ने केवल आत्मरक्षा के लिए गोली चलाई थी। उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति को नुकसान पहुंचाना या क्षेत्र में भय का माहौल बनाना नहीं था।
वकील ने यह भी कहा कि मामले को एकतरफा तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है, जबकि वास्तविकता यह है कि कोचिंग संस्थान और उसके कर्मचारियों पर हमला किया गया था।
सुरक्षा गार्डों की जमानत पर भी सुनवाई
इसी मामले में गिरफ्तार खान सर के दो सुरक्षा गार्ड दीपक कुमार और तालेबर सिंह की जमानत याचिका पर भी अदालत में सुनवाई हुई। दोनों को 4 जून को गिरफ्तार किया गया था।
जज अनुराग वर्मा की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पुलिस से घटना से जुड़े साक्ष्य और दस्तावेज मांगे हैं। सुनवाई के बाद अदालत ने आदेश सुरक्षित रख लिया था और उनकी जमानत पर फैसला जल्द आने की संभावना है।
ज्ञान बिंदु कोचिंग के संचालक की जमानत पर भी नजर
दूसरी ओर, इसी विवाद से जुड़े मामले में जेल में बंद ज्ञान बिंदु कोचिंग के निदेशक रौशन आनंद की जमानत याचिका पर भी फैसला आने की संभावना जताई जा रही है।
रौशन आनंद की गिरफ्तारी के विरोध में सोमवार को पटना में छात्रों ने कैंडल मार्च निकाला। प्रदर्शन में शामिल छात्रों ने रौशन आनंद के समर्थन में नारे लगाए और खान सर की गिरफ्तारी की मांग की।
कई छात्र पोस्टर लेकर सड़कों पर उतरे। पोस्टरों पर “झूठे केस में हमारा जीवन मत बर्बाद करो” और “मैं निर्दोष हूं” जैसे संदेश लिखे हुए थे। इस प्रदर्शन ने पूरे मामले को और अधिक राजनीतिक एवं सामाजिक चर्चा का विषय बना दिया है।
पुलिस की तारीफ से लेकर सवाल उठाने तक
घटना के तुरंत बाद खान सर ने पुलिस की कार्यप्रणाली की सराहना की थी। लेकिन बाद में फायरिंग का वीडियो सामने आने के बाद उनका रुख कुछ बदला हुआ दिखाई दिया।
खान सर ने कहा कि उस दिन परिसर के बाहर मारपीट हो रही थी और पुलिस समय पर नहीं पहुंच सकी थी। उन्होंने कहा कि जब तक पुलिस मौके पर नहीं पहुंची, तब तक सुरक्षा गार्डों ने आत्मरक्षा में कार्रवाई की।
उनका सवाल था कि यदि किसी सुरक्षा कर्मी की मौजूदगी का उद्देश्य लोगों की सुरक्षा करना है, तो ऐसी स्थिति में उसे क्या करना चाहिए था। उन्होंने यह भी दावा किया कि गोली किसी व्यक्ति को निशाना बनाकर नहीं चलाई गई थी।
छात्रों के बीच भावुक हुए खान सर
इस पूरे विवाद के बीच खान सर का एक और वीडियो सामने आया, जिसमें वह अपने छात्रों को घटना की जानकारी देते नजर आए। वीडियो में उन्होंने कथित सीसीटीवी फुटेज दिखाते हुए कहा कि उनके सुरक्षा गार्ड को बेरहमी से पीटा गया था और उसे जबरन ले जाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि वास्तविक मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश की जा रही है और मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी अब तक नहीं हुई है।
इस दौरान खान सर ने कोचिंग फीस का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने छात्रों से कहा कि यदि खान ग्लोबल स्टडीज बंद हो जाता है तो अगले छह महीनों में कई बड़े कोचिंग संस्थानों की फीस एक लाख से डेढ़ लाख रुपये तक पहुंच सकती है।
उन्होंने यह भी कहा कि उनका उद्देश्य केवल पैसा कमाना नहीं है, बल्कि छात्रों को कम लागत में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है।वीडियो में खान सर एक पुस्तक हाथ में लेकर छात्रों के सामने शपथ लेते हुए यह कहते नजर आए कि घटना वाले दिन वास्तव में फायरिंग हुई थी।
फिलहाल अदालत द्वारा गिरफ्तारी पर रोक लगाए जाने से खान सर को अस्थायी राहत मिली है। हालांकि मामला अभी जांच के दायरे में है और पुलिस द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले साक्ष्य तथा केस डायरी पर आगे की कानूनी प्रक्रिया निर्भर करेगी।
20 जून को होने वाली अगली सुनवाई पर सभी पक्षों की नजरें टिकी हुई हैं। यह सुनवाई तय करेगी कि खान सर को अग्रिम जमानत मिलती है या मामले में कानूनी कार्रवाई का दायरा और बढ़ता है। वहीं छात्रों, अभिभावकों और शिक्षा जगत में भी इस मामले को लेकर लगातार चर्चा जारी है।
पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट
