बिहार में 12 IPS अधिकारियों का तबादला: गृह विभाग का बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, कई अहम पदों पर नई नियुक्तियां

गृह विभाग

बिहार IPS तबादला 2026

बिहार सरकार ने पुलिस प्रशासन को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के 12 वरिष्ठ एवं युवा अधिकारियों का तबादला कर उन्हें नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। गृह विभाग (आरक्षी शाखा) द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार यह फेरबदल तत्काल प्रभाव से लागू होगा। सरकार ने संबंधित अधिकारियों को बिना विलंब अपने नए पदों पर योगदान देने का निर्देश दिया है।

इस प्रशासनिक बदलाव को राज्य की कानून-व्यवस्था, साइबर सुरक्षा, आतंकवाद निरोधक गतिविधियों, विशेष निगरानी, यातायात प्रबंधन, रेल पुलिस और बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस जैसी महत्वपूर्ण इकाइयों को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। कई अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार भी सौंपे गए हैं, जिससे विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सके।

पुलिस प्रशासन में व्यापक बदलाव

गृह विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार इस फेरबदल में पुलिस मुख्यालय से लेकर फील्ड पोस्टिंग तक कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। वरिष्ठ अधिकारियों को नई रणनीतिक जिम्मेदारियां दी गई हैं, जबकि कुछ युवा IPS अधिकारियों को भी महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर तैनात किया गया है।

राज्य सरकार का मानना है कि समय-समय पर प्रशासनिक फेरबदल से विभागीय कार्यों में गति आती है, जवाबदेही बढ़ती है और बदलती चुनौतियों के अनुरूप पुलिस व्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है। विशेष रूप से साइबर अपराध, आतंकवाद, कानून-व्यवस्था और विशेष निगरानी जैसे क्षेत्रों में अनुभवी अधिकारियों की तैनाती को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

प्रीति वर्मा को मिली नई बड़ी जिम्मेदारी

1991 बैच की वरिष्ठ IPS अधिकारी प्रीति वर्मा को महानिदेशक-सह-अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक, बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम के पद से स्थानांतरित कर महानिदेशक-सह-महासमादेष्टा, गृह रक्षा वाहिनी एवं अग्निशमन सेवाएं, बिहार नियुक्त किया गया है। यह विभाग राज्य में आपदा प्रबंधन, अग्निशमन व्यवस्था और गृह रक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों का संचालन करता है।

निर्मल कुमार आजाद को अतिरिक्त प्रभार

1994 बैच के IPS अधिकारी निर्मल कुमार आजाद, जो अब तक पुलिस महानिदेशक (प्रशिक्षण) के पद पर कार्यरत थे, उन्हें अतिरिक्त प्रभार के रूप में पुलिस महानिदेशक, मद्यनिषेध एवं राज्य उत्पाद नियंत्रण ब्यूरो की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू होने के कारण यह विभाग राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

पंकज कुमार दराद का नया दायित्व

1995 बैच के अधिकारी पंकज कुमार दराद को आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) और विशेष निगरानी इकाई के अतिरिक्त प्रभार से हटाकर अपर पुलिस महानिदेशक-सह-अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक, बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम बनाया गया है। अब वे पुलिस भवनों और बुनियादी ढांचे के विकास से जुड़े कार्यों की निगरानी करेंगे।

सुधांशु कुमार को यातायात और विशेष निगरानी की जिम्मेदारी

1996 बैच के IPS अधिकारी सुधांशु कुमार को अपर पुलिस महानिदेशक, विधि-व्यवस्था के पद से स्थानांतरित कर अपर पुलिस महानिदेशक, यातायात बनाया गया है। इसके साथ ही उन्हें विशेष निगरानी इकाई का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। राज्य में सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन को बेहतर बनाने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

ATS की कमान संभालेंगे अमृत राज

1998 बैच के IPS अधिकारी अमृत राज को साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई से स्थानांतरित कर आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) का अपर पुलिस महानिदेशक नियुक्त किया गया है। बदलते सुरक्षा परिदृश्य में ATS की भूमिका लगातार बढ़ रही है और इस नियुक्ति को रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

कासे सुहिता अनुपम को कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी

1998 बैच की वरिष्ठ अधिकारी कासे सुहिता अनुपम को अपराध अनुसंधान विभाग के कमजोर वर्ग प्रकोष्ठ से स्थानांतरित कर अपर पुलिस महानिदेशक, विधि-व्यवस्था बनाया गया है। साथ ही उन्हें अपराध अनुसंधान विभाग (कमजोर वर्ग) का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। इससे कानून-व्यवस्था और संवेदनशील मामलों की निगरानी में बेहतर समन्वय की उम्मीद जताई जा रही है।

एसटीएफ और रेल पुलिस में बदलाव

2003 बैच के IPS अधिकारी राजेश कुमार को बिहार मानवाधिकार आयोग से स्थानांतरित कर स्पेशल टास्क फोर्स (STF) का पुलिस महानिरीक्षक बनाया गया है।

वहीं, 2006 बैच के अधिकारी पंकज कुमार राज को एसटीएफ और रेल के अतिरिक्त प्रभार से हटाकर पुलिस महानिरीक्षक, रेल, बिहार की जिम्मेदारी दी गई है। राज्य में रेल सुरक्षा और अपराध नियंत्रण के लिहाज से यह महत्वपूर्ण पद माना जाता है।

इसी क्रम में 2006 बैच की IPS अधिकारी एस. प्रेमलथा को मद्यनिषेध एवं राज्य उत्पाद नियंत्रण ब्यूरो से स्थानांतरित कर बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस का पुलिस महानिरीक्षक नियुक्त किया गया है।

युवा IPS अधिकारियों को भी मिली अहम जिम्मेदारी

सरकार ने युवा अधिकारियों को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां देकर उन पर भरोसा जताया है।

2022 बैच की IPS अधिकारी गरिमा को कहलगांव (भागलपुर) में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी-2 के पद से स्थानांतरित कर बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस-9, जमालपुर का समादेष्टा बनाया गया है।

इसी बैच के अधिकारी शिवम धाकड़ को दानापुर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी-1 के पद से स्थानांतरित कर मधुबनी का पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) नियुक्त किया गया है। यह उनके करियर की महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारियों में से एक मानी जा रही है।

वहीं, 2023 बैच की IPS अधिकारी कोमल मीणा को मसौढ़ी से स्थानांतरित कर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी-2, विधि-व्यवस्था, पटना के पद पर तैनात किया गया है।

प्रशासनिक दृष्टि से क्यों महत्वपूर्ण है यह फेरबदल?

विशेषज्ञों का मानना है कि पुलिस प्रशासन में समय-समय पर किए जाने वाले तबादले न केवल कार्यक्षमता बढ़ाने में मदद करते हैं, बल्कि विभिन्न इकाइयों में नई ऊर्जा और बेहतर समन्वय भी लाते हैं। बिहार में हाल के वर्षों में साइबर अपराध, संगठित अपराध, कानून-व्यवस्था, शराबबंदी कानून के प्रभावी क्रियान्वयन और आतंकवाद निरोधक गतिविधियों को लेकर सरकार लगातार प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने पर जोर दे रही है।

इस फेरबदल में जिन विभागों में बदलाव किया गया है, वे राज्य की सुरक्षा व्यवस्था के सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण हिस्से हैं। ऐसे में अनुभवी अधिकारियों की नई तैनाती से पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाने की उम्मीद की जा रही है।

तत्काल प्रभाव से लागू होंगे आदेश

गृह विभाग की अधिसूचना के अनुसार सभी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नई जिम्मेदारी संभालने का निर्देश दिया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह प्रशासनिक आवश्यकता और विभागीय कार्यों को अधिक प्रभावी एवं परिणामोन्मुख बनाने के उद्देश्य से किया गया है।

आने वाले दिनों में इन अधिकारियों के कार्यभार संभालने के बाद राज्य के विभिन्न पुलिस संगठनों की कार्यशैली और प्राथमिकताओं में भी बदलाव देखने को मिल सकता है। सरकार को उम्मीद है कि यह प्रशासनिक फेरबदल कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के साथ-साथ पुलिस तंत्र की कार्यकुशलता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

Nishkarsh Bharat

पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट

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