गोपालगंज में 5088 लीटर शराब पर चला बुलडोजर, 82 मामलों में जब्त एक करोड़ की खेप नष्ट

गोपालगंज

गोपालगंज में 82 मामलों में जब्त 5088 लीटर देसी-विदेशी शराब पर चला बुलडोजर, करीब 1 करोड़ रुपये की खेप प्रशासन ने नष्ट की।

गोपालगंज:गोपालगंज बिहार में पूर्ण शराबबंदी के बावजूद अवैध शराब की तस्करी के खिलाफ पुलिस और उत्पाद विभाग का अभियान लगातार जारी है। इसी कड़ी में गोपालगंज गोपालगंज जिले में 5088 लीटर देसी और विदेशी शराब को बुलडोजर चलाकर नष्ट कर दिया गया। बलथरी चेक पोस्ट पर मजिस्ट्रेट और दंडाधिकारी की मौजूदगी में जेसीबी के जरिए जब्त शराब की बड़ी खेप को विनष्ट किया गया।

बताया गया कि नष्ट की गई शराब कुल 82 अलग-अलग मामलों में जब्त की गई थी। इसकी अनुमानित कीमत करीब एक करोड़ रुपये बताई जा रही है। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद सक्षम पदाधिकारी के निर्देश पर प्रशासन ने शराब को नियमानुसार नष्ट कराया।

82 मामलों में जब्त हुई थी 5088 लीटर शराब

बलथरी चेक पोस्ट पर हुई कार्रवाई में एक-दो नहीं, बल्कि कुल 82 कांडों से संबंधित शराब को नष्ट किया गया। उत्पाद विभाग और जिले के अलग-अलग थानों की पुलिस ने विभिन्न कार्रवाई के दौरान देसी और विदेशी शराब की इन खेपों को जब्त किया था।

शराब की मात्रा काफी अधिक होने के कारण इसे नष्ट करने के लिए जेसीबी की मदद ली गई। प्रशासनिक अधिकारियों और मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में शराब की बोतलों और पैकेटों को मशीन से कुचलकर पूरी तरह नष्ट किया गया।

अधिकारियों के अनुसार, जब्त शराब को नष्ट करने की प्रक्रिया नियमों के तहत पूरी की गई, ताकि जब्त की गई खेप दोबारा अवैध बाजार में नहीं पहुंच सके।

एक करोड़ रुपये के आसपास आंकी गई कीमत

प्रशासन के मुताबिक, विनष्ट की गई शराब की अनुमानित कीमत करीब एक करोड़ रुपये है। इतनी बड़ी मात्रा में शराब की जब्ती और उसके बाद विनष्टीकरण की कार्रवाई को जिले में अवैध शराब के खिलाफ चल रहे अभियान की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।

उत्पाद विभाग के अधिकारियों का कहना है कि शराबबंदी कानून के तहत लगातार कार्रवाई की जा रही है। अलग-अलग स्थानों पर वाहन जांच, गुप्त सूचना और अन्य माध्यमों से शराब की तस्करी पर नजर रखी जा रही है।

जब्त शराब को कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद नियमानुसार नष्ट किया जाता है, जिससे तस्करों के लिए जब्त माल को दोबारा हासिल करने या उसे बाजार तक पहुंचाने की कोई संभावना न रहे।

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बलथरी चेक पोस्ट पर हुई कार्रवाई

बलथरी चेक पोस्ट गोपालगंज में शराब तस्करी पर निगरानी के लिहाज से महत्वपूर्ण स्थानों में शामिल है। सीमावर्ती जिला होने के कारण गोपालगंज से बड़ी संख्या में वाहन दूसरे राज्यों की ओर आते-जाते हैं।

इसी वजह से चेक पोस्ट और सीमा से जुड़े मार्गों पर पुलिस तथा उत्पाद विभाग की निगरानी रहती है। शराब तस्कर कई बार वाहनों में अलग-अलग तरीके से शराब छिपाकर बिहार में प्रवेश करने की कोशिश करते हैं।

वाहन जांच के दौरान कई मामलों में शराब की खेप बरामद की जाती है। वहीं, गुप्त सूचना मिलने पर भी पुलिस और उत्पाद विभाग की टीमें कार्रवाई करती हैं।

उत्पाद विभाग ने क्या कहा?

उत्पाद अधीक्षक अमृतेश कुमार झा के मुताबिक जिले में अवैध शराब के खिलाफ पुलिस और उत्पाद विभाग की ओर से लगातार अभियान चलाया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि अलग-अलग मामलों में जब्त की गई शराब को सक्षम पदाधिकारी के निर्देश पर नियमानुसार नष्ट कराया गया है। बलथरी चेक पोस्ट पर मजिस्ट्रेट और दंडाधिकारी की प्रतिनियुक्ति के बीच पूरी प्रक्रिया पूरी की गई।

अधिकारी के मुताबिक, नष्ट की गई शराब की अनुमानित कीमत करीब एक करोड़ रुपये के आसपास है।

शराब तस्करों के नए-नए हथकंडों पर नजर

बिहार गोपालगंज में शराबबंदी लागू होने के बाद से शराब की अवैध तस्करी रोकना पुलिस और उत्पाद विभाग के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। तस्कर पुलिस की नजरों से बचने के लिए लगातार नए तरीके अपनाने की कोशिश करते हैं।

कभी शराब को वाहनों के अलग-अलग हिस्सों में छिपाया जाता है तो कभी सामान या अन्य वस्तुओं के बीच शराब की खेप ले जाने का प्रयास किया जाता है। कई बार छोटे वाहनों के अलावा बड़े मालवाहक वाहनों का भी इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आती रही है।

हालांकि, पुलिस और उत्पाद विभाग की लगातार जांच के चलते कई तस्करी के प्रयासों को विफल किया जाता है और शराब की खेप जब्त कर ली जाती है।

सीमावर्ती जिला होने के कारण चुनौती ज्यादा

गोपालगंज गोपालगंज बिहार का सीमावर्ती जिला है। यहां से दूसरे राज्यों से आने-जाने वाले वाहनों की संख्या काफी रहती है। ऐसे में शराब तस्करी पर पूरी तरह लगाम लगाना प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण काम है।

शराब तस्करों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए प्रमुख मार्गों और चेक पोस्ट पर वाहन जांच की जाती है। संदिग्ध वाहनों की तलाशी के साथ-साथ सूचना मिलने पर विशेष अभियान भी चलाए जाते हैं।

प्रशासन का प्रयास है कि दूसरे राज्यों से शराब की खेप बिहार में प्रवेश न कर सके और शराबबंदी कानून को प्रभावी तरीके से लागू किया जा सके।

जब्त शराब को नष्ट करने का मकसद

जब्त शराब को नष्ट करने का सबसे बड़ा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कानूनी प्रक्रिया के बाद वह दोबारा अवैध कारोबार में इस्तेमाल न हो सके। बलथरी चेक पोस्ट पर हुई कार्रवाई में भी इसी प्रक्रिया के तहत 82 मामलों में जब्त शराब को नष्ट किया गया।

जेसीबी से बोतलों और पैकेटों को कुचलकर शराब को पूरी तरह विनष्ट किया गया। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारी और मजिस्ट्रेट मौजूद रहे।

आगे भी जारी रहेगा अभियान

गोपालगंज में 5088 लीटर शराब के विनष्टीकरण की कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब पुलिस और उत्पाद विभाग शराब तस्करी के खिलाफ लगातार अभियान चला रहे हैं। प्रशासन की ओर से शराब तस्करों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रखने की बात कही जा रही है।

फिलहाल 82 मामलों में जब्त करीब एक करोड़ रुपये की शराब अब पूरी तरह नष्ट कर दी गई है। प्रशासन की इस कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि अवैध शराब की तस्करी और कारोबार पर रोक लगाने के लिए निगरानी और कार्रवाई का सिलसिला जारी है।

गोपालगंज गोपालगंज में 5088 लीटर देसी-विदेशी शराब को बुलडोजर से नष्ट किए जाने की कार्रवाई ने शराब तस्करी के खिलाफ प्रशासन की सख्ती को सामने रखा है। अब पुलिस और उत्पाद विभाग की नजर शराब तस्करी के नए तरीकों और सीमावर्ती इलाकों से होने वाली अवैध आवाजाही पर है।

Nishkarsh Bharat

पटना से कीमती कुमारी का रिपोर्ट

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