नवादा में हाईटेंशन तार बना काल, करंट लगने से बुजुर्ग की हुई मौत

नवादा में बिजली हादसे में बुजुर्ग की मौत

नवादा में 11 हजार वोल्ट तार की चपेट में बुजुर्ग की मौत

निष्कर्ष भारत, संवाददाता (नवादा)। नवादा में बिजली हादसा बुधवार को दर्दनाक घटना में बदल गया। रोह थाना क्षेत्र के गड़ुरा गांव में 11 हजार वोल्ट के टूटे बिजली तार की चपेट में आने से 68 वर्षीय राजेंद्र यादव उर्फ राजाराम यादव की मौके पर ही मौत हो गई। बताया गया कि बुजुर्ग खेती के काम से घर से निकले थे। इसी दौरान रास्ते में जमीन पर गिरे हाईटेंशन तार की चपेट में आ गए।

नवादा की इस घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण और मृतक के परिजन मौके पर पहुंचे। हादसे के बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। ग्रामीणों ने घटना को लेकर बिजली विभाग की व्यवस्था पर सवाल उठाए और जर्जर तारों को जल्द दुरुस्त करने की मांग की।

खेती के काम से निकले थे राजेंद्र यादव

स्थानीय लोगों के अनुसार, राजेंद्र यादव बुधवार को अपने घर से खेती से जुड़े काम के लिए निकले थे। इसी दौरान रास्ते में टूटकर गिरे बिजली के तार की चपेट में आ गए। तार में करंट प्रवाहित होने के कारण वह उसकी चपेट से बाहर नहीं निकल सके और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

ग्रामीणों को जब घटना की जानकारी मिली तो वे तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। इसके बाद परिजनों को भी सूचना दी गई। घटना से परिवार में मातम पसर गया। नवादा में हुई अचानक हुई मौत से गांव के लोग भी स्तब्ध हैं।

नवादा में पहले भी तार की चपेट में मरी थी गाय

मृतक के बेटे ने बिजली विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जिस पोल और तार की वजह से उनके पिता की जान गई, उसी स्थान पर कुछ समय पहले एक गाय की भी करंट लगने से मौत हो चुकी थी।

निष्पक्ष ख़बर देखिये हमारे यूट्यूब चैनल पर: क्या BJP को फिर गच्चा देने की तैयारी में नीतीश बाढ़ के बीच JDU विधायकों को क्यों बुलाया…..

परिजनों का आरोप है कि पशु की मौत के बाद भी बिजली विभाग ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। नवादा में जर्जर तार और पोल को ठीक नहीं कराया गया। अगर समय रहते बिजली व्यवस्था की मरम्मत कर दी जाती तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था।

ग्रामीणों के अनुसार, इलाके में बिजली के तार और पोल की स्थिति लंबे समय से खराब है। कई जगह तार काफी नीचे तक झूल रहे हैं तो कहीं पुराने और जर्जर पोल के सहारे बिजली की आपूर्ति हो रही है। इससे लोगों के बीच लगातार खतरा बना रहता है।

लिखित शिकायत के बाद भी कार्रवाई का आरोप

नवादा के स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि बिजली विभाग के अधिकारियों को क्षेत्र में जर्जर तार-पोल की स्थिति की जानकारी पहले से दी जाती रही है। लोगों ने मौखिक शिकायत के साथ-साथ लिखित आवेदन देकर भी व्यवस्था सुधारने की मांग की थी।

ग्रामीणों का दावा है कि शिकायतों के बावजूद समय रहते जर्जर तार को नहीं बदला गया। बुधवार को हुए हादसे के बाद लोगों का गुस्सा और बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली की आपूर्ति जरूरी है, लेकिन सुरक्षा मानकों की अनदेखी करके लोगों की जान जोखिम में नहीं डाली जा सकती।

पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा गया शव

हादसे के बाद नवादा पुलिस की प्रक्रिया पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए नवादा सदर अस्पताल लाया गया। पोस्टमार्टम की कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।

शव के गांव पहुंचने के बाद परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का कहना है कि राजेंद्र यादव रोजमर्रा की तरह खेती के काम से निकले थे। उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि रास्ते में पड़ा बिजली का तार उनकी जान ले लेगा।

नवादा में ग्रामीणों ने उठाए बिजली व्यवस्था पर सवाल

घटना के बाद गड़ुरा गांव और आसपास के इलाके के ग्रामीणों में बिजली विभाग के प्रति नाराजगी देखने को मिली। लोगों ने कहा कि यदि किसी इलाके में बिजली के तार या पोल जर्जर स्थिति में हैं तो विभाग को समय रहते उनकी मरम्मत करानी चाहिए।

ग्रामीणों का कहना है कि बिजली के टूटे तार का जमीन पर पड़े रहना किसी भी व्यक्ति के लिए गंभीर खतरा है। खासकर ग्रामीण इलाकों में लोग खेतों और रास्तों से होकर गुजरते हैं। ऐसे में यदि तार में करंट प्रवाहित हो रहा हो तो हादसा कभी भी हो सकता है।

लोगों ने जिम्मेदारी तय करने की मांग की

ग्रामीणों ने इस घटना में जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि पहले से शिकायतें मिलने के बावजूद तार और पोल को ठीक नहीं किया गया था, तो इसकी जांच होनी चाहिए।

लोगों ने संबंधित अधिकारियों से पूरे मामले की जांच कराने और लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है। साथ ही गांव में बिजली के सभी जर्जर तारों और पोल की जांच कराने की बात कही है।

जर्जर तारों को तत्काल बदलने की मांग

ग्रामीणों की मुख्य मांग है कि इलाके में लगे पुराने और जर्जर बिजली तारों को जल्द बदला जाए। जिन पोल की स्थिति खराब है, उन्हें भी दुरुस्त करने या बदलने की मांग की गई है।

लोगों का कहना है कि केवल हादसे के बाद कार्रवाई करने के बजाय बिजली विभाग को पहले से मौजूद खतरों की पहचान करनी चाहिए। इससे भविष्य में होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।

एक हादसे ने पूरे गांव को झकझोर दिया

राजेंद्र यादव की मौत ने गड़ुरा गांव के लोगों को झकझोर दिया है। एक बुजुर्ग की जान जाने के बाद ग्रामीण अब यह सवाल उठा रहे हैं कि अगर समय रहते जर्जर बिजली व्यवस्था को ठीक नहीं किया गया तो आगे भी ऐसी घटना हो सकती है।

फिलहाल शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है। ग्रामीणों की मांग है कि घटना की जांच के साथ क्षेत्र की बिजली व्यवस्था का भी निरीक्षण कराया जाए। लोगों को उम्मीद है कि हादसे के बाद विभाग जर्जर तार और पोल को दुरुस्त करने के लिए ठोस कदम उठाएगा।

Nishkarsh Bharat

अमन कुमार की रिपोर्ट