पंकज त्रिपाठी की CBFC में एंट्री, मिली बड़ी जिम्मेदारी, 18 सदस्यों की समिति में हुए शामिल
पंकज त्रिपाठी को CBFC की 18 सदस्यीय समिति में जगह मिली
निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। पंकज त्रिपाठी CBFC यानी केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड की नई 18 सदस्यीय टीम का हिस्सा बन गए हैं। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने 16 सितंबर 2026 को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड का पुनर्गठन करते हुए 18 सदस्यों की नई सूची जारी की। इस सूची में बिहार से अभिनेता पंकज त्रिपाठी और फिल्म समीक्षक विनोद अनुपम को जगह मिली है। नई समिति तत्काल प्रभाव से काम करेगी और इसका कार्यकाल तीन साल या अगले आदेश तक रहेगा।
CBFC में पंकज त्रिपाठी की एंट्री को फिल्म जगत के साथ-साथ बिहार के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पंकज त्रिपाठी लंबे समय से हिंदी सिनेमा में सक्रिय हैं, जबकि विनोद अनुपम फिल्म समीक्षा और सिनेमा से जुड़े विषयों पर अपनी पहचान रखते हैं। दोनों की मौजूदगी से बोर्ड में अभिनय और फिल्म समीक्षा से जुड़े अनुभव का प्रतिनिधित्व बढ़ा है।
CBFC की नई टीम में कौन-कौन शामिल?
केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड की नई टीम में अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े चेहरों को शामिल किया गया है। आधिकारिक सूची के मुताबिक इसमें पंकज त्रिपाठी, विनोद अनुपम, मनोज जोशी, अभिषेक जैन, रिकी केज, प्रियदर्शन, सुनील शेट्टी, हंसराज हंस, सुप्रिया यारलागड्डा, यतींद्र मिश्र, रूपाली गांगुली, प्रीति जिंटा, नीला माधब पांडा, प्रसेनजीत चटर्जी, पल्लवी जोशी, निशिगंधा वाड, वामन केंद्रे और रमेश पतंगे शामिल हैं।
नई टीम में अभिनेता, निर्देशक, निर्माता, संगीतकार, लेखक, फिल्म समीक्षक और रंगमंच से जुड़े लोगों को प्रतिनिधित्व मिला है। इस तरह बोर्ड की नई संरचना केवल फिल्म अभिनेताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि सिनेमा के अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े अनुभवों को शामिल करती है।

पंकज त्रिपाठी को मिली नई जिम्मेदारी
पंकज त्रिपाठी की पहचान हिंदी सिनेमा के चर्चित अभिनेताओं में होती है। बिहार के गोपालगंज से आने वाले अभिनेता ने फिल्मों और वेब सीरीज में अलग-अलग तरह के किरदार निभाकर अपनी अलग पहचान बनाई है। अब CBFC में उनकी भूमिका फिल्मों के सार्वजनिक प्रदर्शन से पहले प्रमाणन की प्रक्रिया से जुड़े बोर्ड के कामकाज का हिस्सा होगी।
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CBFC फिल्मों को सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए प्रमाणित करने वाली वैधानिक संस्था है। नए बोर्ड के सदस्य प्रमाणन से जुड़े मामलों में निर्धारित कानूनी और नियामकीय ढांचे के तहत अपनी भूमिका निभाएंगे।
बिहार से दो चेहरों की मौजूदगी
नई CBFC समिति में बिहार से दो नाम शामिल किए गए हैं। अभिनेता पंकज त्रिपाठी के अलावा फिल्म समीक्षक विनोद अनुपम को भी बोर्ड में जगह मिली है। बिहार के सिनेमा और फिल्म समीक्षा से जुड़े लोगों के लिए यह नियुक्ति इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि दोनों सदस्य अलग-अलग अनुभव के साथ बोर्ड का हिस्सा बने हैं।
विनोद अनुपम का नाम मंत्रालय की जारी आधिकारिक सूची में सबसे ऊपर है, जबकि पंकज त्रिपाठी भी 18 सदस्यीय बोर्ड में शामिल हैं। बिहार से जुड़े इन दोनों नामों की मौजूदगी को राज्य की फिल्म संस्कृति के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।
पंकज त्रिपाठी और क्षेत्रीय सिनेमा पर नजर
बिहार में भोजपुरी, मैथिली और अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में फिल्मों का निर्माण होता रहा है। ऐसे में राज्य से जुड़े दो लोगों के CBFC में शामिल होने के बाद क्षेत्रीय फिल्मों के प्रमाणन और प्रदर्शन से जुड़े मुद्दों पर भी ध्यान जाने की उम्मीद की जा रही है।
हालांकि, फिलहाल सरकार की ओर से बिहार में CBFC की नई इकाई खोलने को लेकर इस नियुक्ति के साथ कोई अलग आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। इसलिए इस संबंध में स्थानीय स्तर पर चल रही संभावनाओं और चर्चाओं को प्रस्ताव या प्रयास के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
फिल्म प्रमाणन में CBFC की भूमिका क्या है?
CBFC का मुख्य काम फिल्मों को सार्वजनिक प्रदर्शन से पहले प्रमाणित करना है। यह संस्था सिनेमैटोग्राफ अधिनियम और उससे जुड़े नियमों के तहत काम करती है। फिल्मों के प्रमाणन में कंटेंट की प्रकृति और निर्धारित कानूनी मानकों को ध्यान में रखा जाता है।
2024 के Cinematograph Certification Rules के तहत प्रमाणन व्यवस्था में कुछ श्रेणियों को और स्पष्ट किया गया है। नए बोर्ड के सामने फिल्मों की बदलती प्रकृति, थिएटर रिलीज, अलग-अलग भाषाओं की फिल्मों और दर्शकों से जुड़े मुद्दों पर भी काम करने की जिम्मेदारी होगी।
डिजिटल दौर में बदल गई फिल्मों की तस्वीर
आज फिल्मों का दर्शकों तक पहुंचने का माध्यम पहले की तुलना में काफी बदल गया है। सिनेमाघरों के साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म ने भी मनोरंजन उद्योग को नया विस्तार दिया है। हालांकि, CBFC की वैधानिक भूमिका मुख्य रूप से सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए फिल्मों के प्रमाणन से जुड़ी है।
विनोद अनुपम ने प्रमाणन प्रक्रिया को लेकर फिल्मों के स्वरूप और नियमों के पालन की जरूरत पर बात की है। उनके मुताबिक फिल्मों में सार्थक मनोरंजन और सकारात्मक सामाजिक संदेश जैसे पहलुओं को भी महत्व दिया जाना चाहिए। वहीं, फूहड़ता और असंसदीय भाषा जैसे विषयों पर निर्धारित प्रमाणन नियमों के अनुसार विचार किया जाता है।
नई समिति से जुड़े कई बड़े नाम
नई CBFC समिति में पंकज त्रिपाठी के अलावा प्रीति जिंटा, सुनील शेट्टी, मनोज जोशी, प्रसेनजीत चटर्जी, पल्लवी जोशी और रूपाली गांगुली जैसे कलाकार शामिल हैं। फिल्म निर्देशक प्रियदर्शन और नीला माधब पांडा, संगीतकार रिकी केज और निर्माता अभिषेक जैन भी समिति का हिस्सा हैं।
इसके अलावा लेखक यतींद्र मिश्र, फिल्म समीक्षक विनोद अनुपम और रंगमंच से जुड़े वामन केंद्रे जैसे सदस्यों को भी शामिल किया गया है। इससे बोर्ड में फिल्म उद्योग के साथ साहित्य, संगीत और थिएटर से जुड़े अनुभव भी आए हैं।
तीन साल तक रहेगी नई समिति
सरकार की अधिसूचना के मुताबिक नई CBFC समिति का कार्यकाल तत्काल प्रभाव से तीन वर्ष या अगले आदेश तक रहेगा। इसका गठन सिनेमैटोग्राफ एक्ट, 1952 और सिनेमैटोग्राफ सर्टिफिकेशन रूल्स, 2024 के तहत किया गया है।
नई समिति का गठन ऐसे समय हुआ है जब CBFC की कार्यप्रणाली और फिल्म प्रमाणन व्यवस्था को लेकर लगातार चर्चा होती रही है। PTI के अनुसार नई टीम के गठन से पहले बोर्ड की पिछली पूर्ण बैठक 29 अगस्त 2026 को हुई थी, जो करीब छह साल के अंतराल के बाद आयोजित हुई थी।
अब पंकज त्रिपाठी की भूमिका पर नजर
पंकज त्रिपाठी के CBFC में शामिल होने के बाद उनकी नई भूमिका पर फिल्म इंडस्ट्री और बिहार के दर्शकों की नजर रहेगी। अभिनेता के तौर पर लंबे अनुभव के बाद अब वह फिल्म प्रमाणन से जुड़े संस्थागत काम का हिस्सा होंगे।

नई समिति के सामने फिल्मों के प्रमाणन, बदलते कंटेंट, दर्शकों की संवेदनशीलता और अलग-अलग भाषाओं के सिनेमा से जुड़े कई विषय रहेंगे। बोर्ड के सदस्य मौजूदा कानूनी और प्रमाणन नियमों के दायरे में अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे।
बिहार के लिए भी यह नियुक्ति इसलिए चर्चा में है क्योंकि नई समिति में पंकज त्रिपाठी और विनोद अनुपम जैसे दो नाम राज्य से जुड़े हैं। अब देखना होगा कि आने वाले तीन वर्षों में नई CBFC टीम फिल्म प्रमाणन व्यवस्था से जुड़े मामलों में किस तरह अपनी भूमिका निभाती है और भारतीय सिनेमा के बदलते स्वरूप के साथ किस तरह तालमेल बैठाती है।
राजकुमार सिंह की रिपोर्ट
