पटना में LPG कनेक्शन बंद करने की तैयारी, PNG लेना अनिवार्य, इन इलाकों में चलेगा विशेष अभियान

LPG

पटना में PNG वाले इलाकों में LPG कनेक्शन पर विशेष अभियान की तैयारी

निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)।  पटना में LPG कनेक्शन को लेकर उपभोक्ताओं के लिए अहम खबर सामने आई है। राजधानी के जिन इलाकों में पाइप्ड नेचुरल गैस यानी PNG की सुविधा उपलब्ध हो चुकी है, वहां अभी तक PNG कनेक्शन के लिए रजिस्ट्रेशन नहीं कराने वाले उपभोक्ताओं पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। बिहार गेल की ओर से ऐसे क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाने की योजना है। इसके तहत लोगों को PNG कनेक्शन लेने की प्रक्रिया समझाने के साथ मौके पर ही रजिस्ट्रेशन की सुविधा भी दी जाएगी।

अधिकारियों के मुताबिक, कार्रवाई से पहले उपभोक्ताओं को पर्याप्त समय और जानकारी देने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए आवासीय सोसाइटियों में 10 दिवसीय विशेष शिविर लगाए जाने की तैयारी है। इन कैंपों में गैस उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान करने के साथ PNG कनेक्शन और गैसीफिकेशन से जुड़ी जानकारी भी दी जाएगी।

PNG वाले इलाकों में LPG पर क्यों बढ़ी सख्ती

पटना में कई इलाकों तक घरेलू PNG नेटवर्क पहुंच चुका है। पाइपलाइन के माध्यम से घरों तक गैस पहुंचने के बाद सिलेंडर आधारित LPG व्यवस्था के मुकाबले उपभोक्ताओं के लिए गैस की आपूर्ति का अलग विकल्प उपलब्ध हो जाता है। ऐसे क्षेत्रों में एक ही घर में LPG और PNG दोनों व्यवस्थाएं रखने को कम करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।

बिहार गेल के अधिकारियों के अनुसार, जिन इलाकों में PNG नेटवर्क उपलब्ध है, वहां रहने वाले उपभोक्ताओं को PNG कनेक्शन के लिए रजिस्ट्रेशन कराना होगा। यदि सुविधा उपलब्ध होने के बावजूद उपभोक्ता रजिस्ट्रेशन नहीं कराते हैं, तो उनके मौजूदा LPG कनेक्शन को ब्लॉक करने की कार्रवाई की जा सकती है।

निष्पक्ष ख़बर देखिये हमारे यूट्यूब चैनल पर: क्या BJP को फिर गच्चा देने की तैयारी में नीतीश बाढ़ के बीच JDU विधायकों को क्यों बुलाया…..

हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि पटना में सभी LPG कनेक्शन एक साथ बंद किए जा रहे हैं। कार्रवाई संबंधित इलाके में PNG की उपलब्धता और उपभोक्ता की स्थिति के आधार पर होने की बात कही गई है।

LPG उपभोक्ताओं के लिए लगेगा 10 दिन का कैंप

बिहार गेल की ओर से आवासीय सोसाइटियों में विशेष शिविर लगाने की तैयारी है। प्रस्तावित 10 दिवसीय अभियान का उद्देश्य लोगों को PNG कनेक्शन की पूरी प्रक्रिया से अवगत कराना है।

इन शिविरों में उपभोक्ताओं को बताया जाएगा कि PNG कनेक्शन के लिए क्या प्रक्रिया पूरी करनी होगी, कौन से दस्तावेज जरूरी होंगे और घर तक गैस पहुंचाने के लिए गैसीफिकेशन की प्रक्रिया कैसे होगी। उपभोक्ताओं को मौके पर ही रजिस्ट्रेशन कराने की सुविधा भी दी जा सकती है।

गेल की टीम सोसाइटी परिसर में पहुंचकर उन समस्याओं को भी समझेगी, जिनके कारण लोगों ने अभी तक PNG कनेक्शन नहीं लिया है। नेटवर्क से जुड़ी तकनीकी परेशानी या कनेक्शन प्रक्रिया में आने वाली दिक्कतों का समाधान करने का प्रयास किया जाएगा।

पटना LPG कनेक्शन ब्लॉक होने का क्या मतलब?

PNG नेटवर्क वाले इलाके में अगर किसी उपभोक्ता ने उपलब्ध सुविधा के बावजूद रजिस्ट्रेशन नहीं कराया, तो उसके LPG कनेक्शन को ब्लॉक करने की कार्रवाई की जा सकती है। लेकिन उपभोक्ताओं के लिए यह समझना जरूरी है कि ऐसी कार्रवाई का दायरा PNG सुविधा वाले क्षेत्रों तक सीमित रहने की बात कही गई है।

जिन इलाकों में अभी PNG नेटवर्क नहीं पहुंचा है, वहां रहने वाले LPG उपभोक्ताओं की स्थिति अलग होगी। इसलिए किसी भी कार्रवाई से पहले उपभोक्ताओं को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके पते पर वास्तव में PNG सुविधा उपलब्ध है या नहीं।

अधिकारियों की ओर से यह भी संकेत दिया गया है कि कार्रवाई से पहले उपभोक्ताओं को सूचना और रजिस्ट्रेशन का अवसर दिया जाएगा। ऐसे में लोगों को अफवाहों पर भरोसा करने के बजाय अपने स्थानीय गैस एजेंसी या गेल की टीम से जानकारी लेनी चाहिए।

PNG कनेक्शन मिलने के बाद LPG का क्या होगा?

जिन घरों में PNG कनेक्शन चालू हो जाएगा, वहां मौजूदा LPG कनेक्शन को निलंबित कराने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसके पीछे मुख्य उद्देश्य एक ही घर में दोहरी गैस व्यवस्था को कम करना और उपलब्ध PNG नेटवर्क का इस्तेमाल बढ़ाना बताया जा रहा है। यानी जिस घर में पाइप से गैस की नियमित आपूर्ति शुरू हो गई है, वहां LPG सिलेंडर का पुराना कनेक्शन उसी तरह जारी रखने के बजाय निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा।

LPG सिलेंडर जमा करने पर मिलेगी रसीद

उपभोक्ताओं के लिए LPG सिलेंडर जमा करने की प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण होगी। गैस एजेंसी के स्तर पर सिलेंडर जमा कराने के बाद उपभोक्ता को रसीद दिए जाने की जानकारी सामने आई है। यह रसीद भविष्य में उपयोगी हो सकती है। खासकर उन लोगों के लिए जो किराये के मकान में रहते हैं और नौकरी या अन्य कारणों से एक जगह से दूसरी जगह स्थानांतरित होते रहते हैं।

अगर किसी किराएदार का वर्तमान घर PNG नेटवर्क वाले इलाके में है और वहां PNG कनेक्शन लेने के बाद LPG सिलेंडर जमा कराया जाता है, तो भविष्य में दूसरे शहर या इलाके में जाने पर LPG कनेक्शन लेने के लिए सिलेंडर जमा करने की रसीद काम आ सकती है।

किराएदारों के लिए LPG नियम क्यों महत्वपूर्ण

पटना में बड़ी संख्या में लोग किराये के मकानों और आवासीय सोसाइटियों में रहते हैं। ऐसे उपभोक्ताओं के लिए PNG और LPG से जुड़े नियमों को समझना जरूरी होगा।

मान लीजिए कोई किराएदार ऐसे इलाके में रहता है जहां PNG की सुविधा उपलब्ध है। वह PNG कनेक्शन लेता है और इसके बाद LPG सिलेंडर जमा करा देता है। कुछ समय बाद वह ऐसे इलाके में चला जाता है जहां PNG नेटवर्क उपलब्ध नहीं है। ऐसी स्थिति में पहले जमा किए गए LPG सिलेंडर की रसीद उसके लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज बन सकती है। इसलिए सिलेंडर जमा कराने के बाद मिली रसीद को सुरक्षित रखना जरूरी होगा।

बिहार में 1.60 लाख उपभोक्ताओं को लेकर सवाल

मिली जानकारी के अनुसार बिहार में करीब 1.60 लाख ऐसे PNG उपभोक्ता बताए जा रहे हैं, जिन्होंने अब तक LPG सिलेंडर वापस नहीं किया है। यह आंकड़ा गैस व्यवस्था में बदलाव की चुनौती को भी सामने रखता है।

हालांकि, सभी उपभोक्ताओं की परिस्थितियां एक जैसी नहीं हो सकतीं। किसी इलाके में नेटवर्क पहुंच जाने के बावजूद घर तक कनेक्शन नहीं लगा हो सकता है, जबकि कुछ उपभोक्ताओं को रजिस्ट्रेशन या गैसीफिकेशन से जुड़ी परेशानी हो सकती है। इसलिए अभियान के दौरान सिर्फ कार्रवाई पर जोर देने के बजाय उपभोक्ताओं की वास्तविक समस्या का समाधान करना भी महत्वपूर्ण होगा।

उपभोक्ता पहले जांच लें अपना इलाका

पटना के LPG उपभोक्ताओं को सबसे पहले यह पता करना चाहिए कि उनके घर या सोसाइटी तक PNG नेटवर्क पहुंच चुका है या नहीं। इसके बाद संबंधित एजेंसी या बिहार गेल से PNG कनेक्शन की उपलब्धता और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया की जानकारी लेनी चाहिए।

अगर इलाके में PNG उपलब्ध है और उपभोक्ता अभी तक रजिस्ट्रेशन नहीं करा पाए हैं, तो विशेष शिविर का लाभ उठाया जा सकता है। इससे मौके पर ही आवश्यक जानकारी मिलने और आवेदन की प्रक्रिया पूरी करने में आसानी हो सकती है।

LPG उपभोक्ताओं को क्या करना चाहिए?

सबसे जरूरी बात यह है कि उपभोक्ता बिना पुष्टि के अपना LPG कनेक्शन बंद न कराएं और न ही किसी अनधिकृत व्यक्ति को दस्तावेज या पैसे दें। PNG कनेक्शन, LPG निलंबन और सिलेंडर जमा करने की प्रक्रिया अधिकृत एजेंसी या गेल की टीम से ही पूरी करानी चाहिए।

उपभोक्ताओं को अपने दस्तावेज, उपभोक्ता संख्या और कनेक्शन से जुड़े रिकॉर्ड भी सुरक्षित रखने चाहिए। अगर सिलेंडर जमा किया जाता है तो उसकी रसीद जरूर लेनी चाहिए। पटना में PNG नेटवर्क वाले इलाकों में LPG उपभोक्ताओं के लिए आने वाले दिनों में अभियान महत्वपूर्ण हो सकता है। जिन घरों तक PNG सुविधा पहुंच चुकी है, उन्हें रजिस्ट्रेशन और कनेक्शन की स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। वहीं, जिन इलाकों में अभी PNG नेटवर्क उपलब्ध नहीं है, वहां के उपभोक्ताओं को मौजूदा LPG व्यवस्था को लेकर किसी तरह की अफवाह से बचना चाहिए।

आखिरी निर्णय और कार्रवाई की वास्तविक स्थिति संबंधित क्षेत्र में जारी आधिकारिक सूचना और गेल की प्रक्रिया के आधार पर ही स्पष्ट होगी। इसलिए उपभोक्ताओं के लिए सबसे सुरक्षित तरीका यही है कि वे अपने स्थानीय PDS या गैस एजेंसी के बजाय अधिकृत LPG वितरक और बिहार गेल के आधिकारिक माध्यम से अपनी स्थिति की पुष्टि करें।

Nishkarsh Bharat

राजकुमार सिंह की रिपोर्ट

You may have missed