पटना में खुले नाले ने बढाई मुसीबत, राहगीरों को आने-जाने में हो रही दिक्कत, जलभराव में गिरे कई लोग

पटना

पटना में खुले नाले में गिरे राहगीर, लोगों ने बचाया

निष्कर्ष भारत, संवाददाता पटना। पटना के फतुहा नगर परिषद क्षेत्र में फतुहा में खुला नाला राहगीरों के लिए बड़ा खतरा बन गया। वार्ड संख्या 20 के रायपुरा इलाके में नाला सफाई के दौरान उसके ढक्कन खोलकर छोड़ दिए गए। इसी दौरान सड़क पर जलभराव इतना अधिक हो गया कि खुले नाले का गड्ढा दिखाई देना बंद हो गया। मंगलवार शाम से बुधवार सुबह तक कई राहगीर, साइकिल सवार और बाइक चालक खुले नाले में गिर गए। गनीमत रही कि आसपास मौजूद दुकानदारों और स्थानीय लोगों ने समय रहते सभी को बाहर निकाल लिया और बड़ा हादसा टल गया।

पटना-बख्तियारपुर हाईवे पर बना खतरा

घटना पटना-बख्तियारपुर स्टेट हाईवे-106 पर वी-मार्ट के समीप की है। यह इलाका लगातार जलजमाव की समस्या से जूझ रहा है। बारिश और नाले का पानी सड़क पर जमा रहने के कारण राहगीरों को पहले से ही परेशानी होती रही है। ऐसे में नाले की सफाई के लिए स्लैब हटाए जाने के बाद स्थिति और खतरनाक हो गई।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, पानी और सड़क की सतह लगभग एक जैसी दिखाई दे रही थी। पटना में खुले नाले की सही स्थिति का अंदाजा नहीं लग पाने के कारण राहगीर सीधे गड्ढे में गिरते चले गए।

पटना में सफाई के बाद बढ़ी परेशानी

रायपुरा में नाला लंबे समय से जाम बताया जा रहा है। जलनिकासी बाधित होने के कारण बारिश का पानी सड़क पर जमा हो जाता है। इसी समस्या को दूर करने के लिए नगर परिषद की ओर से मंगलवार को नाले की सफाई शुरू कराई गई।

सफाईकर्मियों ने नाले के स्लैब और ढक्कन हटा दिए, ताकि अंदर जमा गंदगी निकाली जा सके। लेकिन पानी की निकासी तत्काल नहीं होने से सड़क पर जलभराव बना रहा। खुले नाले के आसपास पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने के कारण राहगीरों के लिए खतरा पैदा हो गया।

एक के बाद एक नाले में गिरे लोग

मंगलवार शाम से बुधवार सुबह तक कई लोग इस रास्ते से गुजरते समय खुले नाले में गिर गए। इनमें पैदल राहगीरों के अलावा साइकिल और बाइक सवार भी शामिल थे। बुधवार सुबह बाइक सवार दो लोग भी पानी से भरे रास्ते से गुजरने के दौरान अचानक नाले में जा गिरे।

लोगों के गिरने की घटनाओं के बाद आसपास अफरा-तफरी मच गई। दुकानदारों और स्थानीय लोगों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर बचाव शुरू किया। लोगों ने काफी मशक्कत के बाद नाले में गिरे लोगों को बाहर निकाला।

इसे भी पढ़िए…बिहार में भारी बारिश, 3 दिन का अलर्ट; पटना भी प्रभावित, पूर्वानुमान जारी

स्थानीय लोगों की तत्परता के कारण किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है। हालांकि, लगातार हो रही घटनाओं ने नाला सफाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पटना में पहले भी हो चुके हैं हादसे

स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि रायपुरा में जलजमाव कोई नई समस्या नहीं है। सड़क पर पानी जमा होने के कारण पहले भी कई ई-रिक्शा और बाइक पलट चुके हैं। लोगों के अनुसार, जब तक नाले की सफाई और जलनिकासी की व्यवस्था स्थायी रूप से ठीक नहीं होती, तब तक इस इलाके में हादसे का खतरा बना रहेगा।

देखिये ख़बर हमारे यूट्यूब चैनल पर भी: Sanjay Singh पर इल्ज़ाम लगाने वाले अपने गिरेबान में झाँक ले,मंत्री ने कर दिया मानहानि का मुकदमा…

उनका कहना है कि नाला साफ करना जरूरी था, लेकिन ढक्कन हटाने के बाद खुले हिस्से को सुरक्षित करना भी उतना ही जरूरी था। यदि खुले नाले के आसपास बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड या संकेतक लगाए जाते तो राहगीरों को पहले से खतरे का पता चल सकता था।

सुरक्षा इंतजाम नहीं होने पर उठे सवाल

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि नाले का ढक्कन हटाने के बाद वहां पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए। पटना में जलभराव के कारण खुले नाले की पहचान करना मुश्किल था। दिन में भी स्थिति खतरनाक थी, जबकि शाम और रात के समय खतरा और बढ़ गया।

लोगों का कहना है कि ऐसे स्थानों पर सफाई कार्य के दौरान बैरिकेडिंग करना जरूरी है। खासकर मुख्य सड़क पर जहां लगातार बाइक, साइकिल और अन्य वाहन चलते हैं, वहां खुले नाले को बिना सुरक्षा घेरे के छोड़ना दुर्घटना को न्योता दे सकता है।

नगर परिषद ने कही सुरक्षा व्यवस्था की बात

फतुहा नगर परिषद के सिटी मैनेजर कुमार गौरव ने बताया कि इलाके में गंभीर जलभराव की समस्या को देखते हुए नाले की सफाई कराई जा रही थी। इसी प्रक्रिया में नाले के ढक्कन खोले गए थे।

उन्होंने कहा कि यदि इस दौरान लोगों के नाले में गिरने की घटना हुई है तो स्थिति को तत्काल संभाला जा रहा है। आगे किसी तरह की परेशानी नहीं हो, इसके लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं।

जलभराव से कब मिलेगी स्थायी राहत?

रायपुरा के लोगों के सामने अब सबसे बड़ा सवाल जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान है। नाला जाम होने के कारण बारिश का पानी सड़क पर जमा होता है और आवाजाही प्रभावित होती है। सफाई के दौरान खुले नाले ने समस्या को और गंभीर बना दिया।

स्थानीय लोगों की मांग है कि नाले की नियमित सफाई के साथ जलनिकासी की व्यवस्था बेहतर की जाए। खुले नालों पर मजबूत ढक्कन लगाए जाएं और सफाई के दौरान बैरिकेडिंग की व्यवस्था अनिवार्य की जाए।

फिलहाल स्थानीय लोगों की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया है, लेकिन घटना ने साफ कर दिया है कि जलभराव वाले इलाकों में खुले नालों को लेकर थोड़ी सी लापरवाही भी राहगीरों के लिए गंभीर खतरा बन सकती है।

Nishkarsh Bharat

अमन कुमार की रिपोर्ट