पटना में डेंगू से दूसरी मौत? हॉस्पिटल में इलाज के दौरान तोड़ा दम, 35 नए मरीज मिलें

पटना में डेंगू से युवक की मौत

पटना में डेंगू का बढ़ता प्रकोप, 8 दिन में 35 नए मरीज मिले

निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। राजधानी पटना में डेंगू का प्रकोप लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है। मंगलवार शाम कंकड़बाग के आरएन सिंह पथ स्थित एक निजी अस्पताल में 28 वर्षीय मो. खुशियाल की इलाज के दौरान मौत हो गई। वह बुद्ध मार्ग स्थित कमला नेहरू नगर का रहने वाला था। परिजनों के मुताबिक, खुशियाल करीब 20 दिनों से तेज बुखार से पीड़ित था। इलाज के दौरान उसके प्लेटलेट्स लगातार गिर रहे थे। हालांकि, उसकी मौत डेंगू संक्रमण से हुई है या किसी अन्य कारण से, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पटना में इस साल अब तक डेंगू संक्रमित मरीजों की संख्या 205 के पार पहुंच चुकी है। वहीं सितंबर के शुरुआती आठ दिनों में ही 35 नए मरीज सामने आए हैं। ऐसे में मौसम में बदलाव और बारिश के बाद बढ़ते मच्छरों के बीच डेंगू को लेकर स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है।

20 दिन से बुखार, इलाज के दौरान गिरते रहे प्लेटलेट्स

परिजनों ने बताया कि मो. खुशियाल को करीब 20 दिन पहले तेज बुखार आया था। शुरुआत में सामान्य बुखार समझकर इलाज कराया गया, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। इलाज के दौरान प्लेटलेट्स में लगातार गिरावट आने लगी। इसके बाद उसे कंकड़बाग स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां मंगलवार शाम उसकी मौत हो गई।

परिवार की ओर से डेंगू संक्रमण को मौत की वजह बताया जा रहा है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की ओर से इसकी पुष्टि नहीं की गई है। अधिकारियों के मुताबिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण का पता चल सकेगा।

पटना में डेंगू से दूसरी संदिग्ध मौत

मो. खुशियाल की मौत को राजधानी में डेंगू से जुड़ा दूसरा संदिग्ध मामला बताया जा रहा है। इससे करीब सात दिन पहले कुर्जी निवासी 30 वर्षीय इंद्रदेव की भी डेंगू संक्रमण से मौत की बात सामने आई थी।

लगातार दो संदिग्ध मौतों के बाद शहर में डेंगू को लेकर चिंता बढ़ गई है। खासकर उन इलाकों में लोगों की परेशानी ज्यादा है, जहां जलजमाव, कचरा और नियमित सफाई की समस्या बनी हुई है।

मौसम बिगड़ने के साथ कमला नेहरू नगर में बढ़ी परेशानी

मो. खुशियाल की मौत के बाद कमला नेहरू नगर के स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी गई। लोगों ने इलाके की सफाई व्यवस्था और मच्छर नियंत्रण को लेकर नगर निगम की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के बाद इलाके में कई जगह गंदा पानी जमा हो जाता है। कचरा और जलजमाव के कारण मच्छरों की संख्या भी बढ़ रही है। मौसम में नमी और आसपास जमा पानी डेंगू फैलाने वाले मच्छरों के लिए अनुकूल स्थिति पैदा कर रहा है। इलाके के लोगों का आरोप है कि कई बार सफाई को लेकर शिकायत की गई, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका।

गंदगी और बदबू से लोगों की बढ़ी परेशानी

स्थानीय निवासी शमीना खातून ने बताया कि कमला नेहरू नगर में लंबे समय से साफ-सफाई की स्थिति ठीक नहीं है। उनका कहना है कि नगर निगम को कई बार इसकी जानकारी दी गई, लेकिन नियमित सफाई नहीं होने से समस्या बनी हुई है।

वहीं उमेधा खातून ने कहा कि बारिश के दौरान स्थिति और खराब हो जाती है। गलियों और आसपास कई जगह गंदा पानी और कचरा जमा रहता है। इससे बदबू के साथ मच्छरों की संख्या भी बढ़ रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि इलाके में नियमित रूप से सफाई कर्मचारी नहीं पहुंचते। डेंगू से बचाव के लिए भी स्थानीय स्तर पर पर्याप्त इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं। उमेधा ने वार्ड पार्षद की कार्यशैली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि स्थानीय समस्याओं को लेकर अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है।

15-20 दिन पहले आया था तेज बुखार

स्थानीय निवासी मो. असलम ने बताया कि इलाके में सिर्फ डेंगू ही नहीं, बल्कि गंदगी भी बड़ी समस्या बनी हुई है। उन्होंने कहा कि शौचालय से लेकर गलियों तक कई जगह सफाई की स्थिति खराब है। गंदगी और बदबू के कारण लोगों को परेशानी हो रही है।

असलम के मुताबिक, इलाके में रहने वाले कई लोग बुखार और मच्छरों की समस्या से परेशान हैं। उनका कहना है कि समय रहते सफाई और मच्छर नियंत्रण के इंतजाम नहीं किए गए तो आने वाले दिनों में स्थिति और खराब हो सकती है।

पटना में 205 के पार डेंगू के मामले

स्वास्थ्य विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, पटना में इस साल डेंगू संक्रमित मरीजों की संख्या 205 के पार पहुंच गई है। पिछले 24 घंटे में आठ नए मरीजों में डेंगू संक्रमण की पुष्टि हुई है।

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डेंगू-मलेरिया पदाधिकारी सुभाष प्रसाद के अनुसार, सितंबर के शुरुआती आठ दिनों में ही 35 मरीजों में डेंगू संक्रमण की पुष्टि हुई है। लगातार बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है।

मौसम में बारिश और नमी के कारण मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में डेंगू के मामलों में और बढ़ोतरी की आशंका बनी हुई है।

मौसम के साथ बढ़ता डेंगू का खतरा

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सितंबर से नवंबर तक डेंगू को लेकर विशेष सतर्कता की जरूरत होती है। बारिश के बाद घरों और आसपास जमा पानी में मच्छरों के पनपने की संभावना बढ़ जाती है।

घरों के आसपास रखे खुले कंटेनर, गमले, पुराने टायर और दूसरे ऐसे स्थान, जहां पानी कई दिनों तक जमा रहता है, डेंगू फैलाने वाले मच्छरों के प्रजनन का कारण बन सकते हैं।

स्वास्थ्य विभाग लोगों से अपील कर रहा है कि घर और आसपास पानी जमा न होने दें। कूलर, गमले और अन्य पानी वाले स्थानों की नियमित सफाई करें। बुखार होने पर खुद से दवा लेने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लें।

फिलहाल मो. खुशियाल की मौत को डेंगू से जोड़कर देखा जा रहा है, लेकिन आधिकारिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट होगी। वहीं पटना में बढ़ते डेंगू के मामलों के बीच शहर की सफाई और मच्छर नियंत्रण व्यवस्था को लेकर स्थानीय लोगों की चिंताएं भी लगातार सामने आ रही हैं।

Nishkarsh Bharat

अमन कुमार की रिपोर्ट

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