पटना मेट्रो का बड़ा विस्तार: 2 जुलाई को मलाहीपकड़ी तक सेवा का लोकार्पण करेंगे सम्राट चौधरी, राजधानी को मिलेगी आधुनिक परिवहन व्यवस्था

पटना मेट्रो

पटना मेट्रो रेल परियोजना के विस्तार का 2 जुलाई को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी लोकार्पण करेंगे।

बिहार की राजधानी पटना में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और सुगम बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी 2 जुलाई को पटना मेट्रो रेल परियोजना के मलाहीपकड़ी तक विस्तारित हिस्से का लोकार्पण करेंगे। इस विस्तार के साथ राजधानी के हजारों यात्रियों को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का लाभ मिलेगा, वहीं शहर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने की दिशा में भी यह परियोजना अहम साबित होगी।

सोमवार को लोक सेवक आवास स्थित संकल्प सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने पटना मेट्रो रेल परियोजना की प्रगति का विस्तृत आकलन किया। बैठक के दौरान अधिकारियों ने निर्माण कार्य की वर्तमान स्थिति, आगामी चरणों और परियोजना को समय पर पूरा करने की रणनीति से मुख्यमंत्री को अवगत कराया।

शहरवासियों को मिलेगी बड़ी राहत

पटना लगातार बढ़ती आबादी, वाहनों की संख्या और ट्रैफिक जाम की समस्या से जूझ रहा है। ऐसे में मेट्रो परियोजना का विस्तार राजधानी के लोगों के लिए बड़ी राहत लेकर आने वाला है।

मलाहीपकड़ी तक मेट्रो सेवा शुरू होने से शहर के विभिन्न हिस्सों के बीच यात्रा अधिक तेज और सुविधाजनक होगी। इससे न केवल यात्रियों का समय बचेगा, बल्कि सड़क यातायात पर दबाव भी कम होगा। कार्यालय जाने वाले कर्मचारी, छात्र-छात्राएं, व्यापारी और दैनिक यात्रियों को इसका सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

समय सीमा के भीतर पूरा हो हर कार्य: मुख्यमंत्री

समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि पटना मेट्रो रेल परियोजना के सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पटना मेट्रो केवल एक परिवहन परियोजना नहीं है, बल्कि यह राजधानी के भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकसित की जा रही एक महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना है। इसलिए प्रत्येक चरण की स्पष्ट कार्ययोजना तैयार कर तय समय के भीतर उसे पूरा किया जाना चाहिए।

उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता से किसी भी परिस्थिति में समझौता न किया जाए और सभी कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप ही किए जाएं।

आधुनिक, सुरक्षित और सुविधाजनक परिवहन व्यवस्था बनेगी

मुख्यमंत्री ने कहा कि पटना मेट्रो परियोजना का उद्देश्य राजधानी को आधुनिक, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल सार्वजनिक परिवहन प्रणाली उपलब्ध कराना है।

उन्होंने कहा कि मेट्रो सेवा शुरू होने से निजी वाहनों पर निर्भरता कम होगी, प्रदूषण में कमी आएगी और शहर की परिवहन व्यवस्था अधिक व्यवस्थित बनेगी। इसके साथ ही लोगों को कम समय में अपने गंतव्य तक पहुंचने का विकल्प मिलेगा, जिससे उत्पादकता और जीवन की गुणवत्ता दोनों में सुधार होगा।

ट्रैफिक प्रबंधन पर विशेष जोर

मेट्रो निर्माण के दौरान राजधानी के कई हिस्सों में ट्रैफिक प्रभावित हो रहा है। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्माण कार्य के दौरान नागरिकों को न्यूनतम असुविधा हो, इसके लिए प्रभावी और वैज्ञानिक ट्रैफिक प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने कहा कि निर्माण स्थल के आसपास यातायात को व्यवस्थित रखने के लिए वैकल्पिक मार्ग, उचित संकेतक, बैरिकेडिंग और ट्रैफिक पुलिस की पर्याप्त व्यवस्था की जाए, ताकि लोगों को अनावश्यक जाम का सामना न करना पड़े।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राजधानी की समग्र यातायात व्यवस्था का व्यापक अध्ययन कर जाम की समस्या के स्थायी समाधान के लिए एक समग्र ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान तैयार किया जाए। उनका मानना है कि भविष्य की आबादी और वाहनों की संख्या को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक योजना बनाना आवश्यक है।

सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश

समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्माण स्थलों पर सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी निर्माण स्थलों पर श्रमिकों और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए कार्य किया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना की संभावना न्यूनतम रहे। इसके साथ ही निर्माण कार्य के दौरान नियमित निरीक्षण और निगरानी की व्यवस्था भी सुनिश्चित करने को कहा गया।

एक साथ कई स्थलों पर तेज होंगे निर्माण कार्य

मुख्यमंत्री ने परियोजना से जुड़े अधिकारियों को निर्देश दिया कि विभिन्न निर्माण स्थलों पर समानांतर रूप से तेजी से कार्य किया जाए, जिससे पूरी परियोजना तय समय सीमा के भीतर पूरी हो सके।

उन्होंने कहा कि कार्यों की नियमित समीक्षा की जाए और यदि किसी स्तर पर बाधा आती है तो उसका त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। परियोजना की प्रगति की लगातार निगरानी करते हुए समयबद्ध तरीके से सभी चरण पूरे किए जाएं।

सैटेलाइट टाउनशिप के मास्टर प्लान पर भी फोकस

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने पटना के प्रस्तावित सैटेलाइट टाउनशिप के विकास पर भी विशेष जोर दिया।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सैटेलाइट टाउनशिप का मास्टर प्लान निर्धारित समय सीमा के भीतर तैयार किया जाए। उनका कहना था कि राजधानी का सुनियोजित विस्तार भविष्य की जरूरतों को देखते हुए अत्यंत आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बढ़ती आबादी, आवासीय जरूरतों और शहरी विकास को ध्यान में रखते हुए पटना के आसपास योजनाबद्ध तरीके से आधुनिक टाउनशिप विकसित की जानी चाहिए। इससे राजधानी पर बढ़ते दबाव को कम करने में भी मदद मिलेगी।

परियोजना की प्रगति की दी गई विस्तृत जानकारी

बैठक में नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार तथा पटना मेट्रो रेल परियोजना से जुड़े अधिकारियों ने मुख्यमंत्री के समक्ष परियोजना की विस्तृत प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।

अधिकारियों ने बताया कि न्यू आईएसबीटी से आकाशवाणी तक प्रस्तावित कॉरिडोर-1 तथा न्यू आईएसबीटी से मीठापुर (जगनपुरा होते हुए) बनने वाले कॉरिडोर पर निर्माण कार्य तेजी से जारी है। परियोजना के विभिन्न हिस्सों में सिविल निर्माण, स्टेशन निर्माण और अन्य तकनीकी कार्य निर्धारित योजना के अनुसार आगे बढ़ रहे हैं।

बैठक में परियोजना के आगामी चरणों, संभावित चुनौतियों और उन्हें समय पर पूरा करने की रणनीति पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक संदीप कुमार, पटना प्रक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक जितेंद्र राणा, जिलाधिकारी कुंदन कुमार, वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के. शर्मा सहित नगर विकास विभाग और पटना मेट्रो परियोजना से जुड़े कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

राजधानी के भविष्य की आधारशिला बनेगी पटना मेट्रो

पटना मेट्रो परियोजना को बिहार की सबसे महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना परियोजनाओं में गिना जा रहा है। इसका उद्देश्य केवल लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि राजधानी के समग्र शहरी विकास को नई दिशा देना भी है।

मलाहीपकड़ी तक विस्तार का लोकार्पण इस परियोजना के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। आने वाले समय में जब दोनों कॉरिडोर पूरी तरह संचालित होंगे, तब राजधानी के लाखों नागरिकों को तेज, सुरक्षित, समयबद्ध और पर्यावरण अनुकूल परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी। साथ ही ट्रैफिक जाम, प्रदूषण और यात्रा समय जैसी समस्याओं में भी उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है।

यदि परियोजना निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी होती है, तो यह न केवल पटना की परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाएगी, बल्कि बिहार के शहरी विकास की दिशा में भी एक ऐतिहासिक उपलब्धि साबित होगी।

Nishkarsh Bharat

पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट

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