बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव 2026: आज जारी होगी अधिसूचना, शुरू होगी नामांकन प्रक्रिया; सुरक्षा के कड़े इंतजाम, वीडियो रिकॉर्डिंग से होगी निगरानी

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव

बिहार की राजनीति के लिहाज से अहम मानी जा रही बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव की प्रक्रिया सोमवार से औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगी।

पटना: बिहार की राजनीति के लिहाज से अहम मानी जा रही बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव की प्रक्रिया सोमवार से औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगी। अधिसूचना जारी होने के साथ ही नामांकन प्रक्रिया प्रारंभ होगी और जिले में आदर्श आचार संहिता का प्रभावी पालन सुनिश्चित किया जाएगा। प्रशासन ने निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पारदर्शी चुनाव कराने के लिए व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। नामांकन स्थल पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग भी कराई जाएगी।

यह उपचुनाव केवल एक विधानसभा सीट तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे राज्य की राजनीतिक दिशा और प्रमुख दलों की ताकत का महत्वपूर्ण परीक्षण माना जा रहा है। ऐसे में प्रशासनिक स्तर पर हर पहलू पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है।

आज से शुरू होगी नामांकन प्रक्रिया

जिला प्रशासन के अनुसार, अधिसूचना जारी होने के बाद उम्मीदवार 13 जुलाई तक प्रतिदिन सुबह 11 बजे से अपराह्न 3 बजे के बीच अपना नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे। नामांकन पटना समाहरणालय स्थित पटना सदर अनुमंडल कार्यालय के दूसरे तल पर भूमि सुधार उपसमाहर्ता (डीसीएलआर) के न्यायालय कक्ष में किया जाएगा।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 14 जुलाई को सभी नामांकन पत्रों की जांच (स्क्रूटनी) होगी। इसके बाद उम्मीदवार 16 जुलाई तक अपना नाम वापस ले सकेंगे। अंतिम सूची जारी होने के बाद चुनाव प्रचार का दौर तेज होगा।

राघवेंद्र प्रताप सिंह होंगे निर्वाची पदाधिकारी

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए पटना सदर के भूमि सुधार उपसमाहर्ता राघवेंद्र प्रताप सिंह को निर्वाची पदाधिकारी नियुक्त किया गया है। नामांकन से लेकर मतदान और मतगणना तक पूरी चुनावी प्रक्रिया की जिम्मेदारी उनके नेतृत्व में संपन्न कराई जाएगी।

निर्वाची पदाधिकारी चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सभी प्रक्रियाओं की निगरानी करेंगे ताकि चुनाव पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो सके।

आदर्श आचार संहिता का होगा सख्ती से पालन

अधिसूचना जारी होते ही बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो जाएगी। इसके बाद सरकारी संसाधनों के चुनावी उपयोग, नई योजनाओं की घोषणा और सरकारी प्रचार-प्रसार सहित सभी गतिविधियों पर चुनाव आयोग के नियम लागू होंगे।

प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया है कि चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाए। किसी भी प्रकार की उल्लंघन की स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

डीएम ने किए व्यापक सुरक्षा इंतजाम

पटना के जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने नामांकन प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए मजिस्ट्रेट, पुलिस अधिकारियों और पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति कर दी है।

नामांकन स्थल पर प्रवेश और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई महत्वपूर्ण नियम लागू किए गए हैं, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था या भीड़भाड़ की स्थिति उत्पन्न न हो।

तीन से अधिक वाहन नहीं ले जा सकेंगे उम्मीदवार

प्रशासन की ओर से स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं कि नामांकन के दौरान कोई भी उम्मीदवार तीन से अधिक वाहन समाहरणालय परिसर में नहीं ले जा सकेगा। इसका उद्देश्य अनावश्यक भीड़, शक्ति प्रदर्शन और यातायात बाधित होने जैसी स्थितियों को रोकना है।

चुनाव आयोग लंबे समय से नामांकन प्रक्रिया के दौरान शक्ति प्रदर्शन पर रोक लगाने के लिए ऐसे दिशा-निर्देश जारी करता रहा है, जिनका इस बार भी सख्ती से पालन कराया जाएगा।

नामांकन कक्ष में केवल पांच लोगों को मिलेगी अनुमति

नामांकन कक्ष के भीतर भी सीमित लोगों को ही प्रवेश की अनुमति होगी। उम्मीदवार के साथ अधिकतम पांच व्यक्ति ही नामांकन कक्ष में जा सकेंगे।

इस व्यवस्था का उद्देश्य नामांकन प्रक्रिया को व्यवस्थित रखना और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना है। अतिरिक्त समर्थकों और कार्यकर्ताओं को नामांकन स्थल से बाहर ही रहना होगा।

हथियारों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक

प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर नामांकन स्थल पर हथियारों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। कोई भी उम्मीदवार अपने साथ लाइसेंसी हथियार लेकर नहीं जा सकेगा।

इतना ही नहीं, यदि किसी उम्मीदवार के साथ सरकारी अथवा निजी अंगरक्षक हैं, तो उन्हें भी नामांकन स्थल से 100 मीटर की परिधि के बाहर रहना होगा। इससे नामांकन प्रक्रिया के दौरान किसी प्रकार का दबाव या सुरक्षा संबंधी व्यवधान उत्पन्न नहीं होगा।

पूरी प्रक्रिया की होगी वीडियो रिकॉर्डिंग

पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रशासन ने पूरे नामांकन की वीडियो रिकॉर्डिंग कराने का निर्णय लिया है।

रिकॉर्डिंग के माध्यम से प्रत्येक गतिविधि का दस्तावेजीकरण किया जाएगा, जिससे भविष्य में किसी प्रकार के विवाद या शिकायत की स्थिति में तथ्यात्मक जांच संभव हो सके। चुनाव आयोग भी पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए ऐसी व्यवस्थाओं पर विशेष जोर देता है।

वारंटियों पर रहेगी विशेष नजर

इस बार प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था में एक अतिरिक्त कदम उठाया है। गांधी मैदान थाना के प्रभारी नामांकन स्थल पर वारंटियों की सूची के साथ मौजूद रहेंगे।

यदि कोई वांछित या फरार आरोपी नामांकन स्थल पर पहुंचता है, तो उसे नामांकन कक्ष में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर उसके विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई भी की जा सकती है। प्रशासन का मानना है कि इससे चुनावी प्रक्रिया के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी।

डीएसपी नगर व्यवस्था को बनाया गया नोडल पदाधिकारी

पूरी सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए डीएसपी नगर व्यवस्था शिवानंद सिंह को नोडल पदाधिकारी नियुक्त किया गया है। वे पुलिस बल की तैनाती, भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था की लगातार निगरानी करेंगे।

सभी अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए किसी भी अप्रिय स्थिति से तुरंत और प्रभावी ढंग से निपटा जाए।

राजनीतिक दलों की बढ़ेगी चुनावी गतिविधियां

अधिसूचना जारी होने के साथ ही बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां भी तेज होने की संभावना है। प्रमुख राजनीतिक दल अपने उम्मीदवारों के नामांकन के साथ चुनाव प्रचार अभियान को गति देंगे। नामांकन के दौरान बड़ी संख्या में समर्थकों के जुटने की संभावना को देखते हुए प्रशासन पहले से ही सतर्क है।

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर सभी दलों की नजर इस सीट पर टिकी हुई है, क्योंकि इसके परिणाम का राजनीतिक संदेश राज्य की आगामी चुनावी रणनीतियों पर भी असर डाल सकता है।

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव की अधिसूचना जारी होने के साथ चुनावी प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगी। प्रशासन ने निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा, निगरानी और विधि-व्यवस्था से जुड़े व्यापक इंतजाम किए हैं। नामांकन प्रक्रिया के दौरान वाहनों की संख्या, प्रवेश करने वाले लोगों की सीमा, हथियारों पर रोक, वीडियो रिकॉर्डिंग और वारंटियों पर विशेष नजर जैसी व्यवस्थाएं चुनाव आयोग की सख्त निगरानी में लागू रहेंगी। आने वाले दिनों में इस सीट पर राजनीतिक सरगर्मियां और तेज होने की उम्मीद है।

Nishkarsh Bharat

पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट

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