बिहार में बारिश-आंधी का खतरा, 9 जिलों में अलर्ट जारी, मानसून की विदाई से पहले बदला मौसम

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बिहार में बारिश-आंधी का अलर्ट, 9 जिलों में मौसम बदलेगा

निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। बिहार में बारिश के अलर्ट के बीच राज्य में मानसून की विदाई से ठीक पहले मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है। बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती दबाव और वहां से सक्रिय हुई नमी वाली हवाओं के कारण बिहार के कई हिस्सों में तेज बारिश, आंधी और वज्रपात की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने 14 सितंबर को राज्य के कई जिलों में खराब मौसम को लेकर चेतावनी जारी की है।

मौसम में आए इस बदलाव का असर दक्षिण, मध्य, उत्तर और सीमांचल के कई इलाकों में देखने को मिल सकता है। तेज हवा के साथ भारी बारिश होने की संभावना के कारण प्रशासन को भी सतर्क रहने को कहा गया है। मौसम विभाग ने लोगों से आंधी और वज्रपात के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने तथा सुरक्षित पक्के भवनों में रहने की सलाह दी है।

बिहार में मानसून की विदाई से पहले बदला मौसम

आमतौर पर सितंबर के मध्य में मानसून की वापसी की प्रक्रिया शुरू होने लगती है, लेकिन इससे पहले बंगाल की खाड़ी में बने मौसम संबंधी सिस्टम ने बिहार के मौसम को प्रभावित किया है। समुद्र से आने वाली नमी वाली हवाओं के कारण राज्य के कई हिस्सों में बादल सक्रिय हो रहे हैं।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार कुछ क्षेत्रों में तेज बारिश के साथ आंधी और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। तेज हवाओं की वजह से कमजोर संरचनाओं, कच्चे मकानों, पेड़-पौधों और बिजली के ढांचे को नुकसान पहुंचने की आशंका है। ऐसे में मौसम का यह बदलाव किसानों और आम लोगों दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। खेतों में खड़ी फसलों पर भी तेज हवा और बारिश का असर पड़ सकता है।

बारिश के साथ तेज हवाओं का खतरा

बिहार बारिश अलर्ट के साथ तेज हवाओं को लेकर भी चेतावनी जारी की गई है। बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी वाली हवाओं के कारण राज्य के मैदानी और तराई इलाकों में हवा की रफ्तार काफी तेज हो सकती है। कुछ क्षेत्रों में हवा की गति 85 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका जताई गई है। तेज हवा के दौरान बिजली के खंभे, कमजोर पेड़, होर्डिंग और कच्चे ढांचे प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे में लोगों को मौसम खराब होने पर अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है।

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विशेष रूप से बाइक और दोपहिया वाहन चालकों को तेज आंधी और बारिश के दौरान यात्रा को लेकर सावधानी बरतनी होगी। दृश्यता कम होने और सड़क पर पानी जमा होने की स्थिति में यातायात प्रभावित हो सकता है।

इन इलाकों में ज्यादा असर की आशंका

मौसम विभाग की चेतावनी के दायरे में बिहार के कई हिस्से शामिल हैं। दक्षिण और मध्य बिहार में गया, नवादा, रोहतास, लखीसराय, मुंगेर, नालंदा, बक्सर, बेगूसराय और खगड़िया जैसे जिले प्रभावित हो सकते हैं। उत्तर और पश्चिमी हिस्सों में पूर्वी चंपारण, सिवान, वैशाली, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, दरभंगा और मधुबनी में भी मौसम खराब रहने की संभावना जताई गई है।

वहीं सीमांचल और पूर्वोत्तर बिहार के पूर्णिया, किशनगंज, कटिहार और अररिया में भी बारिश और गरज-चमक का असर देखने को मिल सकता है। इन इलाकों में भारी बारिश के साथ वज्रपात की संभावना को लेकर लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।

बारिश के साथ वज्रपात को लेकर भी चेतावनी

बारिश के साथ सबसे बड़ा खतरा आकाशीय बिजली का माना जा रहा है। मौसम विभाग ने गरज-चमक के दौरान लोगों को खुले मैदान, खेत, पेड़ के नीचे और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचने की सलाह दी है। आंधी के दौरान पेड़ों के नीचे रुकना भी सुरक्षित नहीं माना जाता है। मौसम खराब होने पर लोगों को जल्द से जल्द किसी पक्के भवन में शरण लेने की सलाह दी गई है। किसानों के लिए भी यह चेतावनी महत्वपूर्ण है। खेतों में काम कर रहे लोगों को आकाश में बादल और गरज-चमक शुरू होने पर खुले स्थानों से सुरक्षित जगह पर जाने की सलाह दी गई है।

पटना में भी बदला मौसम का मिजाज

राजधानी पटना में भी मौसम का असर दिखाई दे रहा है। यहां बादलों की आवाजाही के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। बारिश होने से पिछले कुछ दिनों से बनी उमस से लोगों को राहत मिल सकती है।

पटना में अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। हालांकि, बारिश के साथ तेज हवा चलने पर शहर के सामान्य जनजीवन पर असर पड़ सकता है। सड़कों पर जलजमाव होने की स्थिति में यातायात की रफ्तार प्रभावित हो सकती है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को भी सावधानी बरतने की जरूरत होगी।

जलजमाव और बाढ़ को लेकर प्रशासन अलर्ट

तेज बारिश की संभावना को देखते हुए स्थानीय प्रशासन को भी सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है। शहरी इलाकों में भारी बारिश होने पर जलजमाव की समस्या पैदा हो सकती है। वहीं ग्रामीण और निचले इलाकों में पानी जमा होने से सामान्य गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं।

जिन क्षेत्रों में पहले से जलनिकासी की समस्या है, वहां स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो सकती है। प्रशासन को नालियों की सफाई, जलनिकासी व्यवस्था और संवेदनशील इलाकों पर नजर रखने की जरूरत होगी।

बारिश लगातार होने की स्थिति में नदियों और छोटी जलधाराओं के जलस्तर पर भी निगरानी जरूरी होगी। हालांकि हर इलाके में बाढ़ की स्थिति बनेगी, ऐसा नहीं है, लेकिन प्रशासन को संभावित परिस्थितियों के लिए तैयार रहने को कहा गया है।

किसानों के लिए भी अहम है मौसम का बदलाव

मानसून की विदाई से पहले होने वाली बारिश किसानों के लिए मिश्रित असर वाली हो सकती है। पर्याप्त बारिश से खेतों में नमी बढ़ सकती है, लेकिन तेज हवा और अत्यधिक बारिश से खड़ी फसलों को नुकसान भी पहुंच सकता है।

जिन खेतों में पानी जमा होने की आशंका है, वहां जलनिकासी की व्यवस्था करना जरूरी होगा। तेज हवाओं के कारण कमजोर पेड़ और फसलें गिर सकती हैं। बागवानी और सब्जी की फसलों पर भी मौसम के बदलाव का असर पड़ सकता है। किसानों को स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखने और आंधी के दौरान खेतों में जाने से बचने की सलाह दी जा रही है।

आंधी के दौरान इन बातों का रखें ध्यान

मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए लोगों को कुछ सामान्य सावधानियां बरतने की जरूरत है। आंधी आने पर घर से बाहर निकलने से बचें और खिड़की-दरवाजे सुरक्षित तरीके से बंद रखें। खुले मैदान में होने पर किसी सुरक्षित पक्के भवन की ओर जाएं। वज्रपात के समय पेड़, बिजली के खंभे और ऊंचे ढांचे के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। वाहन चलाते समय तेज बारिश और कम दृश्यता होने पर सुरक्षित स्थान पर रुकना बेहतर होगा। बिजली गिरने की आशंका के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के इस्तेमाल में भी सावधानी बरतनी चाहिए। प्रशासन या मौसम विभाग की ओर से जारी स्थानीय चेतावनियों को गंभीरता से लेना जरूरी है।

मानसून की विदाई से पहले मौसम ने बढ़ाई चिंता

बिहार में मानसून की विदाई की प्रक्रिया शुरू होने से पहले मौसम में आया यह बदलाव लोगों के लिए महत्वपूर्ण है। एक ओर बारिश से उमस और गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है, तो दूसरी ओर तेज हवाओं, वज्रपात और भारी बारिश के कारण नुकसान की आशंका भी बनी हुई है।

राज्य के कई जिलों में मौसम खराब रहने की संभावना को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। खासकर जिन इलाकों में तेज बारिश का पूर्वानुमान है, वहां प्रशासन और आम लोगों दोनों को सावधानी बरतनी होगी।

मौसम विभाग की चेतावनी के बाद बिहार के कई हिस्सों में निगाहें आसमान पर टिकी हैं। आने वाले घंटों में बारिश और हवा की स्थिति के आधार पर मौसम का असर और स्पष्ट होगा। लोगों के लिए सबसे जरूरी है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और वज्रपात या तेज आंधी की स्थिति में सुरक्षित स्थान पर रहें।

Nishkarsh Bharat

राजकुमार सिंह की रिपोर्ट

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