प्रदेश में मानसून कमजोर, 11 जिलों में बारिश का अलर्ट, पटना में वर्षा से बदला मौसम

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बिहार में मानसून कमजोर, पटना समेत 11 जिलों में हल्की बारिश के आसार

निष्कर्ष भारत, संवाददाता पटना। बिहार में मानसून की सक्रियता धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगी है। हालांकि बादलों की आवाजाही और स्थानीय मौसमी परिस्थितियों के कारण राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है। शनिवार को पटना समेत बिहार के 11 जिलों में बारिश होने के आसार जताए गए हैं। बारिश की संभावना के बावजूद लोगों को उमस से तत्काल राहत मिलने की उम्मीद कम है।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार सीवान, सारण, गोपालगंज, बक्सर, भोजपुर, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, पटना, वैशाली और पश्चिमी चंपारण में हल्की बारिश हो सकती है। इन जिलों में बारिश को लेकर फिलहाल किसी विशेष चेतावनी की बात नहीं कही गई है।

मानसून कमजोर, फिर भी 11 जिलों में बारिश के आसार

बिहार में मानसून भले ही कमजोर पड़ रहा हो, लेकिन प्रदेश के कुछ हिस्सों में बादलों की सक्रियता बनी हुई है। मौसम विभाग के मुताबिक शनिवार को 11 जिलों में हल्की बारिश होने की संभावना है। इनमें उत्तर और दक्षिण बिहार के कई जिले शामिल हैं। कई क्षेत्रों में दिनभर बादल छाए रह सकते हैं, जबकि कुछ जगहों पर छिटपुट बूंदाबांदी या हल्की बारिश हो सकती है।

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मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मानसून की सक्रियता कमजोर होने का मतलब यह नहीं है कि पूरे राज्य में बारिश पूरी तरह बंद हो जाएगी। वायुमंडल में मौजूद नमी और स्थानीय परिस्थितियों के कारण अलग-अलग स्थानों पर बादलों का निर्माण होता रहेगा। ऐसे में कुछ जिलों में अच्छी बारिश हो सकती है, जबकि दूसरे इलाकों में बादल छाए रहने के बावजूद बहुत कम वर्षा दर्ज की जा सकती है।

पटना में देर रात बारिश से बदला मौसम

राजधानी पटना में पिछले 24 घंटे के दौरान मौसम का अलग मिजाज देखने को मिला। दिनभर आसमान में बादल छाए रहे और उमस लोगों को परेशान करती रही। देर रात हुई हल्की बारिश के बाद मौसम में कुछ बदलाव जरूर महसूस किया गया, लेकिन वातावरण में नमी अधिक होने के कारण लोगों को गर्मी और उमस से खास राहत नहीं मिली।

शनिवार को भी पटना में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। राजधानी का अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। बारिश होने के बाद भी हवा में नमी अधिक रहने के कारण लोगों को दिनभर उमस का सामना करना पड़ सकता है।

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उधर, मुजफ्फरपुर, मधेपुरा और पूर्णिया के कई इलाकों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मधेपुरा में शुक्रवार दोपहर बाद तेज बारिश होने से मौसम में बदलाव महसूस किया गया। हालांकि बारिश थमने के बाद कई जगहों पर उमस फिर बढ़ गई। यही स्थिति राज्य के अन्य इलाकों में भी देखने को मिल रही है।

बारिश के बाद भी क्यों नहीं मिल रही उमस से राहत?

बिहार में मानसून की वर्तमान स्थिति के बीच सबसे बड़ी परेशानी उमस बनी हुई है। बादल छाने और हल्की बारिश के बावजूद लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिल रही। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इसके पीछे वातावरण में मौजूद अधिक नमी प्रमुख कारण है।

बारिश के बाद जमीन और हवा में नमी बढ़ जाती है। जब तापमान अपेक्षाकृत अधिक रहता है, तो पसीना आसानी से नहीं सूख पाता। इससे शरीर को अधिक गर्मी महसूस होती है और चिपचिपाहट बढ़ जाती है। कम समय के लिए होने वाली हल्की बारिश भी कई बार उमस को और बढ़ा देती है।

वायुमंडल के ऊपरी हिस्से में बादलों का निर्माण हो रहा है, लेकिन हर जगह पर्याप्त बारिश नहीं हो पा रही है। कई इलाकों में बादल पहुंचते तो हैं, लेकिन वे ज्यादा देर तक सक्रिय नहीं रहते। ऐसे में आसमान बादलों से ढका रहता है, फिर भी तापमान और उमस में अपेक्षित कमी नहीं आती।

बिहार में मानसून के दौरान अब तक 42 फीसदी बारिश की कमी

बिहार में इस मानसून मौसम के दौरान अब तक सामान्य से काफी कम बारिश दर्ज की गई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में इस अवधि तक सामान्य तौर पर करीब 756.5 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी। इसके मुकाबले अब तक केवल 438.6 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। इस तरह बिहार में अब तक सामान्य से करीब 317.9 मिलीमीटर कम बारिश हुई है।

आंकड़ों के हिसाब से राज्य में मानसून के दौरान करीब 42 फीसदी वर्षा की कमी दर्ज की गई है। बारिश में यह कमी कृषि क्षेत्र के लिए चिंता बढ़ाने वाली मानी जा रही है। राज्य के अलग-अलग जिलों में वर्षा की स्थिति एक जैसी नहीं रही है। कुछ क्षेत्रों में अच्छी बारिश हुई है, जबकि कई इलाकों में सामान्य से काफी कम पानी बरसा है।

30 अगस्त को भी मानसून का ऐसा ही रहेगा मिजाज

30 अगस्त को बिहार के मौसम में बहुत बड़े बदलाव की संभावना नहीं जताई गई है। पटना, सीवान, सारण, गोपालगंज, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, वैशाली, मुजफ्फरपुर, भोजपुर, बक्सर, कैमूर और रोहतास समेत कई जिलों में बादल छाए रह सकते हैं। कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने के आसार हैं।

हालांकि बारिश सभी जगह एक जैसी नहीं होगी। स्थानीय मौसमी परिस्थितियों के कारण कुछ इलाकों में बारिश अधिक हो सकती है, जबकि कई जगह केवल बादल छाए रहने या बूंदाबांदी की स्थिति बन सकती है। फिलहाल व्यापक और लगातार बारिश की संभावना कम बताई जा रही है।

31 अगस्त को पटना में तेज बारिश की संभावना

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 31 अगस्त को पटना के मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। राजधानी में तेज बारिश की संभावना जताई गई है। इस दौरान अधिकतम तापमान करीब 31 डिग्री सेल्सियस तक रह सकता है।

पटना के अलावा राज्य के अन्य हिस्सों में भी बादल और बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। हालांकि मानसून की समग्र सक्रियता कमजोर रहने के कारण पूरे बिहार में एक साथ तेज और लगातार बारिश होने की उम्मीद फिलहाल कम है। आने वाले दिनों में स्थानीय मौसमी परिस्थितियां यह तय करेंगी कि किन क्षेत्रों में बारिश अधिक होती है और किन इलाकों में बादल छाए रहने के बावजूद वर्षा सीमित रहती है।

मानसून कमजोर होने का कृषि पर पड़ सकता है असर

बिहार की बड़ी आबादी खेती और कृषि गतिविधियों से जुड़ी है। ऐसे में मानसून के दौरान बारिश की कमी का सीधा असर किसानों की चिंता बढ़ा सकता है। धान सहित खरीफ फसलों को पर्याप्त पानी की जरूरत होती है। जिन क्षेत्रों में अच्छी बारिश नहीं हुई है, वहां सिंचाई की आवश्यकता बढ़ सकती है। इसके साथ ही बारिश की कमी का असर तालाबों, जलाशयों और भूजल स्तर पर भी पड़ सकता है। हालांकि अभी मानसून पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है और आने वाले दिनों में कुछ स्थानों पर अच्छी बारिश की संभावना बनी हुई है। यदि आगे बारिश की गतिविधि तेज होती है तो मौजूदा कमी कुछ हद तक कम हो सकती है।

फिलहाल मौसम पर नजर बनाए रखने की जरूरत

बिहार में मानसून कमजोर जरूर हुआ है, लेकिन राज्य में बारिश की संभावना पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है। अगले कुछ दिनों में पटना समेत कई जिलों में बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं। 31 अगस्त को राजधानी पटना में तेज बारिश की संभावना भी जताई गई है। फिलहाल लोगों को गर्मी के साथ उमस का सामना करना पड़ सकता है। बारिश होने के बावजूद हवा में नमी अधिक रहने से चिपचिपाहट बनी रह सकती है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर अलग-अलग जिलों में मौसम तेजी से बदल सकता है। ऐसे में किसानों और आम लोगों को मौसम की ताजा स्थिति पर नजर बनाए रखने की जरूरत है।

Nishkarsh Bharat

राजकुमार सिंह की रिपोर्ट

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