एसकेएमसीएच कैंसर अस्पताल में बढ़ी इलाज की क्षमता, स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने ICU का किया उद्घाटन

मुजफ्फरपुर

मुजफ्फरपुर अस्पताल में ICU-PICU की नई सुविधा से मरीजों को राहत

निष्कर्ष भारत संवाददाता मुजफ्फरपुर। जिले के मुजफ्फरपुर अस्पताल में गंभीर मरीजों के इलाज की सुविधा को और मजबूत किया गया है। बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने गुरुवार को श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल परिसर स्थित टाटा कैंसर अस्पताल में 12 बेड के अत्याधुनिक आईसीयू का उद्घाटन किया। बता दे की मुजफ्फरपुर में बच्चों के इलाज के लिए पीकू वार्ड में 30 बेड के नए सुपर स्पेशलिटी आईसीयू की सुविधा भी शुरू की गई। नई सुविधाओं के शुरू होने से उत्तर बिहार के गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज मिलने की उम्मीद बढ़ी है।

उद्घाटन कार्यक्रम को लेकर मुजफ्फरपुर के अस्पताल परिसर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। कार्यक्रम पूरा होने के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने कैंसर अस्पताल के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण किया और मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली।

अस्पताल में बढ़ाई गई गंभीर मरीजों की सुविधा

नई आईसीयू सुविधा का उद्देश्य गंभीर मरीजों को अस्पताल में ही बेहतर और तत्काल उपचार उपलब्ध कराना है। कैंसर जैसे जटिल रोगों के इलाज में कई बार मरीजों को लगातार निगरानी और विशेष चिकित्सा देखभाल की जरूरत होती है। ऐसे में अत्याधुनिक आईसीयू की उपलब्धता अस्पताल की उपचार क्षमता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

इसके अलावा पीकू वार्ड में 30 बेड के सुपर स्पेशलिटी आईसीयू की सुविधा बच्चों के इलाज के लिहाज से अहम है। गंभीर स्थिति वाले बच्चों को अब अस्पताल में ही विशेष निगरानी और उपचार उपलब्ध कराने की व्यवस्था मजबूत होगी।

स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल की व्यवस्थाएं देखीं

उद्घाटन के बाद स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने कैंसर अस्पताल के विभिन्न विभागों का निरीक्षण किया। उन्होंने मरीजों को मिलने वाली दवाओं, जांच सुविधाओं, आधुनिक चिकित्सा उपकरणों और डॉक्टरों की उपलब्धता के बारे में जानकारी ली।

मंत्री ने चिकित्सा पदाधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों से अस्पताल की मौजूदा व्यवस्था को लेकर भी चर्चा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता से समझौता नहीं करने पर उन्होंने विशेष जोर दिया।

अस्पताल से रेफर होने की मजबूरी कम करने का लक्ष्य

निरीक्षण के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मुजफ्फरपुर स्थित कैंसर अस्पताल को आने वाले समय में और अधिक आधुनिक और सुविधासंपन्न बनाया जाएगा। सरकार का उद्देश्य है कि उत्तर बिहार के कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को बेहतर इलाज के लिए पटना या दूसरे राज्यों की ओर रेफर करने की जरूरत कम हो।

देखिये ख़बर हमारे यूट्यूब चैनल पर भी: Sanjay Singh पर इल्ज़ाम लगाने वाले अपने गिरेबान में झाँक ले,मंत्री ने कर दिया मानहानि का मुकदमा…

मंत्री के अनुसार स्थानीय स्तर पर उपचार की सुविधाएं मजबूत होने से मरीजों और उनके परिजनों को लंबी दूरी तय करने की परेशानी से राहत मिल सकती है। साथ ही गंभीर मरीजों को समय पर इलाज मिलने की संभावना भी बढ़ेगी।

मुजफ्फरपुर अस्पताल में स्वास्थ्य ढांचे पर जोर

मुजफ्फरपुर उत्तर बिहार का एक प्रमुख चिकित्सा केंद्र है। यहां आसपास के कई जिलों से मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में मेडिकल कॉलेज और उससे जुड़े अस्पतालों में गंभीर रोगों के उपचार की सुविधाओं का विस्तार क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

आईसीयू और पीकू की नई क्षमता बढ़ने से गंभीर मरीजों के लिए अस्पताल में उपचार के अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध होंगे। हालांकि इन सुविधाओं का प्रभावी संचालन डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, तकनीकी कर्मचारियों और जरूरी चिकित्सा संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता पर भी निर्भर करेगा।

कैंसर मरीजों को स्थानीय स्तर पर इलाज की उम्मीद

मुजफ्फरपुर में कैंसर के इलाज में विशेषज्ञ चिकित्सकों के साथ आधुनिक जांच और उपचार सुविधाओं की जरूरत होती है। उत्तर बिहार के मरीजों को कई बार जटिल उपचार के लिए बड़े चिकित्सा केंद्रों का रुख करना पड़ता है। ऐसे में मुजफ्फरपुर में कैंसर अस्पताल की सुविधाओं का विस्तार मरीजों के लिए राहत देने वाला कदम हो सकता है।

स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल को भविष्य में और हाईटेक बनाने की बात कही है। इससे आने वाले समय में कैंसर उपचार से जुड़ी सुविधाओं के और विस्तार की उम्मीद की जा रही है।

बच्चों के इलाज में भी बढ़ेगी क्षमता

पीकू वार्ड में 30 बेड के सुपर स्पेशलिटी आईसीयू की सुविधा शुरू होने से गंभीर रूप से बीमार बच्चों के उपचार की क्षमता बढ़ेगी। बच्चों की स्थिति में अचानक बदलाव की संभावना को देखते हुए विशेष निगरानी वाली चिकित्सा सुविधा महत्वपूर्ण होती है।

इसे भी पढ़िए…बिहार में भारी बारिश, 3 दिन का अलर्ट; पटना भी प्रभावित, पूर्वानुमान जारी

नई व्यवस्था के तहत गंभीर बच्चों को अस्पताल में ही विशेषज्ञ चिकित्सा देखभाल उपलब्ध कराने की कोशिश होगी। इससे जरूरत पड़ने पर दूसरे अस्पताल में रेफर करने की स्थिति को कम करने में मदद मिल सकती है।

बिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था मजबूत करने का दावा

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बिहार के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत और अधिक सुलभ बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। उनका जोर ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर मेडिकल कॉलेज स्तर तक सुविधाओं को आधुनिक बनाने पर है।

सरकार की कोशिश है कि आम लोगों को अपने क्षेत्र के आसपास ही बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो। इसके लिए अस्पतालों में आधारभूत ढांचे के साथ जांच, दवा, उपकरण और विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करना जरूरी है।

नई सुविधाओं के संचालन पर रहेगी नजर

आईसीयू और पीकू की नई सुविधाओं के उद्घाटन के बाद अब इनके नियमित और प्रभावी संचालन की जिम्मेदारी अस्पताल प्रशासन पर होगी। गंभीर मरीजों के इलाज के लिए केवल बेड की संख्या बढ़ाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों और जरूरी उपकरणों की उपलब्धता भी लगातार बनाए रखना जरूरी होगा।

मुजफ्फरपुर अस्पताल में शुरू की गई नई सुविधाओं से गंभीर मरीजों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराने की क्षमता बढ़ने की उम्मीद है। सरकार का दावा है कि आने वाले समय में अस्पताल को और आधुनिक बनाया जाएगा, ताकि उत्तर बिहार के मरीजों को बेहतर इलाज के लिए दूर नहीं जाना पड़े।

Nishkarsh Bharat

अमन कुमार की रिपोर्ट