राबड़ी आवास खाली करने की उलटी गिनती शुरू: 29 जून तक बंगला खाली करने का अंतिम नोटिस, नए सरकारी आवास में तेज़ी से चल रहा काम

राबड़ी आवास

पटना: बिहार की राजनीति के सबसे चर्चित सरकारी आवासों में शामिल 10 सर्कुलर रोड स्थित राबड़ी देवी का सरकारी बंगला एक बार फिर सुर्खियों में है। भवन निर्माण विभाग द्वारा जारी अंतिम नोटिस के बाद अब इस आवास को खाली करने की प्रक्रिया तेज होती दिखाई दे रही है। विभाग ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को 29 जून तक बंगला खाली करने का निर्देश दिया है। इसी बीच बंगले से सीसीटीवी कैमरे हटाए जाने और सामान पैक करने की तैयारियों ने यह संकेत दे दिया है कि लालू परिवार जल्द ही नए सरकारी आवास में शिफ्ट हो सकता है।

दूसरी ओर, 39 हार्डिंग रोड स्थित नए सरकारी आवास में भी युद्धस्तर पर निर्माण और रंग-रोगन का काम चल रहा है। नए बंगले का रंग बदलने से लेकर लालू प्रसाद यादव की स्वास्थ्य जरूरतों के अनुसार विशेष व्यवस्थाएं किए जाने तक कई पहलुओं ने इस शिफ्टिंग को राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों दृष्टि से चर्चा का विषय बना दिया है।

राबड़ी आवास में शुरू हुई पैकिंग की तैयारी

शुक्रवार को 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास के भीतर और बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे हटाए गए। इसके साथ ही ऑटो रिक्शा के जरिए बड़े-बड़े कार्टन बंगले के अंदर पहुंचाए गए, जिनका इस्तेमाल घरेलू सामान पैक करने के लिए किया जा रहा है।

हालांकि, आधिकारिक रूप से यह नहीं बताया गया है कि लालू परिवार कब तक नए आवास में स्थानांतरित होगा, लेकिन मौजूदा गतिविधियां यह संकेत जरूर दे रही हैं कि शिफ्टिंग की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

भवन निर्माण विभाग का अंतिम नोटिस

भवन निर्माण विभाग ने 22 जून 2026 को राबड़ी देवी को अंतिम नोटिस जारी करते हुए सात दिनों के भीतर सरकारी आवास खाली करने का निर्देश दिया था। इस नोटिस के अनुसार 29 जून अंतिम तिथि निर्धारित की गई है।

विभाग का कहना है कि इससे पहले भी कई बार पत्र और नोटिस भेजकर आवास खाली करने का अनुरोध किया गया था। 3 जून को भी सात दिन के भीतर बंगला खाली करने का निर्देश दिया गया था, लेकिन निर्धारित समय तक आवास खाली नहीं किया गया।

सरकार पहले ही इस सरकारी आवास का आवंटन नंदकिशोर राम के नाम कर चुकी है। ऐसे में नए आवंटी को अब तक आवास का कब्जा नहीं मिल पाया है। विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि 29 जून तक बंगला खाली नहीं किया गया तो बिहार सरकारी परिसर अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

नए सरकारी आवास का बदला रंग बना चर्चा का विषय

लालू परिवार के लिए आवंटित 39 हार्डिंग रोड स्थित नए सरकारी आवास में इन दिनों तेज़ी से पेंटिंग और फिनिशिंग का कार्य चल रहा है। सबसे अधिक चर्चा बंगले के रंग परिवर्तन को लेकर हो रही है।

पहले यह बंगला भगवा रंग में रंगा हुआ था, लेकिन अब इसे हरे रंग से रंगा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हरा रंग राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) की राजनीतिक पहचान और चुनावी प्रतीक से जुड़ा माना जाता है। ऐसे में रंग परिवर्तन को केवल सामान्य रखरखाव नहीं बल्कि राजनीतिक संदेश के रूप में भी देखा जा रहा है।

हालांकि, सरकार या आरजेडी की ओर से इस विषय पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

लालू यादव की सेहत के अनुसार किए गए विशेष इंतजाम

राबड़ी देवी ने कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री और भवन निर्माण विभाग को पत्र लिखकर लालू प्रसाद यादव की स्वास्थ्य स्थिति का हवाला देते हुए अतिरिक्त समय की मांग की थी।

पत्र में बताया गया था कि लालू प्रसाद यादव कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं। डॉक्टरों ने उन्हें संक्रमण से बचाने की सलाह दी है। साथ ही उन्हें पेंट और अन्य रासायनिक गंध से एलर्जी की समस्या भी है। इसके अलावा सीढ़ियां चढ़ने और उतरने में भी उन्हें कठिनाई होती है।

इसी को ध्यान में रखते हुए नए सरकारी आवास के ग्राउंड फ्लोर पर उनके लिए विशेष कमरा तैयार किया जा रहा है। डॉक्टरों की सलाह के अनुरूप उन्हें संक्रमण से बचाने के लिए अलग रहने की भी व्यवस्था की जा रही है, ताकि स्वास्थ्य संबंधी जोखिम कम किया जा सके।

नया आवास सुविधाओं से लैस

39 हार्डिंग रोड स्थित सरकारी बंगला बिहार सरकार के मंत्रियों को मिलने वाले सबसे बड़े सरकारी आवासों में शामिल है। बताया जाता है कि यह मंत्रियों को मिलने वाला दूसरा सबसे बड़ा सरकारी आवास है।

इस बंगले में कुल आठ बड़े कमरे बनाए गए हैं। इसके अलावा तीन विशाल बालकनियां भी हैं। ग्राउंड फ्लोर और पहली मंजिल को जोड़ने के लिए अंदर तथा लॉन की ओर अलग-अलग सीढ़ियों की व्यवस्था की गई है। खुला परिसर और बड़ा लॉन इस आवास को विशेष बनाते हैं।

परिवार के कई सदस्य एक साथ आराम से रह सकें, इसे ध्यान में रखते हुए आवास का डिजाइन तैयार किया गया है।

राबड़ी देवी ने मांगा था अतिरिक्त समय

सरकारी नोटिस मिलने के बाद राबड़ी देवी ने सरकार को पत्र लिखकर एक महीने का अतिरिक्त समय देने का अनुरोध किया था।

उन्होंने अपने पत्र में कहा था कि नए आवास में अभी कुछ आवश्यक कार्य बाकी हैं। जैसे ही सभी निर्माण और मरम्मत का कार्य पूरा हो जाएगा, पूरा परिवार वहां शिफ्ट हो जाएगा और वर्तमान सरकारी आवास खाली कर दिया जाएगा।

उनकी ओर से यह भी कहा गया था कि लालू प्रसाद यादव की स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए जल्दबाजी में स्थानांतरण करना उचित नहीं होगा।

दो दशक से लालू परिवार का पता रहा 10 सर्कुलर रोड

10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास वर्ष 2005 में तत्कालीन पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को आवंटित किया गया था। राजद सरकार के सत्ता से बाहर होने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री होने के नाते उन्हें यह बंगला मिला था।

राबड़ी देवी

करीब 21 वर्षों से यही आवास लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और उनके परिवार का प्रमुख सरकारी निवास बना हुआ है। बिहार की राजनीति के कई महत्वपूर्ण फैसले और राजनीतिक बैठकों का गवाह यह बंगला रहा है।

वहीं नेता प्रतिपक्ष के रूप में तेजस्वी यादव को पहले से ही 1 पोलो रोड स्थित सरकारी आवास आवंटित है, जहां से वे अपना राजनीतिक और संगठनात्मक कार्य संचालित करते हैं।

राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण मामला

राबड़ी आवास खाली कराने का मामला केवल सरकारी नियमों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका राजनीतिक महत्व भी है। एक ओर सरकार सरकारी आवासों के आवंटन और कब्जा हस्तांतरण की प्रक्रिया को पूरा करना चाहती है, वहीं दूसरी ओर विपक्ष इस पूरे घटनाक्रम को राजनीतिक नजरिए से देख रहा है।

अब सभी की नजरें 29 जून पर टिकी हैं। यदि तय समय तक बंगला खाली हो जाता है तो लगभग दो दशक बाद लालू परिवार का स्थायी सरकारी पता बदल जाएगा। वहीं यदि ऐसा नहीं होता है तो भवन निर्माण विभाग द्वारा कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू हो सकती है।

Nishkarsh Bharat

पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट

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