सम्राट चौधरी ने गिनाईं मोदी सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियां, बिहार में 5 लाख करोड़ निवेश और डिफेंस कॉरिडोर का किया ऐलान

सम्राट चौधरी

पटना। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना के एक निजी होटल में आयोजित मीडिया संवाद कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर देश और बिहार में हुए विकास कार्यों का विस्तृत लेखा-जोखा प्रस्तुत किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार की उपलब्धियों के साथ-साथ बिहार के भविष्य के विकास का रोडमैप भी साझा किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने पिछले 12 वर्षों में विकास, सुशासन और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि अब देश विकसित भारत के लक्ष्य को लेकर तेजी से आगे बढ़ रहा है और बिहार भी इस विकास यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

विकसित भारत सबसे बड़ा लक्ष्य: सम्राट चौधरी

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके 12 वर्षों के सफल कार्यकाल के लिए बधाई देते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में इतने लंबे समय तक देश का नेतृत्व करना एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक मंच पर अपनी अलग पहचान बनाई है और आज देश दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो चुका है।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का सबसे बड़ा लक्ष्य भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है और इसके लिए हर राज्य को विकास की मुख्यधारा में जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

भाजपा ने अपने ऐतिहासिक संकल्प पूरे किए

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने जनसंघ के समय से जो संकल्प देश के सामने रखे थे, उन्हें पूरा करने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35ए हटाना भाजपा की लंबे समय से चली आ रही प्रतिबद्धता थी, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरा किया गया।

इसके अलावा अयोध्या में भगवान राम के भव्य मंदिर का निर्माण भी भाजपा के प्रमुख वादों में शामिल था, जो अब साकार हो चुका है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने हमेशा अपने विचारों और एजेंडे के प्रति प्रतिबद्धता दिखाई है।

बिहार में 5 लाख करोड़ रुपये निवेश का लक्ष्य

बिहार में औद्योगिक विकास को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने 20 नवंबर तक बिहार में 5 लाख करोड़ रुपये के औद्योगिक निवेश को धरातल पर उतारने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में बिहार देश के प्रमुख औद्योगिक राज्यों में अपनी पहचान बनाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार निवेशकों को बेहतर वातावरण और सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है।

उद्योगों को 30 दिन के भीतर मिलेगी मंजूरी

निवेश को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने उद्योग स्थापना प्रक्रिया को सरल बनाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि उद्योग लगाने के लिए आवेदन करने वाले निवेशकों को 30 दिनों के भीतर आवश्यक स्वीकृतियां उपलब्ध कराई जाएंगी।

उन्होंने कहा कि समय सीमा निर्धारित होने से निवेशकों का विश्वास बढ़ेगा और राज्य में औद्योगिक परियोजनाओं की स्थापना में तेजी आएगी। सरकार का उद्देश्य बिहार को उद्योगों के लिए आकर्षक गंतव्य बनाना है।

राजगीर और मुंगेर में बनेगा डिफेंस कॉरिडोर

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार के लिए एक और बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि राजगीर और मुंगेर को डिफेंस कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि देश रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में तेजी से आत्मनिर्भर बन रहा है और बिहार भी इस अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा बनेगा। डिफेंस कॉरिडोर बनने से राज्य में बड़े निवेश, नए उद्योग और रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि डिफेंस सेक्टर में निवेश बढ़ने से बिहार की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिल सकती है।

हर जिले में एयरपोर्ट, हेलीपैड और एयरस्ट्रिप की योजना

मुख्यमंत्री ने बिहार में हवाई संपर्क को मजबूत बनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि राजगीर और सासाराम-कैमूर क्षेत्र के बीच नई एयरस्ट्रिप निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि बिहार के सभी जिलों को बेहतर हवाई कनेक्टिविटी से जोड़ा जाए। इसके लिए आवश्यकता के अनुसार एयरपोर्ट, हेलीपैड और एयरस्ट्रिप विकसित किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने पटना एयरपोर्ट के नए स्वरूप की चर्चा करते हुए कहा कि वहां पहुंचने पर अब स्पष्ट रूप से महसूस होता है कि बिहार तेजी से बदल रहा है।

जीएसटी और जनधन योजना से बदली तस्वीर

सम्राट चौधरी ने कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद राज्यों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। उन्होंने कहा कि बिहार की लगभग 14 करोड़ आबादी राज्य की सबसे बड़ी ताकत है और जीएसटी व्यवस्था से राज्य को आर्थिक लाभ मिला है।

उन्होंने जनधन योजना और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) को गरीबों के जीवन में बड़ा बदलाव लाने वाली योजनाएं बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब सरकारी योजनाओं का पैसा सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंच रहा है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है और भ्रष्टाचार में कमी आई है।

शिक्षकों के वेतन और पेंशन पर नहीं होगी कोई रोक

वित्तीय प्रबंधन के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि शिक्षकों का वेतन और पेंशन उनका अधिकार है और किसी भी परिस्थिति में इसे रोका नहीं जाएगा।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार का प्रतिदिन का खर्च लगभग 1000 करोड़ रुपये है और ट्रेजरी में पर्याप्त राशि उपलब्ध है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विकास योजनाओं के लिए उपयोगिता प्रमाणपत्र सुनिश्चित किया जाए, लेकिन वेतन और पेंशन भुगतान में कोई बाधा नहीं आनी चाहिए।

नक्सलवाद पर मिली बड़ी सफलता

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार और देश में नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि एक समय वहां नक्सली हिंसा बड़ी चुनौती थी, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है।

उन्होंने कहा कि विकास अब गांव-गांव तक पहुंच रहा है और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने से निवेश और रोजगार के अवसर भी बढ़ रहे हैं।

100 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं की खुद करेंगे समीक्षा

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशानुसार दो वर्षों से अधिक समय से लंबित परियोजनाओं की समीक्षा मुख्यमंत्री स्तर पर की जाएगी।

उन्होंने घोषणा की कि 100 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली सभी प्रमुख परियोजनाओं की समीक्षा वह स्वयं करेंगे। इसका उद्देश्य परियोजनाओं में हो रही देरी के कारणों की पहचान कर उन्हें समय पर पूरा कराना है।

पटना में आयोजित मीडिया संवाद कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्पष्ट संकेत दिया कि बिहार सरकार आने वाले वर्षों में औद्योगिक निवेश, बुनियादी ढांचे, हवाई संपर्क, रक्षा उत्पादन और रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान देने जा रही है। 5 लाख करोड़ रुपये के निवेश लक्ष्य, डिफेंस कॉरिडोर, एयरस्ट्रिप निर्माण और उद्योगों को 30 दिन में मंजूरी जैसी घोषणाएं बिहार के विकास एजेंडे को नई दिशा देने वाली मानी जा रही हैं। अब इन योजनाओं के क्रियान्वयन पर सबकी नजरें टिकी हैं।

Nishkarsh Bharat

पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट

You may have missed