बेतिया में बच्चों से भरी स्कूल वैन पलटी, ग्रामीण बने फरिश्ता, 11 बच्चे सकुशल बरामद

स्कूल वैन

बेतिया में स्कूल वैन पलटी, ग्रामीणों ने बचाई 11 बच्चों की जान

निष्कर्ष भारत, संवाददाता बेतिया। स्कूल वैन हादसा बुधवार को पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया में उस समय सामने आया, जब बच्चों से भरी एक निजी स्कूल की वैन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पानी से भरे गड्ढे में पलट गई। हादसे के समय वाहन में करीब 11 बच्चे सवार थे। वैन पलटते ही बच्चों की चीख-पुकार से आसपास का इलाका गूंज उठा। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने बिना देर किए पानी में छलांग लगाई और सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। ग्रामीणों की तत्परता और साहस के कारण एक बड़ा हादसा टल गया।

स्कूल वैन पलटते ही मच गई अफरा-तफरी

यह हादसा बेतिया के रमपुरवा नवका टोला स्थित महादलित बस्ती के पास हुआ। जानकारी के अनुसार ‘रेनबो इंटरनेशनल अकैडमी’ की स्कूल वैन बच्चों को लेकर जा रही थी। इसी दौरान चालक स्कूल वैन पर नियंत्रण खो बैठा और वैन सड़क किनारे पानी में पलट गई।

जैसे ही वाहन पलटा, उसमें बैठे बच्चे घबरा गए और मदद के लिए चिल्लाने लगे। आसपास के लोगों ने आवाज सुनते ही घटनास्थल की ओर दौड़ लगा दी। कुछ ही मिनटों में वहां बड़ी संख्या में ग्रामीण इकट्ठा हो गए और राहत कार्य शुरू कर दिया।

स्कूल वैन से सभी 11 बच्चों को सुरक्षित निकाला

स्थानीय ग्रामीण मोहम्मद अमानुल्लाह और अन्य लोगों ने अपनी जान की परवाह किए बिना पानी में उतरकर स्कूल वैन का दरवाजा खोला और एक-एक कर सभी बच्चों को बाहर निकाला। बच्चों को सुरक्षित निकालने के बाद उनके स्वास्थ्य की भी जानकारी ली गई। हादसे के दौरान बच्चों के स्कूल बैग और टिफिन भी पानी में गिर गए थे। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद उन्हें भी बाहर निकाला और सभी बच्चों को सकुशल उनके घर पहुंचाने में मदद की। स्थानीय लोगों की सक्रियता से किसी भी बच्चे को गंभीर नुकसान नहीं पहुंचा।

पुलिस ने स्कूल वैन को किया जब्त

घटना की सूचना तुरंत डायल-112 पर दी गई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। बाद में जेसीबी मशीन की सहायता से पानी में डूबी स्कूल वैन को बाहर निकाला गया।

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थानाध्यक्ष अमर कुमार ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त स्कूल वैन को जब्त कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है और नियमों के अनुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि हादसा चालक की लापरवाही से हुआ या वाहन में कोई तकनीकी खराबी थी।

छुट्टी के दिन स्कूल संचालन पर उठे सवाल

इस घटना के बाद निजी स्कूलों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। बुधवार को ईद-ए-मिलाद के अवसर पर राज्य सरकार की ओर से सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया था। इसके बावजूद संबंधित निजी विद्यालय खुला था और बच्चों को स्कूल बुलाया गया था।

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घटना के बाद स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने इस पर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि सरकारी अवकाश के बावजूद स्कूल का संचालन करना नियमों की अनदेखी है और बच्चों की सुरक्षा के साथ भी समझौता किया गया।

शिक्षा विभाग ने शुरू की जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी हफीजुर्रहमान ने तत्काल संज्ञान लिया है। उन्होंने कहा कि विभागीय आदेशों के विपरीत अवकाश के दिन विद्यालय का संचालन गंभीर लापरवाही की श्रेणी में आता है।

उन्होंने बताया कि पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। यदि जांच में नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित विद्यालय के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही विद्यालय का क्यूआर कोड रद्द करने के लिए शिक्षा विभाग को अनुशंसा भी भेजी जाएगी।

ग्रामीणों की बहादुरी से टला बड़ा हादसा

स्थानीय लोगों की सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई ने इस दुर्घटना को बड़े हादसे में बदलने से रोक दिया। यदि ग्रामीण समय रहते मौके पर नहीं पहुंचते, तो स्थिति कहीं अधिक गंभीर हो सकती थी।

इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा, स्कूल वैनों की निगरानी और निजी स्कूलों द्वारा नियमों के पालन की आवश्यकता को सामने ला दिया है। प्रशासन अब पूरे मामले की जांच कर रहा है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी में जुटा है।

Nishkarsh Bharat

अमन कुमार की रिपोर्ट