पटना में धोखाधड़ी के मामलों में कुख्यात अमीन आलम गिरफ्तार, 2 आईफोन मिले, मर्सडीज जब्त
अमीन आलम गिरफ्तार, दो आईफोन मिले और मर्सडीज कार जब्त
निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। पटना में धोखाधड़ी और जालसाजी समेत कई आपराधिक मामलों में लंबे समय से फरार चल रहे अमीन आलम गिरफ्तार कर लिया गया है। फुलवारीशरीफ थाना क्षेत्र के रानीपुर में पुलिस ने रविवार देर शाम छापेमारी कर उसे पकड़ा। पुलिस के मुताबिक, अमीन आलम कई थानों में वांछित था और उसके खिलाफ आठ से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं।
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने उसके पास से दो एप्पल आईफोन और एक मर्सडीज कार बरामद की है। पुलिस अब उससे पूछताछ कर उसके खिलाफ दर्ज अन्य मामलों और उसकी गतिविधियों से जुड़ी जानकारी जुटा रही है। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद आरोपी को जेल भेजने की तैयारी की जा रही है।
रानीपुर में छिपे होने की मिली थी सूचना
पुलिस के अनुसार, अमीन आलम काफी समय से फरार चल रहा था। अलग-अलग मामलों में उसकी तलाश की जा रही थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि वह अपने घर रानीपुर आया हुआ है। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की योजना बनाई।
नगर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी के निर्देश पर फुलवारीशरीफ के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी-1 के नेतृत्व में विशेष छापेमारी टीम गठित की गई। टीम में फुलवारीशरीफ थानाध्यक्ष के साथ डीआईयू टीम पश्चिमी पटना के पुलिसकर्मी भी शामिल किए गए।
सूचना की पुष्टि करने के बाद पुलिस टीम रानीपुर पहुंची और बताए गए ठिकाने पर छापेमारी की। पुलिस की कार्रवाई के दौरान अमीन आलम को गिरफ्तार कर लिया गया।
अमीन आलम पर आठ से ज्यादा मामले दर्ज
फुलवारीशरीफ के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी-1 ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी कई थानों में वांछित था। उसके खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी से जुड़े कई मामले दर्ज हैं। इसके अलावा बिजली चोरी अधिनियम के तहत भी उसके खिलाफ मामला दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है।

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, अमीन आलम के खिलाफ पटना के अलग-अलग थानों में आठ से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें आर्थिक धोखाधड़ी, जालसाजी और अन्य मामलों से संबंधित केस शामिल हैं।
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पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन मामलों में उसकी भूमिका क्या रही है और किन लोगों के साथ मिलकर वह कथित तौर पर गतिविधियां संचालित करता था। इसके साथ ही पुलिस उसके पुराने मामलों की भी जानकारी जुटा रही है।
दो आईफोन और मर्सडीज कार बरामद
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने अमीन आलम के पास से दो एप्पल मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इसके अलावा एक मर्सडीज कार भी जब्त की गई है। पुलिस बरामद सामान की भी जांच कर रही है।
जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद मोबाइल फोन और कार का इन मामलों से कोई संबंध है या नहीं। मोबाइल फोन से मिलने वाली जानकारी भी पुलिस जांच का हिस्सा हो सकती है। पुलिस आरोपी के संपर्क में रहने वाले लोगों और उसके साथ जुड़े अन्य व्यक्तियों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।
मर्सडीज कार की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वाहन आरोपी के नाम पर है या किसी अन्य व्यक्ति के नाम से पंजीकृत है। हालांकि, बरामदगी के संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
अमीन आलम की लंबे समय से चल रही थी तलाश
पुलिस के मुताबिक, अमीन आलम की गिरफ्तारी से पहले उसकी तलाश लगातार की जा रही थी। अलग-अलग थानों में दर्ज मामलों के कारण पुलिस उसके संभावित ठिकानों की जानकारी जुटा रही थी। इसी क्रम में उसके रानीपुर स्थित घर आने की सूचना पुलिस को मिली।
पुलिस ने सूचना को गंभीरता से लेते हुए टीम तैयार की और बिना देरी के छापेमारी की। इस कार्रवाई में स्थानीय थाना पुलिस के साथ डीआईयू की टीम को भी शामिल किया गया। पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत अमीन आलम को भी पकड़ा गया है।
धोखाधड़ी और जालसाजी के मामलों की होगी जांच
अमीन आलम की गिरफ्तारी के बाद पुलिस के सामने अब उसके खिलाफ दर्ज मामलों की कड़ियां जोड़ने की चुनौती है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि अलग-अलग थानों में दर्ज मामलों में उसके खिलाफ क्या आरोप लगाए गए हैं और उनमें उसकी भूमिका किस तरह सामने आई है।
धोखाधड़ी और जालसाजी के मामलों में पुलिस आम तौर पर शिकायत, लेनदेन, दस्तावेज और आरोपों से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच करती है। इस मामले में भी पुलिस पुराने केस रिकॉर्ड खंगाल रही है।

पूछताछ के दौरान पुलिस आरोपी से उसके संपर्कों और कथित गतिविधियों के बारे में जानकारी हासिल करने का प्रयास कर रही है। जांच में यदि किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो पुलिस उसके खिलाफ भी कार्रवाई कर सकती है।
फुलवारीशरीफ पुलिस की कार्रवाई से बढ़ी जांच
फुलवारीशरीफ थाना क्षेत्र में की गई इस कार्रवाई को पुलिस की महत्वपूर्ण गिरफ्तारी के तौर पर देखा जा रहा है, क्योंकि आरोपी लंबे समय से कई मामलों में वांछित बताया जा रहा था। पुलिस टीम ने सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए उसके ठिकाने तक पहुंच बनाई।
एसडीपीओ-1 के नेतृत्व में हुई छापेमारी में थाना पुलिस और डीआईयू टीम पश्चिमी पटना के जवान शामिल रहे। इससे यह भी स्पष्ट है कि पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए स्थानीय स्तर पर सूचना जुटाने के साथ तकनीकी और खुफिया जानकारी का इस्तेमाल किया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ जारी है। पूछताछ में सामने आने वाली जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अब पुराने मामलों की फाइलें खंगालेगी पुलिस
अमीन आलम की गिरफ्तारी के बाद पुलिस उसके खिलाफ दर्ज सभी मामलों की स्थिति की समीक्षा कर रही है। कौन-सा मामला किस थाने में दर्ज है, उसमें जांच कहां तक पहुंची है और आरोपी की तलाश क्यों की जा रही थी, इन सभी बिंदुओं को जोड़ा जा रहा है।
पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी लंबे समय तक गिरफ्तारी से कैसे बचता रहा और किन स्थानों पर रह रहा था। इसके अलावा उसके आर्थिक लेनदेन और संपर्कों से जुड़ी जानकारी भी जांच का हिस्सा बन सकती है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ दर्ज मामलों को देखते हुए पूछताछ महत्वपूर्ण है। हालांकि, किसी भी आरोप की अंतिम पुष्टि अदालत में साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगी।
कानूनी कार्रवाई के बाद भेजा जाएगा जेल
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ और अन्य औपचारिकताओं के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेजा जाएगा।
फिलहाल पुलिस का मुख्य फोकस आरोपी के खिलाफ दर्ज पुराने मामलों की जानकारी जुटाने और उसकी कथित गतिविधियों की जांच पर है। बरामद दो मोबाइल फोन और मर्सडीज कार भी जांच के दायरे में हैं।
पटना में धोखाधड़ी और जालसाजी के मामलों को लेकर पुलिस की यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान चलाया जा रहा है। अमीन आलम की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ से उसके खिलाफ दर्ज अन्य मामलों की जांच में भी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है।
राजकुमार सिंह की रिपोर्ट
