बिहार कैबिनेट विस्तार से पहले बड़ा संकेत: निशांत कुमार बन सकते हैं मंत्री, गांधी मैदान में 7 मई को शपथ की तैयारी
निशांत कुमार मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं
पटना: बिहार की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आ रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के जल्द ही सक्रिय राजनीति में बड़ी भूमिका निभाने के संकेत मिल रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, 7 मई को सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली कैबिनेट के विस्तार में निशांत कुमार मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जदयू की हालिया बैठकों और अंदरूनी चर्चाओं ने सियासी हलचल तेज कर दी है।
देर रात मीटिंग के बाद बदला रुख
बताया जा रहा है कि जदयू नेताओं की देर रात चली अहम बैठक के बाद निशांत कुमार मंत्री बनने के लिए तैयार हुए हैं। शुरुआत में उन्होंने सरकार का हिस्सा बनने से साफ इनकार कर दिया था, लेकिन पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और करीबी लोगों के समझाने के बाद उन्होंने अपना रुख बदला।
इस बैठक में ललन सिंह, संजय झा और विजय चौधरी जैसे बड़े नेता मौजूद थे। बैठक के बाद ये सभी नेता मंत्रियों की सूची लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मिलने उनके आवास पहुंचे।
गांधी मैदान में होगा शपथ ग्रहण
7 मई को पटना के गांधी मैदान में भव्य शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा। इस दौरान करीब 27 मंत्री शपथ ले सकते हैं। इनमें भाजपा, जदयू, लोजपा (रा.), हम और रालोमो के प्रतिनिधि शामिल होंगे।

संभावित आंकड़ों के अनुसार:
- भाजपा से 12 मंत्री
- जदयू से 11 मंत्री
- लोजपा (रा.) से 2 मंत्री
- हम और रालोमो से 1-1 मंत्री
इसके अलावा, भविष्य की राजनीतिक रणनीति को ध्यान में रखते हुए कुछ पद खाली भी रखे जा सकते हैं।
सद्भावना यात्रा फिलहाल स्थगित

निशांत कुमार इन दिनों बिहार में “सद्भावना यात्रा” पर हैं, जिसके तहत वे विभिन्न जिलों में जाकर लोगों से मिल रहे हैं और उनकी समस्याएं सुन रहे हैं। लेकिन 7 मई के शपथ ग्रहण समारोह को देखते हुए उनकी यात्रा को अस्थायी रूप से रद्द कर दिया गया है। अब यह यात्रा 9 मई से फिर शुरू होगी, जिसका नया शेड्यूल जल्द जारी किया जाएगा।
बिना ब्रांडिंग की सादगी भरी यात्रा
निशांत कुमार की यात्रा की एक खास बात यह भी रही है कि इसमें किसी तरह की व्यक्तिगत ब्रांडिंग नहीं की गई है। वे उसी “निश्चय रथ” का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिसका उपयोग पहले नीतीश कुमार अपनी यात्राओं में करते थे। इससे यह संकेत मिलता है कि वे खुद को एक सादगीपूर्ण और जमीन से जुड़े नेता के रूप में स्थापित करना चाहते हैं।
मार्च 2026 में रखी थी राजनीति में एंट्री
निशांत कुमार ने 8 मार्च 2026 को जदयू की सदस्यता लेकर औपचारिक रूप से राजनीति में कदम रखा था। उस समय पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने उन्हें सदस्यता दिलाई थी। सदस्यता ग्रहण करते समय उन्होंने कहा था कि वे अपने पिता के विकास कार्यों को आगे बढ़ाना चाहते हैं और पार्टी के लिए पूरी मेहनत से काम करेंगे।
क्या है राजनीतिक महत्व?
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, निशांत कुमार का कैबिनेट में शामिल होना जदयू के लिए एक बड़ा संकेत हो सकता है। यह न सिर्फ पार्टी के अंदर नई पीढ़ी के नेतृत्व को आगे बढ़ाने की कोशिश है, बल्कि भविष्य की राजनीति के लिए एक रणनीतिक कदम भी माना जा रहा है।
इसके अलावा, उनका जमीनी स्तर पर सक्रिय होना और जनता से सीधे संवाद करना उन्हें एक मजबूत जनाधार बनाने में मदद कर सकता है।
आधिकारिक घोषणा का इंतजार
हालांकि अब तक पार्टी या सरकार की ओर से निशांत कुमार के मंत्री बनने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन जिस तरह से घटनाक्रम तेजी से बदल रहे हैं, उससे यह लगभग तय माना जा रहा है कि 7 मई का दिन बिहार की राजनीति में एक नया अध्याय जोड़ सकता है।
पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट
