पटना मेट्रो निर्माण के बीच ट्रैफिक सुधार पर सरकार का बड़ा फैसला, बेली रोड के 11 स्ट्रेच पर होगा बदलाव
पटना मेट्रो निर्माण: बेली रोड के 11 स्ट्रेच पर ट्रैफिक सुधार होगा, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दिए निर्देश
पटना में तेजी से चल रहे मेट्रो रेल निर्माण कार्य के कारण राजधानी के प्रमुख मार्गों पर बढ़ती ट्रैफिक समस्या को देखते हुए बिहार सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया कि मेट्रो निर्माण के दौरान आम लोगों की आवाजाही प्रभावित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि बेली रोड (नेहरू पथ) पर ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए विशेष योजना तैयार की जाए और जिन स्थानों पर आवश्यकता हो वहां सड़क चौड़ीकरण, जंक्शन सुधार तथा वैकल्पिक मार्ग विकसित किए जाएं।
बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि बेली रोड पर ऐसे 11 महत्वपूर्ण स्ट्रेच चिन्हित किए गए हैं, जहां ट्रैफिक दबाव सबसे अधिक है। इन स्थानों पर यातायात को सुचारू बनाने के लिए चरणबद्ध तरीके से सुधार कार्य किए जाएंगे।
बेली रोड के 11 स्ट्रेच पर होगा ट्रैफिक सुधार
पटना की सबसे व्यस्त सड़कों में शामिल बेली रोड इन दिनों मेट्रो निर्माण के कारण अतिरिक्त ट्रैफिक दबाव झेल रही है। निर्माण कार्य के चलते कई जगह सड़क का हिस्सा घिरा हुआ है, जिससे पीक ऑवर में लंबा जाम लग रहा है।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि चिन्हित किए गए 11 स्ट्रेच का स्थल निरीक्षण किया जाए और प्रत्येक स्थान की वास्तविक जरूरत के अनुसार ट्रैफिक सुधार के उपाय लागू किए जाएं। जहां सड़क संकरी है, वहां चौड़ीकरण किया जाए और जहां जंक्शन पर जाम की समस्या है, वहां ट्रैफिक इंजीनियरिंग के माध्यम से समाधान निकाला जाए।
सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मेट्रो परियोजना का काम भी चलता रहे और आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना भी न करना पड़े।
सड़क चौड़ीकरण और बॉटलनेक हटाने पर रहेगा जोर
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जिन स्थानों पर ट्रैफिक बाधित होता है, वहां केवल अस्थायी उपायों से काम नहीं चलेगा। आवश्यकता के अनुसार सड़क चौड़ीकरण, बॉटलनेक हटाने, जंक्शन सुधार और अन्य स्थायी उपाय किए जाएं।
पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल और पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक संदीप कुमार आर. पुडुकलकट्टी ने मुख्यमंत्री को ट्रैफिक सुधार की प्रस्तावित योजना की जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि सभी चिन्हित स्थानों का तकनीकी मूल्यांकन किया गया है और आवश्यकता के अनुसार चरणबद्ध तरीके से सुधार कार्य शुरू किए जाएंगे।
ट्रैफिक के लिए वैकल्पिक मार्ग तैयार करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जहां मेट्रो निर्माण के कारण यातायात प्रभावित होने की संभावना है, वहां पहले से ही वैकल्पिक मार्ग तैयार किए जाएं।
उन्होंने कहा कि यदि किसी सड़क पर निर्माण कार्य के चलते आवागमन सीमित करना पड़े तो लोगों को पहले से इसकी जानकारी दी जाए और ऐसे मार्ग उपलब्ध कराए जाएं जिससे उन्हें लंबी दूरी तय न करनी पड़े।
सरकार चाहती है कि ट्रैफिक डायवर्जन वैज्ञानिक तरीके से लागू किया जाए ताकि शहर में अनावश्यक जाम की स्थिति उत्पन्न न हो।
नेहरू पथ पर बनेगा व्यवस्थित वेंडिंग जोन
बैठक में मुख्यमंत्री ने नेहरू पथ पर वेंडरों के लिए उपयुक्त वेंडिंग जोन चिन्हित करने का भी निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि सड़क किनारे अनियोजित तरीके से लगने वाली दुकानें और ठेले कई स्थानों पर ट्रैफिक बाधित करते हैं। ऐसे में निर्धारित स्थानों पर वेंडिंग जोन विकसित किए जाएं ताकि सड़क पर अतिक्रमण कम हो और यातायात सुचारू बना रहे।
सरकार का मानना है कि इससे एक ओर ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर होगी, वहीं दूसरी ओर वेंडरों को भी व्यवस्थित स्थान उपलब्ध कराया जा सकेगा।
सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि ट्रैफिक सुधार केवल एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। इसके लिए सभी संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।
उन्होंने निर्देश दिया कि पथ निर्माण विभाग, पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन, जिला प्रशासन, नगर निकाय और यातायात पुलिस आपसी तालमेल के साथ कार्य करें ताकि किसी भी निर्णय को तेजी से लागू किया जा सके।
बैठक में अधिकारियों को संयुक्त कार्ययोजना तैयार करने और समयबद्ध तरीके से उसे लागू करने के निर्देश दिए गए।
ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए बनेगी विस्तृत कार्ययोजना
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों से कहा कि ट्रैफिक सुधार के लिए केवल तत्काल कदम ही नहीं बल्कि दीर्घकालिक योजना भी तैयार की जाए।
उन्होंने निर्देश दिया कि—
- चिन्हित 11 स्ट्रेच का विस्तृत निरीक्षण किया जाए।
- जहां जरूरत हो वहां सड़क चौड़ीकरण किया जाए।
- ट्रैफिक बॉटलनेक दूर किए जाएं।
- प्रमुख जंक्शनों का पुनर्विकास किया जाए।
- वैकल्पिक मार्गों की पहचान कर उन्हें विकसित किया जाए।
- ट्रैफिक पुलिस और निर्माण एजेंसियों के बीच समन्वय मजबूत किया जाए।
सरकार का उद्देश्य है कि मेट्रो निर्माण पूरा होने तक राजधानी की यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रहे।
पटना मेट्रो परियोजना के साथ ट्रैफिक संतुलन पर सरकार का फोकस
पटना मेट्रो परियोजना राजधानी के सबसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा विकास कार्यों में शामिल है। निर्माण कार्य के कारण कुछ समय के लिए लोगों को असुविधा हो रही है, लेकिन सरकार का प्रयास है कि इन परेशानियों को न्यूनतम रखा जाए।
बेली रोड, नेहरू पथ और आसपास के क्षेत्रों में प्रतिदिन हजारों वाहन गुजरते हैं। ऐसे में ट्रैफिक सुधार की यह योजना न केवल वर्तमान जाम की समस्या को कम करने में मदद करेगी, बल्कि भविष्य में मेट्रो संचालन शुरू होने के बाद भी यातायात व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
सरकार का कहना है कि सभी संबंधित विभागों के समन्वय से जल्द ही चिन्हित 11 स्ट्रेच पर आवश्यक सुधार कार्य शुरू किए जाएंगे, जिससे पटना के लोगों को जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।
पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट
