बिहार में शिक्षकों के ट्रांसफर की प्रक्रिया शुरू, 2 दिन में 22 हजार से अधिक आवेदन; 5.80 लाख शिक्षकों को मिलेगा लाभ
बिहार सरकार ने शिक्षक स्थानांतरण नियमावली-2026 के तहत ट्रांसफर और समायोजन प्रक्रिया शुरू कर दी है।
बिहार में किसी शिक्षक का जबरन ट्रांसफर नहीं होगा: शिक्षा मंत्री
बिहार सरकार ने राज्य के सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों के स्थानांतरण (Transfer) और समायोजन (Adjustment) की लंबे समय से प्रतीक्षित प्रक्रिया शुरू कर दी है। बिहार राज्य शिक्षक स्थानांतरण नियमावली-2026 के तहत 29 जुलाई से ऑनलाइन पोर्टल खोल दिया गया है। शिक्षा विभाग का उद्देश्य उन स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है जहां शिक्षकों की कमी है और जिन विद्यालयों में आवश्यकता से अधिक शिक्षक हैं, वहां से उनका समायोजन करना है।
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने शुक्रवार को जानकारी देते हुए बताया कि यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होगी और किसी भी शिक्षक का जबरन ट्रांसफर नहीं किया जाएगा। केवल वे शिक्षक ही स्थानांतरण प्रक्रिया में शामिल होंगे जो स्वेच्छा से ऑनलाइन आवेदन करेंगे।
पहले दो दिनों में 22 हजार से अधिक शिक्षक जुड़े
शिक्षा मंत्री ने बताया कि पोर्टल खुलने के बाद शिक्षकों में अच्छी प्रतिक्रिया देखने को मिली है। पहले दो दिनों में 14,796 शिक्षकों ने अपना आवेदन सफलतापूर्वक जमा कर दिया, जबकि 7,795 शिक्षकों ने आवेदन भरकर सेव किया है, लेकिन अभी अंतिम रूप से सबमिट नहीं किया है।
इस प्रकार कुल 22,591 शिक्षक अब तक इस प्रक्रिया से जुड़ चुके हैं। इसके अलावा आपसी सहमति (Mutual Transfer) के तहत स्थानांतरण के लिए भी 2,142 शिक्षकों ने आवेदन किया है।
सरकार का मानना है कि आने वाले दिनों में आवेदन की संख्या और बढ़ेगी क्योंकि अभी पोर्टल खुलने के शुरुआती दिन हैं।
5.80 लाख शिक्षकों को मिलेगा लाभ
शिक्षा मंत्री ने कहा कि नई स्थानांतरण व्यवस्था का लाभ राज्य के लगभग 5 लाख 80 हजार शिक्षकों को मिलेगा। उन्होंने बताया कि राज्य में कई विद्यालय ऐसे हैं जहां जरूरत से अधिक शिक्षक कार्यरत हैं, जबकि दूसरी ओर कई स्कूल ऐसे भी हैं जहां पर्याप्त संख्या में शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं।
इसी असंतुलन को दूर करने के लिए यह नई व्यवस्था लागू की गई है ताकि सभी विद्यालयों में छात्रों को समान रूप से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
राज्य में 1.06 लाख से अधिक अधिशेष शिक्षक
शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार राज्य में कुल 1,06,788 शिक्षक अधिशेष (Surplus Teachers) की श्रेणी में हैं, जिनका समायोजन किया जाएगा।
विभाग के अनुसार—
- कक्षा 1 से 5 तक के प्राथमिक विद्यालयों में 65,413 शिक्षक आवश्यकता से अधिक हैं।
- कक्षा 9 और 10 में लगभग 16,400 शिक्षक अधिशेष हैं।
- कक्षा 11 और 12 में करीब 14,500 शिक्षक जरूरत से ज्यादा हैं।
सरकार का उद्देश्य इन शिक्षकों को उन विद्यालयों में भेजना है जहां शिक्षकों की कमी है ताकि शिक्षा व्यवस्था संतुलित हो सके।
30 छात्रों पर एक शिक्षक का मानक
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार 30 छात्रों पर एक शिक्षक की व्यवस्था को लागू करना चाहती है। इसी मानक के आधार पर प्रत्येक विद्यालय में शिक्षकों की आवश्यकता तय की जाएगी।
जिन विद्यालयों में इस मानक से अधिक शिक्षक हैं, वहां से स्वैच्छिक स्थानांतरण और समायोजन के माध्यम से शिक्षकों को दूसरे विद्यालयों में भेजा जाएगा।
शिक्षकों को मिलेंगे 30 स्कूल चुनने के विकल्प
स्थानांतरण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और शिक्षक हितैषी बनाने के लिए सरकार ने शिक्षकों को अपनी पसंद के विद्यालय चुनने की सुविधा दी है।
हर शिक्षक को आवेदन के दौरान 30 विद्यालयों का विकल्प भरने का अवसर मिलेगा। इन विकल्पों के आधार पर उपलब्ध रिक्तियों और निर्धारित नियमों के अनुसार स्थानांतरण किया जाएगा।
इस व्यवस्था से शिक्षकों को अपनी सुविधा और प्राथमिकता के अनुसार विद्यालय चुनने का अवसर मिलेगा।
महिला और पुरुष शिक्षकों के लिए अलग व्यवस्था
शिक्षा विभाग ने महिला और पुरुष शिक्षकों की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग प्रावधान किए हैं।
महिला शिक्षकों को उनकी वर्तमान पंचायत के समीप स्थित पंचायतों में विद्यालय चुनने की सुविधा दी जाएगी, जिससे उन्हें पारिवारिक और सामाजिक जिम्मेदारियों के साथ नौकरी करने में आसानी हो।
वहीं पुरुष शिक्षकों को अपने वर्तमान प्रखंड के बाहर अधिकतम चार प्रखंडों तक विद्यालयों का चयन करने का अवसर मिलेगा।
सरकार का कहना है कि इससे स्थानांतरण प्रक्रिया अधिक व्यावहारिक और संतुलित बनेगी।
हर दो दिन में होगी समीक्षा
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बताया कि पूरी स्थानांतरण प्रक्रिया की हर दो दिन में समीक्षा की जाएगी। यदि आवेदन प्रक्रिया या पोर्टल संचालन में किसी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक समस्या सामने आती है तो उसका तत्काल समाधान किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि पूरी प्रक्रिया समयबद्ध, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पूरी हो।
शिक्षकों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी
स्थानांतरण प्रक्रिया से जुड़ी किसी भी प्रकार की समस्या या जानकारी के लिए शिक्षा विभाग ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं।
टोल फ्री नंबर
- 14417
- 1800-345-4417
ई-शिक्षाकोष हेल्पडेस्क
- 9523300520
- 9430820499
इन नंबरों पर शिक्षक आवेदन, पोर्टल, दस्तावेज या अन्य तकनीकी समस्याओं के संबंध में सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में बड़ा कदम
बिहार सरकार की यह पहल राज्य की शिक्षा व्यवस्था को अधिक संतुलित और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। वर्षों से शिक्षकों की असमान तैनाती के कारण कई विद्यालयों में पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। नई स्थानांतरण नीति के माध्यम से सरकार शिक्षकों का बेहतर वितरण सुनिश्चित करना चाहती है, जिससे जहां शिक्षकों की कमी है वहां रिक्तियां भर सकें और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
यदि यह प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार सफलतापूर्वक पूरी होती है तो इससे न केवल लाखों शिक्षकों को सुविधा मिलेगी, बल्कि राज्य के सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता में भी सुधार आने की उम्मीद है।
पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट
