PG मेडिकल छात्रों के लिए खुशखबरी, बिहार में मिलेगा 1.12 लाख मानदेय

बिहार PG छात्रों का मानदेय बढ़ा

बिहार में PG छात्रों को अब 1.12 लाख तक मानदेय मिलेगा

निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। बिहार PG मेडिकल छात्रों के लिए राज्य सरकार ने बड़ी राहत दी है। सरकारी चिकित्सा एवं दंत महाविद्यालयों में पीजी पाठ्यक्रम की पढ़ाई कर रहे छात्रों के मासिक मानदेय में बढ़ोतरी की गई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी संकल्प के अनुसार संशोधित मानदेय की दरें 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जाएंगी। नई व्यवस्था के तहत पीजी के तीसरे वर्ष में पढ़ने वाले छात्रों को अब हर महीने 1 लाख 12 हजार 200 रुपये तक मानदेय मिलेगा।

मानदेय में PG बढ़ोतरी का लाभ सरकारी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में पीजी पाठ्यक्रम में नामांकित छात्रों को मिलेगा। सरकार के इस फैसले से प्रशिक्षण के दौरान छात्रों को पहले की तुलना में बेहतर आर्थिक सहयोग मिलने की उम्मीद है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि इससे चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में छात्रों को प्रोत्साहन मिलेगा और भविष्य के विशेषज्ञ चिकित्सकों को तैयार करने में मदद मिलेगी।

PG छात्रों को अब कितना मिलेगा मानदेय

स्वास्थ्य विभाग द्वारा तय नई दरों के अनुसार पीजी प्रथम वर्ष के छात्रों को अब 92,800 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलेगा। वहीं द्वितीय वर्ष PG के छात्रों के लिए यह राशि 1,02,000 रुपये प्रति माह तय की गई है। पीजी तृतीय वर्ष के छात्रों को सबसे अधिक 1,12,200 रुपये मासिक मानदेय दिया जाएगा।

इससे पहले PG के प्रथम, द्वितीय और तृतीय वर्ष के पीजी छात्रों को क्रमशः 82,000 रुपये, 90,200 रुपये और 99,220 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा था। नई दर लागू होने के बाद तीनों वर्षों के छात्रों के मानदेय में अलग-अलग स्तर पर वृद्धि होगी।

बिहार में 1 जनवरी 2026 से लागू नई दर

स्वास्थ्य विभाग के संकल्प में संशोधित मानदेय को 1 जनवरी 2026 से लागू करने की बात कही गई है। यानी निर्धारित तिथि से पीजी छात्रों को बढ़ी हुई राशि के आधार पर मानदेय दिया जाना है। यह व्यवस्था राज्य के सरकारी चिकित्सा एवं दंत महाविद्यालयों में संचालित पीजी पाठ्यक्रम के छात्रों के लिए लागू होगी।

PG मेडिकल शिक्षा के दौरान छात्रों को पढ़ाई के साथ अस्पतालों में मरीजों की देखभाल और चिकित्सकीय सेवाओं में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभानी होती है। ऐसे में मानदेय में वृद्धि को सरकार की ओर से छात्रों को आर्थिक रूप से सहयोग देने वाला कदम माना जा रहा है।

PG मेडिकल छात्रों को मिलेगा आर्थिक सहारा

PG पाठ्यक्रम की पढ़ाई और प्रशिक्षण के दौरान छात्रों की जिम्मेदारियां लगातार बढ़ती जाती हैं। अस्पतालों में मरीजों की जांच, उपचार में सहयोग, इमरजेंसी ड्यूटी और विभिन्न चिकित्सकीय प्रक्रियाओं में उनकी भूमिका रहती है। PG मानदेय में बढ़ोतरी से छात्रों को अपने प्रशिक्षण काल में आर्थिक सहायता मिलेगी।

सरकार की ओर से की गई यह वृद्धि ऐसे समय में महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जब राज्य में विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ाने और सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। पीजी छात्र आगे चलकर अलग-अलग चिकित्सा क्षेत्रों में विशेषज्ञ चिकित्सक के रूप में अपनी सेवाएं देंगे।

निशांत बोले- चिकित्सा शिक्षा को मजबूत करना लक्ष्य

स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने मानदेय में बढ़ोतरी को चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार आवश्यक कदम उठा रही है।

उन्होंने कहा कि पीजी छात्र भविष्य के विशेषज्ञ चिकित्सक हैं और राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। मानदेय में वृद्धि से उन्हें अपने प्रशिक्षण के दौरान प्रोत्साहन मिलेगा और चिकित्सा शिक्षा के लिए बेहतर माहौल तैयार करने में मदद मिलेगी।

बिहार में विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ाने पर जोर

स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार सरकार का लक्ष्य केवल नए चिकित्सा संस्थानों की संख्या बढ़ाना नहीं है, बल्कि ऐसे विशेषज्ञ चिकित्सकीय मानव संसाधन तैयार करना भी है, जो राज्य के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा सकें।

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बिहार में सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता अहम मानी जाती है। पीजी स्तर की चिकित्सा शिक्षा इसी जरूरत को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ऐसे में पीजी छात्रों के मानदेय में बढ़ोतरी को विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैयारी को प्रोत्साहित करने वाले फैसले के रूप में देखा जा रहा है।

PG शिक्षा के साथ सुविधाओं पर भी सरकार का फोकस

स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने कहा कि राज्य सरकार चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के साथ मेडिकल कॉलेजों में आधारभूत संरचना और चिकित्सकीय मानव संसाधन को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार का जोर बेहतर प्रशिक्षण, बेहतर सुविधाओं और बेहतर चिकित्सकीय मानवबल तैयार करने पर है।

मेडिकल कॉलेजों में पीजी सीटों और विशेषज्ञ चिकित्सा शिक्षा को मजबूत करने से राज्य में भविष्य में विभिन्न चिकित्सा विशेषज्ञताओं के डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ सकती है। इससे सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ सेवाओं को विस्तार देने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।

मानदेय बढ़ोतरी से छात्रों को प्रोत्साहन

पीजी छात्रों के लिए मानदेय में हुई यह वृद्धि केवल आर्थिक लाभ तक सीमित नहीं है। सरकार की ओर से इसे चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता और विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता से भी जोड़कर देखा जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान बेहतर आर्थिक सहयोग मिलने से छात्रों को अपनी पढ़ाई और चिकित्सकीय जिम्मेदारियों पर अधिक ध्यान देने में मदद मिल सकती है।

राज्य सरकार का कहना है कि चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता, मेडिकल कॉलेजों की आधारभूत सुविधाओं और चिकित्सकीय मानव संसाधन को मजबूत करने के लिए आगे भी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। पीजी छात्रों के मानदेय में बढ़ोतरी इसी व्यापक प्रयास का हिस्सा है।

Nishkarsh Bharat

अमन कुमार की रिपोर्ट

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