भरत तिवारी एनकाउंटर: परिवार से मिले चिराग पासवान, न्याय का दिलाया भरोसा

भरत तिवारी एनकाउंटर

भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी का मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। इस बीच लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान शुक्रवार को भरत तिवारी के गांव पहुंचे।

भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी का मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। इस बीच लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान शुक्रवार को भरत तिवारी के गांव पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात की, भरत तिवारी की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और परिजनों को न्याय दिलाने का भरोसा दिया।

चिराग पासवान के दौरे के बाद यह मामला एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। एक तरफ विपक्ष और कई जनप्रतिनिधि एनकाउंटर की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ नेताओं के विवादित बयानों ने इस पूरे मामले को और अधिक चर्चा में ला दिया है।

परिवार से मिलकर भावुक हुए चिराग पासवान

बिलौटी गांव पहुंचते ही चिराग पासवान सीधे भरत तिवारी के घर पहुंचे। उन्होंने घुटनों के बल बैठकर भरत तिवारी की तस्वीर पर फूल चढ़ाए और श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान भरत की मां आशा देवी अपने बेटे को याद कर भावुक हो गईं और रोने लगीं। चिराग पासवान ने उन्हें सांत्वना दी और उनके आंसू पोंछते हुए न्याय दिलाने का भरोसा दिया।

परिजनों से बातचीत के बाद चिराग पासवान ने मीडिया से कहा कि यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करनी भी हो तो उसका तरीका कानून के दायरे में होना चाहिए। उनका कहना था कि जिन अधिकारियों पर जनता की सुरक्षा की जिम्मेदारी होती है, यदि उन्हीं पर ऐसे गंभीर आरोप लगते हैं तो लोगों का कानून व्यवस्था पर भरोसा कमजोर पड़ता है। उन्होंने दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

मां बोलीं- न्याय मिलने की उम्मीद जगी

चिराग पासवान से मुलाकात के बाद भरत तिवारी की मां आशा देवी ने कहा कि केंद्रीय मंत्री ने उन्हें भरोसा दिया है कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।

वहीं भरत तिवारी के पिता काशीनाथ तिवारी ने भी बताया कि चिराग पासवान ने पूरे मामले को गंभीरता से सुना और हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि परिवार को उम्मीद है कि अब इस मामले में निष्पक्ष जांच आगे बढ़ेगी।

अमित शाह से भी उठा चुके हैं मामला

इससे पहले चिराग पासवान ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर भरत तिवारी एनकाउंटर का मुद्दा उठाया था। उन्होंने गृह मंत्री से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।

चिराग पासवान ने इस मुलाकात की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से भी साझा की थी। उन्होंने बताया था कि भरत तिवारी मामले के साथ-साथ राजगीर में पासवान समाज के दो युवकों की हत्या का मुद्दा भी उन्होंने गृह मंत्री के सामने रखा है।

पहले भी एनकाउंटर पर उठा चुके हैं सवाल

पटना पहुंचने के बाद मीडिया से बातचीत में भी चिराग पासवान ने इस एनकाउंटर पर कड़ी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था कि यदि किसी व्यक्ति के पास अवैध हथियार हैं या उसके खिलाफ गंभीर आरोप हैं तो उसकी जांच कानून के अनुसार होनी चाहिए, लेकिन कानून हाथ में लेकर गोली चलाना उचित नहीं कहा जा सकता।

उन्होंने यह भी कहा कि हथियार कहां से आया, इसका पता जांच एजेंसियां लगाएंगी, लेकिन यदि एनकाउंटर में नियमों का पालन नहीं हुआ है तो इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।

परिजन लगातार बता रहे हैं फर्जी एनकाउंटर

भरत तिवारी के परिजन शुरू से ही इस एनकाउंटर को फर्जी बताते रहे हैं। परिवार का कहना है कि भरत को योजनाबद्ध तरीके से मार दिया गया और बाद में इसे पुलिस कार्रवाई का रूप दिया गया।

परिजन लगातार न्यायिक जांच, पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष पड़ताल और संबंधित पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। गांव के कई लोगों और समर्थकों ने भी इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।

आरोपी डीएसपी की पोस्टिंग पर भी उठे सवाल

भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में आरोपी बताए जा रहे डीएसपी राजेश शर्मा को दोबारा पोस्टिंग दिए जाने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

बिहार सरकार के मंत्री मदन सहनी ने कहा कि पोस्टिंग का फैसला सरकार का विषय है, लेकिन जिस अधिकारी पर इतने गंभीर आरोप लगे हों और जिस मामले ने पूरे राज्य में चर्चा पैदा कर दी हो, ऐसे अधिकारी की पोस्टिंग पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि जब देशभर से लोग इस घटना पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं और पीड़ित परिवार न्याय की मांग कर रहा है, तब सरकार को संवेदनशीलता के साथ निर्णय लेना चाहिए।

विधायक मैथिली ठाकुर ने भी उठाई निष्पक्ष जांच की मांग

दरभंगा के अलीनगर से विधायक मैथिली ठाकुर ने भी भरत तिवारी एनकाउंटर पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पूरे मामले में गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाए जा रहे हैं और इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी पुलिस अधिकारी की भूमिका गलत पाई जाती है तो उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उनके अनुसार सरकार ने भी मामले का संज्ञान लिया है और उम्मीद है कि जांच के आधार पर उचित निर्णय लिया जाएगा।

नागमणि कुशवाहा के बयान से बढ़ा विवाद

इस मामले में बीजेपी के पूर्व सांसद नागमणि कुशवाहा के बयान ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने दावा किया कि भरत तिवारी के पास से बरामद पिस्टल पर पाकिस्तान की मोहर लगी थी और उसका संबंध पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भरत का समर्थन करने वाले लोग पाकिस्तान के एजेंट की तरह काम कर रहे हैं।

हालांकि, इन दावों के समर्थन में उन्होंने कोई सार्वजनिक प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया।

परिवार ने आरोपों को किया खारिज

नागमणि कुशवाहा के आरोपों पर भरत तिवारी के परिवार ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। भरत की मां आशा देवी ने कहा कि उनके बेटे के पास मौजूद पिस्टल पाकिस्तानी नहीं थी और उनके घर में किसी तरह का कोई तहखाना भी नहीं है।

उन्होंने कहा कि परिवार को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि यदि किसी को संदेह है तो घर की निष्पक्ष जांच कराई जाए। उनका कहना है कि यदि जांच में तहखाना नहीं मिलता है तो झूठे आरोप लगाने वालों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।

मामले की जांच पर टिकी हैं सबकी निगाहें

भरत तिवारी एनकाउंटर अब केवल एक पुलिस कार्रवाई का मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय बन चुका है। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं के बयान, परिजनों की न्याय की मांग और पुलिस कार्रवाई पर उठ रहे सवालों ने इस मामले को और गंभीर बना दिया है।

अब सभी की नजर जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर टिकी है। निष्पक्ष जांच और उसके निष्कर्ष ही यह तय करेंगे कि एनकाउंटर को लेकर लगाए जा रहे आरोपों में कितनी सच्चाई है और यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन हुआ है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।

Nishkarsh Bharat

पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट

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