पटना मेट्रो के पहले सफर में दिखी सियासत की मुस्कान, 3 किलोमीटर की यात्रा ठहाकों और दिलचस्प बातचीत से बनी यादगार
उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दोनों उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव के साथ मेट्रो में सफर किया।
पटना मेट्रो के पहले सफर में दिखी अलग तस्वीर
बिहार की राजधानी पटना में गुरुवार का दिन ऐतिहासिक रहा। लंबे इंतजार के बाद पटना मेट्रो ने अपने पहले चरण में यात्रियों के लिए रफ्तार पकड़ ली। उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दोनों उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव के साथ मेट्रो में सफर किया। यह यात्रा भले ही केवल तीन किलोमीटर की थी, लेकिन इस दौरान जो माहौल देखने को मिला, उसने इसे एक औपचारिक सरकारी कार्यक्रम से कहीं ज्यादा खास बना दिया।
मलाही पकड़ी स्टेशन से शुरू होकर भूतनाथ स्टेशन तक पहुंचने वाली इस छोटी-सी यात्रा में नेताओं के बीच हंसी-मजाक, हल्की-फुल्की राजनीतिक चुहलबाजी और सहज बातचीत लगातार चलती रही। यही वजह रही कि उद्घाटन के बाद का यह सफर सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गया।
उद्घाटन के बाद मेट्रो में सवार हुए मुख्यमंत्री और दोनों उपमुख्यमंत्री
पटना मेट्रो के उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सबसे पहले मेट्रो कोच में सवार हुए। उनके साथ उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, मंत्री नीतीश मिश्रा, जदयू के वरिष्ठ नेता संजय सिंह, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, मेट्रो परियोजना से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी दीपक कुमार सहित कई अधिकारी मौजूद थे।

मेट्रो जैसे ही मलाही पकड़ी स्टेशन से रवाना हुई, अधिकारियों ने परियोजना की तकनीकी विशेषताओं और निर्माण कार्य की जानकारी देना शुरू किया। लेकिन इसी बीच नेताओं के बीच शुरू हुई सहज बातचीत ने पूरे माहौल को हल्का और रोचक बना दिया।
सरकारी कार्यक्रम से ज्यादा आत्मीय नजर आया माहौल
आमतौर पर सरकारी निरीक्षण यात्राओं में गंभीरता और औपचारिकता अधिक दिखाई देती है, लेकिन पटना मेट्रो के इस पहले सफर में तस्वीर कुछ अलग थी।
मुख्यमंत्री और दोनों उपमुख्यमंत्री लगातार बातचीत करते रहे। बीच-बीच में अधिकारी परियोजना की प्रगति और तकनीकी पहलुओं की जानकारी देते रहे, जबकि दूसरी ओर नेताओं के बीच हंसी-मजाक का सिलसिला भी चलता रहा। कई बार पूरे मेट्रो कोच में ठहाके गूंज उठे।
मुख्यमंत्री ने इस यात्रा का वीडियो भी अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर साझा किया, जिसे लोगों ने काफी पसंद किया।
जिलों की चर्चा से शुरू हुई बातचीत
यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बातचीत का विषय बिहार के अलग-अलग जिलों की ओर मोड़ दिया। उन्होंने दरभंगा, खगड़िया, शिवहर और सिवान जैसे जिलों का जिक्र किया। बातचीत आगे बढ़ी तो सभी नेता भी इसमें शामिल हो गए।
इसी दौरान उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने मुस्कुराते हुए मजाकिया अंदाज में कहा,
“कोई कहीं का हो, लेकिन बिना सुपौल के काम नहीं चलेगा, माथा वहीं है।”
उनका इशारा दूसरे उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव की ओर था, जिनकी राजनीतिक पहचान लंबे समय से सुपौल क्षेत्र से जुड़ी रही है।
यह टिप्पणी सुनते ही पूरे मेट्रो कोच में मौजूद नेता और अधिकारी हंस पड़े। बिजेंद्र प्रसाद यादव भी मुस्कुराए बिना नहीं रह सके।
सुपौल से किशनगंज तक पहुंच गई चर्चा
बातचीत का सिलसिला यहीं नहीं रुका। कुछ देर बाद चर्चा बिहार से निकलकर उत्तर बिहार और पूर्वोत्तर भारत तक पहुंच गई।
यात्रा के दौरान किसी ने सिलीगुड़ी तक ढाई घंटे में पहुंचने की बात छेड़ी। इस पर विजय कुमार चौधरी ने एक बार फिर मजाकिया अंदाज में कहा,
“आप सुपौल की जगह किशनगंज कर लीजिए, जानते नहीं हैं ये।”
इस पर बिजेंद्र प्रसाद यादव ने तुरंत मुस्कुराते हुए जवाब दिया,
“किशनगंज तो हो ही गया है।”
उनके इस जवाब के बाद एक बार फिर मेट्रो का पूरा डिब्बा ठहाकों से गूंज उठा। नेताओं के बीच इस तरह की सहज बातचीत ने पूरे माहौल को बेहद खुशनुमा बना दिया।
‘अगला स्टेशन भूतनाथ है’ और बदल गया चर्चा का विषय
इसी दौरान मेट्रो के स्वचालित उद्घोषणा सिस्टम से आवाज आई,
“अगला स्टेशन भूतनाथ है।”
घोषणा सुनते ही बातचीत का विषय बदल गया। नेताओं के बीच बाबा भूतनाथ मंदिर और उससे जुड़े धार्मिक महत्व को लेकर हल्की-फुल्की चर्चा शुरू हो गई। कुछ नेता मुस्कुरा रहे थे तो कुछ अपने अनुभव साझा कर रहे थे।
यह पल भी यात्रा के सबसे दिलचस्प क्षणों में शामिल रहा।
परियोजना की जानकारी भी लेते रहे मुख्यमंत्री
पूरे सफर के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी केवल बातचीत तक सीमित नहीं रहे। उन्होंने अधिकारियों से पटना मेट्रो परियोजना की वर्तमान स्थिति, भविष्य के विस्तार और संचालन से जुड़े कई सवाल भी पूछे।
अधिकारियों ने उन्हें बताया कि मेट्रो के अगले चरणों पर तेजी से काम किया जा रहा है और आने वाले समय में राजधानी के अधिक हिस्सों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने की योजना है।
मुख्यमंत्री ने परियोजना में लगे इंजीनियरों और कर्मचारियों के कार्यों की भी सराहना की।
भूतनाथ स्टेशन पहुंचकर दी बधाई
करीब तीन किलोमीटर की यात्रा पूरी करने के बाद मेट्रो भूतनाथ स्टेशन पहुंची।
स्टेशन पर उतरने से पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मेट्रो परियोजना से जुड़े अधिकारियों, इंजीनियरों और कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह परियोजना राजधानी पटना के लिए एक बड़ी उपलब्धि है और आने वाले वर्षों में लाखों लोगों की दैनिक यात्रा को आसान बनाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्वी पटना के लोगों को अब ट्रैफिक जाम से काफी राहत मिलेगी। साथ ही तेज, सुरक्षित और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन की सुविधा उपलब्ध होगी।
पटना मेट्रो से लोगों को क्या होगा फायदा?
पटना मेट्रो का पहला चरण शुरू होने के साथ राजधानी में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। इससे न केवल यात्रा का समय कम होगा बल्कि सड़क पर वाहनों का दबाव भी घटेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि मेट्रो सेवा के विस्तार के बाद कार्यालय जाने वाले कर्मचारी, छात्र, व्यवसायी और आम यात्री सभी को इसका सीधा लाभ मिलेगा। आने वाले वर्षों में जैसे-जैसे नेटवर्क का विस्तार होगा, शहर की यातायात व्यवस्था और अधिक व्यवस्थित हो सकेगी।
यादगार बन गया पहला सफर
पटना मेट्रो का उद्घाटन निश्चित रूप से बिहार के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन उद्घाटन के तुरंत बाद हुआ तीन किलोमीटर का यह पहला सफर भी लंबे समय तक याद रखा जाएगा। इसकी वजह सिर्फ मेट्रो की शुरुआत नहीं, बल्कि नेताओं के बीच दिखाई दिया सहज अपनापन, हल्का-फुल्का हास्य और सकारात्मक माहौल रहा।
सरकारी कार्यक्रमों में जहां अक्सर औपचारिकता हावी रहती है, वहीं पटना मेट्रो की इस पहली यात्रा ने एक अलग तस्वीर पेश की। सुपौल से लेकर किशनगंज तक की मजेदार चर्चा, भूतनाथ स्टेशन की घोषणा पर बदला विषय और बीच-बीच में गूंजते ठहाके इस ऐतिहासिक यात्रा की खास पहचान बन गए।
पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट
