राबड़ी देवी को सरकारी बंगला खाली करने का नोटिस, 10 सर्कुलर रोड आवास अब मंत्री नंदकिशोर राम को आवंटित
भवन निर्माण विभाग ने राबड़ी देवी को पटना स्थित 10 सर्कुलर रोड का सरकारी आवास तत्काल खाली करने का नोटिस जारी किया है।
बिहार की राजनीति में एक बार फिर पूर्व मुख्यमंत्री और बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी का सरकारी आवास चर्चा का विषय बन गया है। भवन निर्माण विभाग ने राबड़ी देवी को पटना स्थित 10 सर्कुलर रोड का सरकारी आवास तत्काल खाली करने का नोटिस जारी किया है। विभाग की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि यह बंगला अब बिहार सरकार के मंत्री नंदकिशोर राम को आवंटित कर दिया गया है।
सरकारी नोटिस सामने आने के बाद बिहार की सियासत गरमा गई है। विपक्ष इसे राजनीतिक दबाव की कार्रवाई बता रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि आवास नियमों के अनुसार यह सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है।
भवन निर्माण विभाग ने जारी किया आदेश
भवन निर्माण विभाग द्वारा जारी पत्र के अनुसार, नेता प्रतिपक्ष के पद पर रहते हुए राबड़ी देवी को पहले ही नया सरकारी आवास आवंटित किया जा चुका है। विभागीय आदेश संख्या-122 दिनांक 25 नवंबर 2025 के तहत उन्हें 39 हार्डिंग रोड स्थित सरकारी आवास दिया गया था।

विभाग का कहना है कि नया आवास आवंटित होने के बावजूद राबड़ी देवी अब तक 10 सर्कुलर रोड स्थित पुराने सरकारी बंगले में रह रही हैं। इसी कारण विभाग ने उन्हें तत्काल आवास खाली करने का निर्देश दिया है।
पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि 10 सर्कुलर रोड स्थित बंगला अब डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के मंत्री नंदकिशोर राम को आवंटित किया जा चुका है। ऐसे में विभाग चाहता है कि जल्द से जल्द नए आवंटित मंत्री को आवास का कब्जा मिल सके।
नंदकिशोर राम को मिला नया सरकारी आवास
भवन निर्माण विभाग के अनुसार, 27 मई 2026 को जारी ज्ञापांक-4738(भ) के तहत 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास मंत्री नंदकिशोर राम को आवंटित किया गया है। इसके बाद विभाग ने राबड़ी देवी को पत्र भेजकर कहा है कि वे 39 हार्डिंग रोड स्थित नए आवास का अधिग्रहण करें और पुराना बंगला खाली करें।

विभाग की ओर से जारी नोटिस में यह भी लिखा गया है कि इस प्रस्ताव को सक्षम प्राधिकार की मंजूरी प्राप्त है। यानी यह फैसला सरकार की स्वीकृति के बाद ही लिया गया है।
बिहार राजनीति में अहम है 10 सर्कुलर रोड
पटना का 10 सर्कुलर रोड सिर्फ एक सरकारी आवास नहीं, बल्कि बिहार की राजनीति का बड़ा केंद्र माना जाता है। लंबे समय तक यह लालू-राबड़ी परिवार का राजनीतिक और सामाजिक केंद्र रहा है। मुख्यमंत्री रहने के दौरान राबड़ी देवी इसी आवास में रहती थीं और बाद में भी यह बंगला राजनीतिक गतिविधियों का अहम ठिकाना बना रहा।

RJD नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए भी यह आवास भावनात्मक और राजनीतिक महत्व रखता है। यही वजह है कि इस नोटिस के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आगामी बिहार विधानसभा चुनाव से पहले इस तरह के घटनाक्रम राजनीतिक माहौल को और गर्म कर सकते हैं। विपक्ष इस मुद्दे को राजनीतिक प्रतिशोध के तौर पर पेश करने की कोशिश कर सकता है।
क्या कहता है सरकारी नियम?
सरकारी नियमों के मुताबिक, किसी जनप्रतिनिधि या पदाधिकारी को नया सरकारी आवास आवंटित होने के बाद पुराने आवास को निर्धारित समय सीमा के भीतर खाली करना होता है। अगर ऐसा नहीं किया जाता है तो विभाग नोटिस जारी कर सकता है।
भवन निर्माण विभाग का दावा है कि राबड़ी देवी को काफी पहले नया आवास आवंटित कर दिया गया था। इसके बावजूद पुराने बंगले को खाली नहीं किया गया। इसी वजह से अब आधिकारिक तौर पर कार्रवाई की गई है।
हालांकि, अभी तक राबड़ी देवी या राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की ओर से इस नोटिस पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन पार्टी के भीतर इसे लेकर नाराजगी की चर्चा है।
RJD और सरकार के बीच बढ़ सकता है टकराव
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुद्दा आने वाले दिनों में सरकार और विपक्ष के बीच नए विवाद का कारण बन सकता है। RJD पहले से ही राज्य सरकार पर विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने का आरोप लगाती रही है।
दूसरी ओर, सरकार का तर्क है कि यह पूरी तरह प्रशासनिक प्रक्रिया है और इसमें किसी प्रकार की राजनीति नहीं है। सरकार के अनुसार, नए मंत्री को आवास आवंटित होने के बाद पुराना आवास खाली कराना जरूरी हो जाता है।
विधानसभा चुनाव से पहले बढ़ी राजनीतिक हलचल
बिहार में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियां धीरे-धीरे शुरू हो चुकी हैं। ऐसे समय में लालू परिवार से जुड़ा कोई भी मामला राजनीतिक चर्चा का बड़ा विषय बन जाता है। हाल के दिनों में RJD के भीतर पारिवारिक और संगठनात्मक विवाद भी चर्चा में रहे हैं। अब राबड़ी देवी के सरकारी आवास को लेकर जारी नोटिस ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है।
राजनीतिक गलियारों में अब इस बात पर नजर रहेगी कि राबड़ी देवी कब तक 10 सर्कुलर रोड आवास खाली करती हैं और क्या RJD इस मुद्दे को राजनीतिक तौर पर उठाती है। फिलहाल भवन निर्माण विभाग ने साफ कर दिया है कि 39 हार्डिंग रोड स्थित आवास पहले ही आवंटित किया जा चुका है और पुराने बंगले को खाली करना आवश्यक है।
बिहार की राजनीति में यह मुद्दा आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है, क्योंकि 10 सर्कुलर रोड सिर्फ एक सरकारी आवास नहीं बल्कि लालू परिवार की राजनीतिक पहचान का भी अहम हिस्सा माना जाता है।
पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट
