सोन नदी में बढ़ा जलस्तर: भीम बराज से 83,818 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, इंद्रपुरी बराज के 25 गेट खुले; प्रशासन अलर्ट
सोन नदी
बिहार के रोहतास जिले में सोन नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। झारखंड के भीम बराज, मोहम्मदगंज से शनिवार को सोन नदी में 83,818 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इसके बाद इंद्रपुरी बराज पर भी जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। जल संसाधन विभाग और स्थानीय प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए निगरानी बढ़ा दी है।
इंद्रपुरी बराज से शनिवार को 25 गेट खोलकर 93,811 क्यूसेक पानी सोन नदी में छोड़ा गया। नदी में पानी बढ़ने के साथ ही सोन किनारे बसे इलाकों और निचले क्षेत्रों में प्रशासन की सक्रियता बढ़ गई है। लोगों को नदी के आसपास जाने से बचने और जरूरी सावधानी बरतने की अपील की गई है।
भीम बराज से लगातार छोड़ा जा रहा पानी
जल संसाधन विभाग के अनुसार, झारखंड स्थित भीम बराज से शनिवार को 83,818 क्यूसेक पानी सोन नदी में छोड़ा गया। इसके कारण बिहार की ओर सोन नदी के जलस्तर पर प्रभाव पड़ रहा है।
पानी के बढ़ते प्रवाह को देखते हुए इंद्रपुरी बराज पर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को अलर्ट कर दिया गया है। बराज की स्थिति पर 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है।
विभाग के अधिकारी पानी के प्रवाह और जलस्तर में होने वाले बदलाव पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। किसी भी तरह की स्थिति उत्पन्न होने पर तत्काल आवश्यक कदम उठाने की तैयारी की गई है।
इंद्रपुरी बराज के 25 गेट खोले गए
सोन नदी में बढ़ते पानी के मद्देनजर इंद्रपुरी बराज के 25 गेट खोलकर 93,811 क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा गया है। बराज के गेट खोलने का उद्देश्य बढ़ते जलप्रवाह को नियंत्रित करते हुए नदी में पानी का सुरक्षित निकास सुनिश्चित करना है।
जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक बराज की स्थिति सामान्य रखने के लिए पानी के प्रवाह की लगातार निगरानी की जा रही है।
मुख्य अभियंता अजय कुमार सिंह के अनुसार, प्रशासन को जलप्रवाह की स्थिति की जानकारी दे दी गई है। बराज पर तैनात अधिकारी और कर्मी लगातार जलस्तर पर नजर रख रहे हैं।
सोन टिल्हे को खाली कराने का निर्देश
सोन नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी को देखते हुए डेहरी अनुमंडल प्रशासन भी अलर्ट मोड में है। प्रशासन की ओर से सोन टिल्हे को खाली कराने के साथ-साथ नदी किनारे बसे गांवों में मुनादी कराई गई है।
ग्रामीणों को नदी के पास नहीं जाने और अनावश्यक रूप से जलधारा के करीब नहीं पहुंचने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है, खासकर उन इलाकों में जहां पानी का प्रवाह बढ़ सकता है।
नदी का जलस्तर बढ़ने के दौरान तेज बहाव वाले हिस्सों में जाना बेहद खतरनाक हो सकता है। ऐसे में प्रशासन की ओर से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और किसी भी तरह की लापरवाही नहीं करने को कहा गया है।
नहरों में सिंचाई के लिए भी पानी की आपूर्ति
सोन नदी में बढ़ते जलप्रवाह के बीच किसानों के लिए भी नहरों के जरिए पानी की आपूर्ति जारी है। जल संसाधन विभाग के अनुसार धान की सिंचाई को ध्यान में रखते हुए नहरों में नियंत्रित मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है।
वर्तमान में पश्चिमी नहर में 8,006 क्यूसेक और पूर्वी संयोजक नहर में 4,253 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
धान की खेती के लिए इस समय पानी की जरूरत काफी महत्वपूर्ण है। ऐसे में विभाग नदी और बराज के जलप्रवाह के साथ-साथ सिंचाई व्यवस्था के बीच संतुलन बनाए रखने की कोशिश कर रहा है।
24 घंटे निगरानी, अधिकारियों को किया गया अलर्ट
इंद्रपुरी बराज पर तैनात पदाधिकारियों को अलर्ट कर दिया गया है। बराज के गेट, जलस्तर और पानी के प्रवाह की लगातार निगरानी की जा रही है।
अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिया गया है कि जलस्तर में किसी भी तरह के असामान्य बदलाव की तत्काल जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों और जिला प्रशासन को दी जाए।
जल संसाधन विभाग के अधिकारी भी लगातार स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता नदी किनारे बसे लोगों को सतर्क रखना और बढ़ते जलप्रवाह के कारण किसी तरह की अप्रिय स्थिति को रोकना है।
लोगों से नदी से दूर रहने की अपील
सोन नदी में पानी बढ़ने के बाद प्रशासन ने लोगों को विशेष रूप से नदी के आसपास नहीं जाने की सलाह दी है। ग्रामीण क्षेत्रों में मुनादी कराकर लोगों को जलस्तर बढ़ने की जानकारी दी जा रही है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी में स्नान करने, मछली पकड़ने या किसी अन्य काम के लिए पानी के करीब न जाएं। बच्चों को भी नदी और उसके आसपास जाने से रोकने की सलाह दी गई है।
फिलहाल स्थिति पर बनी हुई है नजर
भीम बराज से 83,818 क्यूसेक पानी छोड़े जाने और इंद्रपुरी बराज से 93,811 क्यूसेक पानी सोन नदी में छोड़े जाने के बाद जल संसाधन विभाग की निगरानी बढ़ गई है। बराज पर अधिकारी और कर्मचारी लगातार स्थिति का जायजा ले रहे हैं।
प्रशासन ने भी नदी किनारे बसे गांवों को अलर्ट किया है। आने वाले घंटों में सोन नदी के जलस्तर और पानी के प्रवाह में होने वाले बदलाव पर नजर रखी जाएगी।
फिलहाल प्रशासन और जल संसाधन विभाग की ओर से लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए पूरी सावधानी बरतें।
भूमि आर्या की रिपोर्ट
