हाजीपुर : हरलोचनपुर कांड लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई, थानाध्यक्ष समेत 3 पुलिसकर्मी निलंबित

हाजीपुर

हाजीपुर में केस अनुसंधान में लापरवाही पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई

निष्कर्ष भारत संवाददाता हाजीपुर। हाजीपुर पुलिस ने केस अनुसंधान में लापरवाही के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। हरलोचनपुर थाना कांड के अनुसंधान और केस डायरी लेखन में प्रक्रियात्मक त्रुटियां मिलने के बाद पुलिस अधीक्षक शुभांक मिश्रा ने थानाध्यक्ष समेत तीन पुलिस अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन के बाद सभी को पुलिस केंद्र, हाजीपुर में लाइन हाजिर किया गया है।

बता दे की हाजीपुर एसपी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, महुआ के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी की जांच में मामले के अनुसंधान के दौरान कई प्रक्रियात्मक कमियां सामने आई थीं। जांच प्रतिवेदन में सामने आई त्रुटियों और कर्तव्य के प्रति बरती गई लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए यह कार्रवाई की गई है।

हाजीपुर में जांच के बाद हुई कार्रवाई

हाजीपुर पुलिस के अनुसार, मामले की जांच में अनुसंधानकर्ता द्वारा केस डायरी लिखने और अनुसंधान की प्रक्रिया में निर्धारित नियमों का पूरी तरह पालन नहीं किया गया था। एसडीपीओ महुआ की जांच के बाद तैयार रिपोर्ट में इन कमियों का उल्लेख किया गया।

रिपोर्ट मिलने के बाद एसपी शुभांक मिश्रा ने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का निर्णय लिया। विभागीय स्तर पर की गई इस कार्रवाई को पुलिस अनुसंधान में जवाबदेही तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

निलंबित अधिकारियों में पुलिस अवर निरीक्षक राकेश कुमार यादव, जो हरलोचनपुर थाना के थानाध्यक्ष थे, पुलिस अवर निरीक्षक इंद्रजीत कुमार और अनुसंधानकर्ता पुलिस अवर निरीक्षक सुमन झा शामिल हैं।

थानाध्यक्ष समेत तीन अधिकारी निलंबित

हाजीपुर पुलिस अवर निरीक्षक राकेश कुमार यादव को हरलोचनपुर थानाध्यक्ष के पद से हटाते हुए निलंबित किया गया है। उनके साथ पुलिस अवर निरीक्षक इंद्रजीत कुमार और पुलिस अवर निरीक्षक सुमन झा को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर पुलिस केंद्र हाजीपुर में लाइन हाजिर किया गया है।

कार्रवाई के बाद हरलोचनपुर थाना की जिम्मेदारी पुलिस अवर निरीक्षक सुबोध कुमार को दी गई है। उन्हें नए थानाध्यक्ष के रूप में पदस्थापित किया गया है। पुलिस विभाग की इस कार्रवाई के बाद संबंधित थाने के कामकाज और लंबित मामलों के अनुसंधान पर भी निगरानी बढ़ने की संभावना है।

हाजीपुर पुलिस ने किस मामले में की कार्रवाई?

मामला 29 अगस्त की रात अफजलपुर पुरैना गांव में हुई पुलिस कार्रवाई से जुड़ा है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी, जिसके आधार पर टीम ने कार्रवाई करते हुए कुंदन कुमार को गिरफ्तार किया था।

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तारी के बाद उससे पूछताछ की गई। इसके बाद उसके कमरे की तलाशी ली गई, जहां तकिया के नीचे से कटा और कारतूस बरामद किए जाने की बात कही गई है।

इस कार्रवाई के आधार पर पुलिस अधिकारी इंद्रजीत कुमार की ओर से हरलोचनपुर थाना में कांड संख्या 23/26 दर्ज कराया गया था। इसी मामले के अनुसंधान में प्रक्रियात्मक त्रुटियां पाए जाने के बाद अब पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।

केस डायरी में त्रुटियों को लेकर सख्ती

किसी भी आपराधिक मामले के अनुसंधान में केस डायरी की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। जांच के दौरान जुटाए गए तथ्यों, कार्रवाई और अनुसंधान की प्रगति को निर्धारित प्रक्रिया के तहत दर्ज किया जाता है।

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पुलिस विभाग की जांच में यदि केस डायरी लेखन या अनुसंधान प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही सामने आती है तो इससे पूरे मामले की जांच प्रभावित हो सकती है। इसी वजह से इस मामले में सामने आई प्रक्रियात्मक त्रुटियों को पुलिस प्रशासन ने गंभीरता से लिया।

एसपी शुभांक मिश्रा ने स्पष्ट किया है कि अनुसंधान में किसी भी स्तर की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

हाजीपुर पुलिस को दिए गए सख्त निर्देश

कार्रवाई के साथ ही जिले के सभी थानाध्यक्षों और अनुसंधानकर्ताओं को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे नियमानुसार और पूरी निष्ठा के साथ अनुसंधान का काम करें।

पुलिस अधिकारियों को केस डायरी लेखन में निर्धारित नियमों का पालन करने और अनुसंधान से जुड़े सभी पहलुओं को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि किसी मामले की जांच में प्रक्रियात्मक स्तर पर ऐसी कमी न रहे, जिससे बाद में सवाल खड़े हों।

इस कार्रवाई से जिले के अन्य थानों में भी अनुसंधान की गुणवत्ता और केस डायरी लेखन को लेकर पुलिसकर्मियों की जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद है।

नए थानाध्यक्ष को मिली जिम्मेदारी

तीन पुलिस अधिकारियों के निलंबन के बाद हरलोचनपुर थाना के संचालन की जिम्मेदारी पुलिस अवर निरीक्षक सुबोध कुमार को सौंपी गई है। उन्हें थानाध्यक्ष के रूप में पदस्थापित किया गया है।

अब नए थानाध्यक्ष के सामने थाना क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ लंबित मामलों के अनुसंधान और पुलिसिंग को व्यवस्थित रखने की जिम्मेदारी होगी।

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पुलिस प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई के बाद यह भी उम्मीद की जा रही है कि संबंधित मामलों की जांच निर्धारित नियमों के तहत आगे बढ़ाई जाएगी।

लापरवाही पर आगे भी कार्रवाई का संकेत

एसपी शुभांक मिश्रा ने कहा है कि पुलिस अनुसंधान में लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। उनका यह बयान जिले के पुलिस अधिकारियों और अनुसंधानकर्ताओं के लिए स्पष्ट संदेश माना जा रहा है।

आपराधिक मामलों में निष्पक्ष और नियमों के अनुरूप जांच पुलिस व्यवस्था की अहम जिम्मेदारी है। ऐसे में अनुसंधान के दौरान होने वाली प्रक्रियात्मक कमियों को लेकर पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है।

हरलोचनपुर थाना मामले में हुई कार्रवाई के बाद अब विभागीय स्तर पर पुलिस अनुसंधान और केस डायरी लेखन की प्रक्रिया को लेकर अधिकारियों की जिम्मेदारी पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

फिलहाल तीन अधिकारियों के निलंबन और नए थानाध्यक्ष की पदस्थापना के बाद हरलोचनपुर थाना में पुलिस व्यवस्था नए नेतृत्व के साथ आगे बढ़ेगी। वहीं संबंधित कांड का अनुसंधान भी निर्धारित नियमों के तहत जारी रहने की बात कही गई है।

Nishkarsh Bharat

अमन कुमार की रिपोर्ट

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