तेजस्वी यादव का छात्रों को समर्थन, कहा- विधानसभा मार्च में हम उनके साथ, युवाओं से ही झुकेगी सरकार
तेजस्वी यादव ने छात्र आंदोलन का समर्थन कर सरकार पर कई सवाल उठाए
निष्कर्ष भारत, संवाददाता पटना। बिहार में छात्रों का आंदोलन एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया है। गर्दनीबाग में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने 25 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास घेराव का प्रस्ताव रखा है। इस आंदोलन को लेकर बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता तेजस्वी यादव ने बड़ा बयान दिया है। तेजस्वी यादव ने स्पष्ट कहा कि उनकी पार्टी छात्रों के आंदोलन का पूरा समर्थन करेगी। हालांकि, 25 अगस्त को वह स्वयं छात्रों के साथ सड़क पर उतरेंगे या नहीं, इस सवाल पर उन्होंने कहा कि इसकी जानकारी समय रहते दी जाएगी।
छात्र आंदोलन पर तेजस्वी यादव ने सरकार को घेरा
गर्दनीबाग में लंबे समय से चल रहे छात्रों के प्रदर्शन को लेकर तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि छात्र अपनी समस्याओं को लेकर परेशान हैं, लेकिन सरकार उनकी सुध लेने को तैयार नहीं है। तेजस्वी के मुताबिक, किसी भी समस्या का समाधान बातचीत के जरिए ही संभव है और सरकार को आंदोलन कर रहे छात्रों से संवाद करना चाहिए।
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तेजस्वी यादव ने कहा कि जब सरकार और छात्रों के बीच बातचीत ही नहीं होगी, तो उनकी समस्याओं का समाधान कैसे निकलेगा। उन्होंने सरकार से छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुनने और उचित कार्रवाई करने की मांग की।
25 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास घेराव, RJD के समर्थन से बढ़ी हलचल
छात्रों की ओर से 25 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास घेराव का ऐलान किए जाने के बाद बिहार की राजनीति में हलचल बढ़ गई है। तेजस्वी यादव ने इस आंदोलन के समर्थन की घोषणा कर राजनीतिक रूप से इसे महत्वपूर्ण बना दिया है।
जब उनसे पूछा गया कि क्या वह खुद 25 अगस्त को छात्रों के साथ सड़क पर उतरेंगे, तो उन्होंने सीधे तौर पर हां या ना में जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि इसकी जानकारी समय रहते दी जाएगी। ऐसे में अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आंदोलन के दिन तेजस्वी यादव या RJD के अन्य नेता छात्रों के साथ किस स्तर पर मौजूद रहते हैं।
तेजस्वी यादव का सरकार की आर्थिक स्थिति पर हमला
छात्र आंदोलन के साथ-साथ तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार की आर्थिक स्थिति पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में राज्य सरकार के सामने कर्मचारियों को वेतन और पेंशनधारियों को पेंशन देने तक की समस्या खड़ी हो सकती है।
तेजस्वी यादव ने बिहार में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। उनके अनुसार, सरकार की आय और खर्च के बीच संतुलन बिगड़ रहा है और राज्य की व्यवस्था कर्ज के सहारे चल रही है।

हालांकि, सरकार की वास्तविक वित्तीय स्थिति और भविष्य में वेतन-पेंशन भुगतान को लेकर तेजस्वी के दावों पर सरकार की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया इस बयान में सामने नहीं आई है।
स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड पर भी तेजस्वी का सवाल
बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को लेकर भी तेजस्वी यादव ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह योजना महागठबंधन सरकार के दौरान सात निश्चय कार्यक्रम के तहत शुरू की गई थी। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि योजना के तहत मिलने वाली राशि को 4 लाख रुपये से घटाकर 2 लाख रुपये किया जाना सरकार की आर्थिक स्थिति को दर्शाता है।
तेजस्वी यादव ने दावा किया कि राशि में कटौती से संकेत मिलता है कि राज्य सरकार के पास पर्याप्त संसाधन नहीं बचे हैं। उनके इस बयान के बाद छात्र हित से जुड़ी योजनाओं के बजट और उनके प्रभाव को लेकर राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है।
बिहार के कर्ज को लेकर तेजस्वी यादव ने उठाए सवाल
तेजस्वी यादव ने बिहार के प्रत्येक व्यक्ति पर करीब 27 हजार रुपये के कर्ज का भी दावा किया। उन्होंने कहा कि राज्य में आय कम है, जबकि खर्च लगातार बढ़ रहा है। उनके मुताबिक, सरकार उधार लेकर अपनी व्यवस्था चला रही है।
उन्होंने सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर राज्य की आमदनी और खर्च के बीच अंतर लगातार बढ़ता रहा, तो इसका असर आने वाले समय में विकास योजनाओं और सरकारी योजनाओं पर भी पड़ सकता है।
महंगाई और चीनी की कीमत पर केंद्र पर निशाना
तेजस्वी यादव ने बढ़ती चीनी की कीमतों को लेकर केंद्र सरकार पर भी हमला बोला। उन्होंने महंगाई का मुद्दा उठाते हुए दावा किया कि आने वाले समय में महंगाई और बढ़ सकती है।

महंगाई का मुद्दा बिहार की राजनीति में पहले से ही विपक्ष के लिए महत्वपूर्ण विषय रहा है। ऐसे में तेजस्वी के बयान को आगामी राजनीतिक गतिविधियों और जनता से जुड़े मुद्दों के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।
संविदाकर्मियों के मुद्दे पर भी सरकार पर आरोप
संविदाकर्मियों के एक्सटेंशन और सरकारी व्यवस्था को लेकर भी तेजस्वी यादव ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उन्होंने सरकारी तंत्र में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि संविदाकर्मियों से जुड़े फैसलों में भी स्पष्ट व्यवस्था होनी चाहिए।
तेजस्वी यादव ने छात्र आंदोलन के बहाने बिहार सरकार पर शिक्षा, रोजगार, आर्थिक स्थिति, महंगाई और प्रशासनिक व्यवस्था जैसे कई मुद्दों पर हमला बोला है। अब 25 अगस्त को प्रस्तावित मुख्यमंत्री आवास घेराव इस पूरे राजनीतिक विवाद का अगला बड़ा केंद्र बन सकता है। खास तौर पर इस बात पर नजर रहेगी कि छात्र आंदोलन किस रूप में आगे बढ़ता है और तेजस्वी यादव तथा RJD इस आंदोलन में प्रत्यक्ष रूप से कितनी भूमिका निभाते हैं।
राजकुमार सिंह की रिपोर्ट
