दानापुर में गंगा ने मचाई तबाही, दर्जनों गांव डूबे, नदी ने खतरे के निशान के पार, स्कूलों में घुसा पानी
दानापुर में गंगा उफान पर, दियारा के गांवों में बाढ़ का पानी घुसा
निष्कर्ष भारत, संवाददाता पटना। गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर ने दानापुर के दियारा इलाके में रहने वाले लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। शनिवार को नदी का पानी खतरे के निशान से करीब पांच इंच ऊपर पहुंच गया। जलस्तर बढ़ने के साथ ही निचले और तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का पानी तेजी से फैलने लगा है। गंगहरा, हेतनपुर, पतलापुर, कासीमचक, पुरानी पानापुर, मानस और अकिलपुर पंचायतों के कई गांव इसकी चपेट में आ गए हैं।
कई जगहों पर घरों के आसपास पानी जमा हो गया है, जबकि खेतों में पानी भरने से सैकड़ों बीघे में लगी मकई और हरी सब्जियों की फसल डूब गई है। ग्रामीणों को आने वाले दिनों में जलस्तर और बढ़ने की आशंका सता रही है। दानापुर में गंगा के जलस्तर पर प्रशासन और जल संसाधन विभाग की नजर बनी हुई है।
दानापुर के दियारा में बढ़ा बाढ़ का खतरा
दानापुर में पिछले 24 घंटे से गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। बाढ़ नियंत्रण केंद्र के अनुसार शनिवार सुबह देवनानाला में गंगा का जलस्तर 167.20 फुट दर्ज किया गया। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक नदी का पानी धीरे-धीरे ऊपर बढ़ रहा है।
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गंगा का जलस्तर इलाहाबाद, बनारस और बक्सर में भी बढ़ने की सूचना है। इसका असर आगे दानापुर क्षेत्र में भी दिखाई पड़ सकता है। ऐसे में दियारा के निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों की चिंता बढ़ गई है।
ग्रामीणों के अनुसार कई गांवों की सड़कों पर डेढ़ से दो फुट तक पानी जमा हो गया है। वहीं खेतों में पानी की गहराई दो से तीन फुट तक बताई जा रही है। पानी बढ़ने के कारण गांवों के बीच संपर्क भी प्रभावित होने लगा है।
दानापुर में घरों तक पहुंचा बाढ़ का पानी
गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर अब सिर्फ खेतों तक सीमित नहीं है। दियारा क्षेत्र के कई घरों के आसपास और कुछ घरों के भीतर भी पानी पहुंचने लगा है। पानी से घिरे परिवारों के लिए रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो रहा है।
कुछ परिवारों ने पानी से बचने के लिए घरों के आसपास मचान बना लिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि रात के समय पानी बढ़ने की चिंता सबसे अधिक रहती है। जिन रास्तों पर पहले पैदल या दोपहिया वाहनों से आसानी से आवाजाही होती थी, वहां अब पानी जमा हो गया है।
कई परिवारों के सामने सुरक्षित स्थान तक पहुंचने की भी समस्या है। यदि जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो और अधिक घरों में पानी प्रवेश करने की आशंका है।
दानापुर की खेती पर बाढ़ की मार
बाढ़ का सबसे बड़ा असर दियारा क्षेत्र की खेती पर पड़ा है। यहां बड़े पैमाने पर मकई और हरी सब्जियों की खेती होती है। खेतों में कई फुट पानी जमा होने से तैयार और तैयार होने वाली फसलें डूब गई हैं। किसानों को सबसे ज्यादा चिंता आर्थिक नुकसान की है। फसल बर्बाद होने से एक तरफ उनकी मेहनत पर पानी फिर गया है, वहीं दूसरी ओर अगली खेती की तैयारी पर भी असर पड़ सकता है। खेतों से पानी निकलने में समय लगा तो मिट्टी और अगली फसल की तैयारी भी प्रभावित होगी।

ग्रामीणों का कहना है कि लगातार बढ़ता पानी किसानों के लिए गंभीर संकट का संकेत है। यदि जल्द जलस्तर नहीं घटा तो नुकसान का दायरा और बढ़ सकता है।
स्कूलों में भी घुसा पानी, पढाई भी हुआ बाधित
बाढ़ ने दियारा क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था को भी प्रभावित किया है। करीब आधा दर्जन स्कूलों में पानी घुसने की जानकारी सामने आई है। इससे स्कूलों में पठन-पाठन प्रभावित हुआ है।
सड़कों पर पानी जमा होने के कारण शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए स्कूल तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। शिक्षकों की ओर से इस समस्या की जानकारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को देने और लिखित आवेदन सौंपने की बात कही गई है।
स्कूलों में पानी बढ़ने की स्थिति में बच्चों की सुरक्षा भी अहम मुद्दा बन गई है। प्रशासन को जलस्तर और स्कूल भवनों की स्थिति पर लगातार नजर रखनी होगी।
राहत और नाव को लेकर ग्रामीणों की चिंता
बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों का कहना है कि पानी लगातार बढ़ रहा है, लेकिन अभी तक सरकारी स्तर पर राहत और बचाव कार्य शुरू नहीं हुआ है। लोगों ने प्रशासन से नाव, राहत सामग्री और जरूरी सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
दियारा इलाके में नाव का इंतजाम विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि कई गांवों का सड़क संपर्क पानी बढ़ने के साथ बाधित हो सकता है।
प्रशासन ने कहा- तैयारियां जारी, हर स्थिति पर नज़र
दानापुर के अंचलाधिकारी ने संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन की ओर से तैयारियां जारी रहने की बात कही है। उनका कहना है कि प्रशासन पूरी तरह सजग है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

हालांकि, जिला प्रशासन की ओर से अभी तक सरकारी स्तर पर नाव परिचालन का आदेश प्राप्त नहीं होने की जानकारी दी गई है। ऐसे में ग्रामीणों की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है।
प्रशासन के सामने फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती जलस्तर बढ़ने की स्थिति में निचले इलाकों के लोगों को सुरक्षित रखना है। इसके साथ ही प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने और संपर्क व्यवस्था बनाए रखने की जरूरत है।
गंगा बढ़ी तो आगे और बिगड़ सकते हैं हालात
दानापुर में गंगा का बढ़ता जलस्तर अकेली चिंता नहीं है। ऊपरी इलाकों में भी नदी का पानी बढ़ने की स्थिति बताई जा रही है। इससे आने वाले दिनों में दानापुर के दियारा क्षेत्र में पानी और बढ़ने की आशंका बनी हुई है। वहीं, इंद्रपुरी में सोन नदी का जलस्तर फिलहाल स्थिर बताया गया है। प्रशासन और जल संसाधन विभाग के लिए गंगा के साथ अन्य नदियों के जलस्तर पर नजर रखना भी जरूरी होगा।
दानापुर में अब राहत पर टिकी लोगों की उम्मीद
फिलहाल दियारा के ग्रामीण बढ़ते पानी के बीच प्रशासन से राहत और बचाव की उम्मीद लगाए बैठे हैं। किसानों को फसल नुकसान की चिंता है, जबकि घरों में पानी पहुंचने से परिवारों की सुरक्षा बड़ा सवाल बन गई है। स्कूलों में पानी घुसने से बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हुई है।
यदि गंगा का जलस्तर आगे भी बढ़ता है तो प्रभावित गांवों की संख्या बढ़ सकती है। ऐसे में नावों की उपलब्धता, राहत सामग्री, सुरक्षित स्थानों की पहचान और प्रभावित परिवारों की निगरानी जरूरी होगी।
राजकुमार सिंह की रिपोर्ट
