आरा में नशे के कारोबार पर शिकंजा, 20 किलों गंजा के साथ तस्कर गिरफ्तार, मोबाइल फोन वरामद

आरा

आरा में 20.744 किलो गांजा जैसा मादक पदार्थ बरामद, तस्कर गिरफ्तार

निष्कर्ष भारत संवाददाता आरा। भोजपुर जिले के आरा में गांजा तस्करी के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। भोजपुर जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के दौरान नवादा थाना पुलिस ने वाहन जांच में एक कथित तस्कर को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी के कब्जे से 20.744 किलोग्राम गांजा जैसा प्रतिबंधित मादक पदार्थ बरामद किया गया है। इसके अलावा तस्करी में इस्तेमाल की जा रही मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन और 1,880 रुपये नकद भी जब्त किए गए हैं

गिरफ्तार आरोपी की पहचान अंकित कुमार बहेलिया उर्फ राजा बाबू के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, वह उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के हृदयपुर गांव का रहने वाला है। पुलिस अब बरामद मोबाइल फोन और अन्य साक्ष्यों के आधार पर कथित तस्करी नेटवर्क से जुड़े लोगों की जानकारी जुटा रही है।

आरा में वाहन जांच के दौरान पुलिस की कार्रवाई

पुलिस के अनुसार, भोजपुर पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत नवादा थाना पुलिस की टीम वाहन जांच कर रही थी। जांच के दौरान पुलिस को आरोपी पर संदेह हुआ, जिसके बाद उसकी तलाशी ली गई।

तलाशी के दौरान पुलिस ने उसके पास से 20.744 किलोग्राम गांजा जैसा मादक पदार्थ बरामद किया। बरामदगी के बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। कार्रवाई के दौरान एक मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन और नकद रुपये भी जब्त किए गए।

आरा में अंतरराज्यीय तस्करी का कनेक्शन तलाश रही पुलिस

पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपी उत्तर प्रदेश के बलिया जिले का रहने वाला है और प्रथमदृष्टया उसके अंतरराज्यीय स्तर पर मादक पदार्थों की कथित हेराफेरी में शामिल होने की जानकारी मिली है। पुलिस के अनुसार, वह कथित तौर पर मादक पदार्थ की खेप पहुंचाने के लिए आरा क्षेत्र में आया था।

इसे भी पढ़ें: संजय झा का तेजस्वी पर हमला, बोले- वे NRI नेता, उनको बिहार से कोई मतलब नहीं

अब जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद मादक पदार्थ कहां से लाया गया था। इसके साथ ही यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि खेप किस व्यक्ति या गिरोह तक पहुंचाई जानी थी।

अंतरराज्यीय कनेक्शन सामने आने के बाद पुलिस की जांच का दायरा भी बढ़ सकता है। भोजपुर के अलावा दूसरे जिलों और राज्यों से जुड़े लोगों की भूमिका की भी जांच की जा सकती है।

मोबाइल फोन से खुलेगा तस्करी नेटवर्क का राज

इस कार्रवाई में जब्त मोबाइल फोन पुलिस के लिए महत्वपूर्ण सुराग साबित हो सकता है। पुलिस मोबाइल में मौजूद कॉल डिटेल, संपर्कों और अन्य उपलब्ध जानकारियों की जांच के जरिए कथित तस्करी नेटवर्क तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

जांच का मुख्य उद्देश्य केवल गिरफ्तार आरोपी तक सीमित नहीं है। पुलिस यह पता लगाना चाहती है कि उसके संपर्क किन लोगों से थे, मादक पदार्थ की खेप किससे मिली और आगे इसकी आपूर्ति किसे की जानी थी।

यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस इसी कड़ी में आरोपी से पूछताछ कर कथित नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।

आरा में बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज की जांच

मादक पदार्थों की तस्करी के मामलों में पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती पूरे नेटवर्क का पता लगाना होती है। इसी को देखते हुए नवादा थाना पुलिस आरोपी के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज की जांच कर रही है।

बैकवर्ड लिंकेज के तहत पुलिस यह पता लगाएगी कि मादक पदार्थ आरोपी तक कैसे पहुंचा और इसके पीछे कौन लोग थे। वहीं फॉरवर्ड लिंकेज में यह जानकारी जुटाई जाएगी कि बरामद खेप की आगे सप्लाई कहां और किन लोगों को की जानी थी।

पुलिस की कोशिश है कि जांच को केवल एक गिरफ्तारी तक सीमित न रखते हुए कथित पूरे नेटवर्क की पहचान की जाए। इसके लिए तकनीकी और मानवीय दोनों स्तरों पर जानकारी जुटाई जा रही है।

NDPS एक्ट के तहत दर्ज हुआ मामला

मामले में आरा नवादा थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस एक्ट यानी NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई शुरू की है।

कानूनी प्रक्रिया के तहत बरामद मादक पदार्थ की जांच और जब्ती से संबंधित प्रक्रिया भी पूरी की जा रही है। आगे की जांच में बरामदगी से जुड़े तथ्यों, आरोपी के बयानों और अन्य साक्ष्यों का मिलान किया जाएगा।

पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास करेगी कि आरोपी पहले से इस तरह की गतिविधियों में शामिल था या यह किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

20.744 किलो बरामदगी के बाद बढ़ी सतर्कता

20.744 किलोग्राम मादक पदार्थ की बरामदगी के बाद भोजपुर पुलिस की कार्रवाई को अवैध नशा कारोबार के खिलाफ अभियान की महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। पुलिस लगातार वाहन जांच और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने की बात कह रही है।

आरा शहर और आसपास के इलाकों में मादक पदार्थों की आवाजाही रोकने के लिए पुलिस की निगरानी बढ़ाई जा सकती है। खासकर दूसरे जिलों और राज्यों से आने-जाने वाले वाहनों की जांच पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

निष्पक्ष ख़बर देखिये हमारे यूट्यूब चैनल पर: Samrat…Tejashwi …की मिलीभगत…बिहार में बड़ा खेल!

पुलिस के सामने अब सबसे अहम चुनौती बरामदगी के पीछे मौजूद कथित सप्लाई चैन का पता लगाना है। आरोपी के मोबाइल और पूछताछ से मिलने वाली जानकारी इस जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

पुलिस की जांच में आगे क्या आएगा सामने?

फिलहाल आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है और मामले की जांच जारी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि मादक पदार्थ की कथित खेप कहां से आई और इसे आरा में किसे सौंपा जाना था।

जांच के दौरान यदि किसी अन्य व्यक्ति या गिरोह की भूमिका सामने आती है तो पुलिस उसके खिलाफ भी कार्रवाई कर सकती है। फिलहाल पुलिस ने आरोपी के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ा दी है।

आरा में हुई इस कार्रवाई से एक तरफ जहां पुलिस को मादक पदार्थ की बड़ी खेप पकड़ने में सफलता मिली है, वहीं अब जांच की दिशा कथित सप्लायर, खरीदार और पूरे नेटवर्क तक पहुंचने पर केंद्रित है। आने वाले दिनों में पूछताछ और जांच के आधार पर इस मामले में और गिरफ्तारियां या नए खुलासे होने की संभावना पर नजर रहेगी।

Nishkarsh Bharat

अमन कुमार की रिपोर्ट

You may have missed