मुजफ्फरपुर में क्रिप्टो के नाम पर नीट छात्र के 2 करोड़ डूबे, घर पर मचा हंगामा

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मुजफ्फरपुर में क्रिप्टो निवेश से NEET छात्र के 2 करोड़ डूबे

निष्कर्ष भारत संवाददाता मुजफ्फरपुर। जिले में क्रिप्टो मामला सामने आने के बाद सदर थाना क्षेत्र में शनिवार को जमकर हंगामा हुआ। क्रिप्टो और बिटकॉइन में निवेश के दौरान करीब 2 करोड़ रुपये डूबने की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि इस रकम में अहियापुर की रहने वाली एक महिला सॉफ्टवेयर इंजीनियर और उसके भाई के करीब 35 से 40 लाख रुपये भी शामिल हैं। रकम डूबने के बाद छात्र ने लोगों से संपर्क कम कर दिया और नोएडा से मुजफ्फरपुर आकर किराए के मकान में रहने लगा।

महिला इंजीनियर को मिली छात्र के मुजफ्फरपुर में होने की जानकारी

मामला तब सामने आया जब महिला इंजीनियर और उसके परिजनों को छात्र के मुजफ्फरपुर में होने की जानकारी मिली। इसके बाद वे सहजानंद कॉलोनी स्थित उसके किराए के मकान पर पहुंच गए। कमरे में छात्र को देखकर परिजनों ने अपनी रकम वापस करने की मांग शुरू कर दी।

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देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया और मौके पर हंगामा होने लगा। स्थिति बिगड़ती देख छात्र के पिता ने डायल 112 पर फोन कर पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को शांत कराने का प्रयास किया।

क्रिप्टो निवेश को लेकर थाने पहुंचा मामला

पुलिस ने स्थिति को देखते हुए दोनों पक्षों को सदर थाना पहुंचाया। यहां काफी देर तक दोनों पक्षों के बीच बातचीत होती रही। महिला इंजीनियर और उनके परिजन रकम वापस करने की मांग पर अड़े थे। बातचीत के बाद छात्र ने तीन महीने के भीतर रकम लौटाने का बॉन्ड बनाया।

समझौते के बाद पुलिस ने छात्र को पीआर बॉन्ड पर छोड़ दिया। सदर थाना के प्रभारी थानाध्यक्ष राजीव कुमार के अनुसार, क्रिप्टो और बिटकॉइन में निवेश से जुड़ा मूल मामला नोएडा का बताया जा रहा है। फिलहाल दोनों पक्षों की ओर से थाने में कोई लिखित आवेदन नहीं दिया गया है।

छात्र ने शेयर बाजार से शुरू किया था निवेश

पुलिस की पूछताछ में छात्र ने बताया कि वह NEET की तैयारी के दौरान दिल्ली में कंसल्टेंसी का काम भी करता था। इसी दौरान उसने शेयर ट्रेडिंग शुरू की। बताया गया कि वह अपने साथ अन्य लोगों की रकम भी शेयर बाजार में निवेश करता था।

छात्र के मुताबिक, मध्य-पूर्व में युद्ध के दौरान शेयर बाजार में गिरावट से उसे काफी नुकसान हुआ। इसके बाद नुकसान की भरपाई करने के उद्देश्य से उसने शेयर बाजार से रकम निकालकर बिटकॉइन और अन्य क्रिप्टो करेंसी में निवेश करना शुरू किया।

क्रिप्टो मार्केट में भी भारी नुकसान

छात्र के अनुसार, शेयर बाजार के बाद क्रिप्टो मार्केट में भी उसे भारी नुकसान उठाना पड़ा। उसके मुताबिक, अलग-अलग निवेश में करीब 2 करोड़ रुपये की रकम डूब गई।

इसी दौरान उसने दिल्ली में रहने वाली महिला सॉफ्टवेयर इंजीनियर और उनके परिजनों को क्रिप्टो निवेश में अधिक मुनाफे का भरोसा दिलाकर करीब 35 से 40 लाख रुपये निवेश कराने की बात भी सामने आई है। कथित तौर पर उन्हें तीन महीने के भीतर मुनाफे के साथ रकम लौटाने का भरोसा दिया गया था।

निवेश की रकम डूबने के बाद बढ़ा विवाद

क्रिप्टो में निवेश की गई रकम भी नुकसान में चली गई। इसके बाद महिला इंजीनियर ने छात्र से संपर्क करने का प्रयास किया। आरोप है कि पिछले कुछ दिनों से छात्र फोन पर उपलब्ध नहीं था। कॉल करने पर फोन रिसीव नहीं किया जा रहा था और बाद में मोबाइल बंद हो गया।

महिला ने छात्र के पिता से संपर्क किया तो उन्हें बताया गया कि बेटा दिल्ली में है। इसी बीच कुछ लोगों के माध्यम से छात्र के मुजफ्फरपुर में होने की जानकारी मिली। इसके बाद महिला अपने परिजनों के साथ सहजानंद कॉलोनी पहुंची।

किराए के मकान में मिला छात्र

महिला और उसके परिजनों ने जब छात्र को उसके किराए के मकान में देखा तो रकम वापस करने की मांग को लेकर विवाद शुरू हो गया। छात्र के पिता भी वहां मौजूद थे। हंगामा बढ़ने पर पुलिस को सूचना दी गई।

पुलिस दोनों पक्षों को थाने ले गई, जहां काफी देर तक मामले को लेकर बातचीत हुई। आखिरकार छात्र की ओर से तीन महीने में रकम लौटाने का बॉन्ड बनाए जाने के बाद दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया।

पुलिस ने प्राथमिकी को लेकर क्या कहा?

सदर थाना पुलिस के अनुसार, अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से लिखित शिकायत नहीं दी गई है। इसलिए इस मामले में प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है। पुलिस ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच समझौता होने के बाद छात्र को पीआर बॉन्ड पर छोड़ा गया है।

पुलिस यह भी स्पष्ट कर रही है कि क्रिप्टो निवेश से संबंधित मूल मामला नोएडा से जुड़ा बताया जा रहा है। यदि आगे किसी पक्ष की ओर से लिखित शिकायत दी जाती है तो उसके आधार पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

क्रिप्टो निवेश में जोखिम को लेकर सवाल

मुजफ्फरपुर क्रिप्टो मामले ने निवेश के नाम पर बड़ी रकम लगाए जाने और उसके बाद होने वाले विवाद को सामने ला दिया है। छात्र के दावे के अनुसार, शेयर बाजार में हुए नुकसान की भरपाई के लिए उसने क्रिप्टो करेंसी का सहारा लिया, लेकिन वहां भी उसे बड़ा नुकसान हुआ।

फिलहाल मामले में पुलिस के पास कोई लिखित शिकायत नहीं है और दोनों पक्षों के बीच समझौता हो चुका है। तीन महीने में रकम वापस करने के लिए बनाए गए बॉन्ड के बाद छात्र को पीआर बॉन्ड पर छोड़ा गया है। अब आगे की स्थिति इस बात पर निर्भर करेगी कि तय अवधि में रकम लौटाई जाती है या नहीं और क्या किसी पक्ष की ओर से बाद में पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई जाती है।

Nishkarsh Bharat

राज कुमार की रिपोर्ट

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