कैमूर में 1.25 करोड़ की विदेशी शराब जब्त, पंजाब से आई थी खेप, ट्रक ड्राइवर और खलासी गिरफ्तार
कैमूर में आलू की आड़ में 937 पेटी शराब जब्त, चालक-खलासी गिरफ्तार
निष्कर्ष भारत, संवाददाता कैमूर। कैमूर जिले में अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान उत्पाद विभाग को बड़ी सफलता मिली है। मोहनिया चेकपोस्ट पर सोमवार को वाहन जांच के दौरान आलू की बोरियों के नीचे छिपाकर ले जाई जा रही विदेशी शराब की बड़ी खेप पकड़ी गई। विभाग के अनुसार ट्रक से 937 पेटी शराब बरामद हुई, जिसकी कुल मात्रा करीब 8,347 लीटर बताई गई है। जब्त शराब की बाजार कीमत लगभग 1.25 करोड़ रुपये आंकी गई है।
कार्रवाई के दौरान कैमूर में ट्रक चालक और खलासी को गिरफ्तार किया गया है। दोनों आरोपी पंजाब के रहने वाले बताए गए हैं। शराब की खेप पंजाब से बिहार लाई जा रही थी। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इतनी बड़ी खेप बिहार में कहां पहुंचाई जानी थी और इसके पीछे कौन-कौन लोग सक्रिय हैं।
कैमूर चेकपोस्ट पर ऐसे पकड़ा गया ट्रक
उत्पाद विभाग के मोहनिया चेकपोस्ट प्रभारी संतोष श्रीवास्तव के अनुसार, विभाग को पहले से सूचना मिली थी कि पंजाब से एक ट्रक के जरिए अवैध विदेशी शराब कैमूर लाई जा रही है। सूचना मिलने के बाद कैमूर के मोहनिया चेकपोस्ट पर विशेष टीम को अलर्ट किया गया और आने-जाने वाले वाहनों की सघन जांच शुरू कर दी गई।
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इसी दौरान पंजाब की तरफ से आ रहे एक संदिग्ध ट्रक को जांच के लिए रोका गया। ट्रक के ऊपर आलू की बोरियां लदी थीं। पहली नजर में देखने पर ऐसा लग रहा था कि वाहन में सिर्फ आलू की खेप है। लेकिन अधिकारियों को ट्रक की बनावट और सामान की स्थिति को लेकर संदेह हुआ।
इसके बाद टीम ने स्कैनर मशीन की मदद से जांच शुरू की। बोरियों को हटाकर जब अंदर की जांच की गई तो अधिकारियों के सामने शराब की बड़ी खेप मिली। शराब को आलू की बोरियों के नीचे छिपाकर रखा गया था।
कैमूर में 937 पेटी शराब बरामद
उत्पाद विभाग के मुताबिक, कैमूर में ट्रक से कुल 937 पेटी विदेशी शराब बरामद की गई है। इन पेटियों में करीब 8,347 लीटर शराब होने की जानकारी दी गई है। विभाग ने जब्त शराब की अनुमानित बाजार कीमत लगभग सवा करोड़ रुपये बताई है।
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शराब बरामद होने के बाद ट्रक को भी कब्जे में ले लिया गया। अधिकारियों ने मौके से चालक और खलासी को गिरफ्तार कर लिया। दोनों से पूछताछ की जा रही है ताकि शराब की खेप के स्रोत और इसके संभावित खरीदारों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके।
कैमूर में पंजाब से पहुंची थी शराब की खेप
पूछताछ के दौरान आरोपियों से शराब से संबंधित वैध दस्तावेज मांगे गए, लेकिन अधिकारियों के मुताबिक वे इसके संबंध में कोई वैध कागजात प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद शराब को अवैध मानते हुए जब्त कर लिया गया और दोनों आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि शराब की खेप पंजाब से बिहार लाई जा रही थी। अब जांच का अगला फोकस उस स्थान पर है, जहां इस शराब की डिलीवरी की जानी थी।
उत्पाद विभाग और पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि ट्रक को बिहार में किस जगह जाना था। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि शराब की तस्करी में चालक और खलासी की भूमिका क्या थी और क्या वे पहले भी ऐसी किसी खेप को बिहार ला चुके हैं।
आलू की आड़ में शराब तस्करी का खेल
इस घटना ने एक बार फिर शराब तस्करी के लिए अपनाए जा रहे तरीकों पर सवाल खड़े किए हैं। तस्करों द्वारा सामान से भरे ट्रकों में शराब छिपाकर बिहार लाने की कोशिश की जाती रही है। इस मामले में भी ऊपर से आलू की बोरियां रखी गई थीं, ताकि जांच के दौरान वाहन सामान्य मालवाहक ट्रक जैसा दिखाई दे। लेकिन मोहनिया चेकपोस्ट पर सूचना के आधार पर हुई सघन जांच के कारण यह तरीका काम नहीं आया। स्कैनर और मैनुअल जांच के जरिए अधिकारियों ने छिपाकर रखी गई शराब का पता लगा लिया।
कैमूर में तस्करी नेटवर्क की जांच तेज
करीब 1.25 करोड़ रुपये की शराब पकड़े जाने के बाद अब जांच सिर्फ ट्रक चालक और खलासी तक सीमित नहीं रहने की संभावना है। इतनी बड़ी मात्रा में शराब की खेप के पीछे एक संगठित नेटवर्क होने की आशंका को देखते हुए अधिकारी इसके आगे और पीछे के कनेक्शन की जानकारी जुटा रहे हैं।

जांच एजेंसियां यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि पंजाब में शराब किसने ट्रक में लोड कराई थी, बिहार में इसकी डिलीवरी किसे दी जानी थी और इस पूरे परिवहन के लिए किसने व्यवस्था की थी। यदि पूछताछ में किसी अन्य व्यक्ति या गिरोह का नाम सामने आता है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल गिरफ्तार दोनों आरोपियों से लगातार पूछताछ जारी है।
उत्पाद विभाग ने शुरू की कानूनी कार्रवाई
शराब और ट्रक को जब्त करने के बाद उत्पाद विभाग ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि शराब तस्करी के नेटवर्क का पता लगाने के लिए जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।
मोहनिया चेकपोस्ट बिहार में प्रवेश करने वाले वाहनों की निगरानी के लिहाज से महत्वपूर्ण स्थान है। ऐसे में यहां बड़ी मात्रा में शराब पकड़े जाने के बाद विभाग की जांच और निगरानी व्यवस्था पर भी ध्यान गया है। फिलहाल इस कार्रवाई से यह साफ है कि शराब तस्करी को रोकने के लिए वाहन जांच के साथ तकनीकी जांच का इस्तेमाल भी किया जा रहा है। अब देखना होगा कि पूछताछ में इस 8,347 लीटर शराब की खेप से जुड़े नेटवर्क के बारे में कितनी जानकारी सामने आती है।
राजकुमार सिंह की रिपोर्ट
