BPSC ने नहीं बदला पैटर्न, TRE-4 में देना होगा PT और Mains, आयोग ने कहीं बड़ी बात

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BPSC TRE-4 में PT और Mains तय, अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी

निष्कर्ष भारत, संवाददाता पटना। BPSC TRE-4 को लेकर गर्दनीबाग में अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी रहने के बीच बिहार लोक सेवा आयोग ने परीक्षा के पैटर्न पर अपना रुख साफ कर दिया है। आयोग के परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह ने सोमवार को प्रेस वार्ता में कहा कि शिक्षक भर्ती परीक्षा के चौथे चरण में प्रारंभिक परीक्षा यानी PT और मुख्य परीक्षा यानी Mains दोनों आयोजित की जाएंगी। साथ ही नकारात्मक अंक की व्यवस्था में भी फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।

आयोग की ओर से स्थिति स्पष्ट किए जाने के बाद अब BPSC TRE-4 के अभ्यर्थियों के सामने परीक्षा की तैयारी को लेकर तस्वीर साफ हो गई है। हालांकि, आंदोलन कर रहे अभ्यर्थी दो चरणों की परीक्षा और निगेटिव मार्किंग दोनों का विरोध कर रहे हैं। ऐसे में आयोग के फैसले और छात्रों की मांग के बीच गतिरोध बना हुआ है।

BPSC ने दो चरणों की परीक्षा पर दिया जवाब

BPSC परीक्षा नियंत्रक ने कहा कि TRE-4 में PT और Mains कराने का फैसला सोच-समझकर लिया गया है। उन्होंने उन दावों को भी खारिज किया, जिनमें कहा जा रहा था कि बिहार देश का पहला राज्य है, जहां शिक्षक भर्ती के लिए दो चरणों में परीक्षा कराई जा रही है।

BPSC के अनुसार, देश के कई राज्यों में शिक्षक नियुक्ति के लिए प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा की व्यवस्था पहले से लागू है। इसी आधार पर बिहार में भी चयन प्रक्रिया को दो चरणों में कराने का निर्णय लिया गया है।

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परीक्षा नियंत्रक ने वर्ष 2024 में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक को लेकर हुए विवाद का भी उल्लेख किया। उनके मुताबिक, परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए राधाकृष्णन समिति का गठन किया गया था। समिति की ओर से परीक्षा प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए कई सुझाव दिए गए थे, जिनमें दो चरणों में परीक्षा कराने का सुझाव भी शामिल था।

आयोग ने यह भी बताया कि आर्थिक अपराध इकाई की ओर से शिक्षक भर्ती परीक्षा में दो चरणों की व्यवस्था अपनाने की सलाह दी गई थी। इन्हीं पहलुओं को ध्यान में रखते हुए TRE-4 में PT और Mains कराने का निर्णय लिया गया है।

BPSC TRE-4 में निगेटिव मार्किंग भी रहेगी जारी

TRE-4 को लेकर अभ्यर्थियों की दूसरी बड़ी आपत्ति नकारात्मक अंक व्यवस्था को लेकर है। आंदोलन कर रहे छात्रों की मांग है कि गलत उत्तर के लिए अंक काटने का नियम समाप्त किया जाए। उनका तर्क है कि निगेटिव मार्किंग की वजह से एक गलती का सीधा असर उनके कुल अंक पर पड़ सकता है।

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हालांकि BPSC ने इस मांग को भी फिलहाल स्वीकार नहीं किया है। परीक्षा नियंत्रक ने स्पष्ट किया कि आयोग की लगभग सभी परीक्षाओं में गलत उत्तर के लिए अंक काटने की व्यवस्था है और TRE-4 में भी इसे जारी रखा जाएगा।

आयोग का तर्क है कि यदि नकारात्मक अंक नहीं होगा तो अभ्यर्थियों के बीच अनुमान के आधार पर अधिक प्रश्न हल करने की प्रवृत्ति बढ़ सकती है। ऐसे में जिन अभ्यर्थियों को प्रश्न का सही उत्तर मालूम नहीं होगा, वे भी विकल्पों का अनुमान लगाकर अधिक प्रश्न हल कर सकते हैं। आयोग के अनुसार, निगेटिव मार्किंग इस तरह की प्रवृत्ति को नियंत्रित करने में मदद करती है।

पांचवें दिन भी BPSC TRE-4 अभ्यर्थियों का आंदोलन

परीक्षा पैटर्न को लेकर छात्रों की नाराजगी सिर्फ बयानबाजी तक सीमित नहीं है। पटना के गर्दनीबाग में TRE-4 अभ्यर्थियों का न्याय सत्याग्रह सोमवार को पांचवें दिन भी जारी रहा।

प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों की प्रमुख मांग है कि शिक्षक भर्ती के लिए PT और Mains की दो चरणों वाली व्यवस्था समाप्त की जाए और एक ही परीक्षा के आधार पर चयन किया जाए। इसके अलावा छात्र नकारात्मक अंक हटाने की मांग भी कर रहे हैं।

अभ्यर्थियों का कहना है कि शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया पहले ही लंबी होती रही है। यदि प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा अलग-अलग आयोजित की जाएगी तो पूरी चयन प्रक्रिया में और समय लग सकता है। छात्रों का मानना है कि एक चरण की परीक्षा से भर्ती प्रक्रिया को कम समय में पूरा किया जा सकता है।

32,388 पदों पर होगी शिक्षक भर्ती

TRE-4 के जरिए बिहार में बड़े पैमाने पर शिक्षकों की नियुक्ति होनी है। BPSC की ओर से जारी विज्ञापन के अनुसार, कुल 32,388 विद्यालय अध्यापकों के पदों पर भर्ती की जाएगी।

इसमें प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक स्तर तक विभिन्न विषयों के रिक्त पद शामिल हैं। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के इस भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने की संभावना है। ऐसे में परीक्षा के पैटर्न और चयन प्रक्रिया को लेकर आयोग की ओर से जारी स्पष्टता अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण है।

आयोग के अनुसार, TRE-4 के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया एक सितंबर से शुरू होगी। अभ्यर्थी 30 सितंबर तक आवेदन कर सकेंगे। हालांकि, परीक्षा की निश्चित तारीख अभी घोषित नहीं की गई है। परीक्षा कार्यक्रम बाद में आयोग की ओर से जारी किया जाएगा।

BPSC के फैसले के बाद अब छात्रों की रणनीति पर नजर

आयोग ने अपनी ओर से परीक्षा की व्यवस्था को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी है। इसके बावजूद छात्रों का आंदोलन जारी है। ऐसे में आने वाले दिनों में सरकार और अभ्यर्थियों के बीच बातचीत होती है या नहीं, इस पर नजर रहेगी।

एक तरफ BPSC का कहना है कि दो चरणों की परीक्षा से चयन प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित होगी और योग्य अभ्यर्थियों की पहचान बेहतर तरीके से की जा सकेगी। दूसरी तरफ अभ्यर्थी इसे अतिरिक्त परीक्षा और लंबी चयन प्रक्रिया के रूप में देख रहे हैं।

TRE-4 में 32,388 पद होने के कारण यह भर्ती बिहार के शिक्षक अभ्यर्थियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में परीक्षा पैटर्न में बदलाव की मांग को लेकर आंदोलन लंबा खिंचता है या आयोग के फैसले के साथ ही अभ्यर्थी तैयारी पर लौटते हैं, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा। फिलहाल BPSC ने साफ कर दिया है कि TRE-4 में PT और Mains दोनों होंगे और निगेटिव मार्किंग भी जारी रहेगी।

Nishkarsh Bharat

राजकुमार सिंह की रिपोर्ट

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