बिहार के बाढ़ का CM सम्राट ने किया हवाई सर्वे, स्थिति का लिया जायजा, अधिकारियों को दिए दिशा-निर्देश
सम्राट चौधरी ने बाढ़ प्रभावित छह जिलों का हवाई सर्वे किया
निष्कर्ष भारत, संवाददाता पटना। बिहार में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वे किया। सम्राट चौधरी ने पटना, भागलपुर, कटिहार, नवगछिया, बेगूसराय और खगड़िया का हवाई सर्वेक्षण कर बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी भी मौजूद रहे। सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को प्रभावित लोगों की सुरक्षा, राहत और जरूरी सुविधाओं को लेकर पूरी तत्परता से काम करने के निर्देश दिए।
सम्राट चौधरी ने लिया बाढ़ का जायजा
सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया पर हवाई सर्वे की तस्वीरें साझा करते हुए कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा और राहत सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सम्राट चौधरी ने प्रशासन को राहत एवं बचाव अभियान तेजी से संचालित करने तथा प्रभावित लोगों तक आवश्यक सुविधाएं पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
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गंगा के उफान के कारण बिहार के कई जिलों में हालात लगातार चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। कई स्थानों पर नदी का पानी खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है, जबकि कुछ इलाकों में कटाव और तटबंध टूटने से ग्रामीण क्षेत्रों में पानी घुसने की स्थिति बन गई है।
भागलपुर में तटबंध टूटा, मंत्री के गांव तक पहुंचा पानी
भागलपुर के नवगछिया स्थित खरीक प्रखंड के राघोपुर गांव में आधी रात को गंगा के कटाव ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी। यहां तटबंध टूटने के बाद पानी आसपास के इलाकों में फैलने लगा। बताया गया कि बिहार सरकार के ऊर्जा मंत्री बुलो मंडल के पैतृक आवास से करीब 500 मीटर की दूरी पर तटबंध में कटाव हुआ।
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कटाव की सूचना रात करीब 2:30 बजे प्रशासन को मिली। इसके बाद अधिकारियों की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। तटबंध टूटने के कारण मंत्री के घर और आसपास के गांव में पानी प्रवेश करने की जानकारी सामने आई है।
बेगूसराय में जमींदारी बांध टूटने से बढ़ी परेशानी
बेगूसराय के बछवाड़ा में जमींदारी बांध टूटने से करीब 10 हजार लोगों के प्रभावित होने की बात कही जा रही है। बांध टूटने के कारण आसपास के इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।

वहीं सिमरिया घाट से कसहा दियारा, रचियाही और उलाव की ओर जाने वाली सड़क भी गंगा की तेज धार की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गई है। सड़क टूटने से स्थानीय लोगों की आवाजाही प्रभावित होने की आशंका है।
पटना समेत कई जिलों में गंगा का जलस्तर बढ़ा
बक्सर, बेगूसराय, मुंगेर और पटना समेत कई जिलों में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बक्सर में नदी का पानी वार्निंग लेवल को पार कर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। यहां करीब हर दो घंटे में एक सेंटीमीटर जलस्तर बढ़ने की सूचना है।
पटना सिटी के भद्र घाट और महावीर घाट लेन तक भी गंगा का पानी पहुंच गया है। जलस्तर में लगातार वृद्धि से नदी किनारे रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखने की बात कही जा रही है।
भोजपुर में तेज कटाव, सांसद ने जताई नाराजगी
भोजपुर में भी गंगा का कटाव तेज हो गया है। कटाव रोकने के लिए किए जा रहे उपायों को लेकर स्थानीय स्तर पर नाराजगी सामने आई है। सांसद सुदामा प्रसाद ने व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि लोगों के हित की बात को लेकर वह पीछे नहीं हटेंगे और जरूरत पड़ने पर किसी भी हद तक संघर्ष करेंगे। गंगा के लगातार कटाव के कारण नदी किनारे बसे गांवों में रहने वाले लोगों के बीच चिंता बनी हुई है।
सम्राट चौधरी ने फरक्का बैराज को लेकर की बात
गंगा और कोसी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से भी बातचीत की। सम्राट चौधरी ने फरक्का बैराज के सभी गेट खोलने का आग्रह किया, ताकि बढ़ते जलस्तर के बीच पानी के प्रवाह को नियंत्रित करने में मदद मिल सके।

बताया गया कि पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ने इस संबंध में सम्राट चौधरी को जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया है। बिहार में बढ़ते जलस्तर के बीच फरक्का बैराज से जुड़ा यह मुद्दा भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
24 जिलों में बारिश का अनुमान
बिहार में मानसून सक्रिय है, हालांकि कई जिलों में बारिश की गतिविधियां फिलहाल कमजोर बनी हुई हैं। मौसम विभाग ने सोमवार को राज्य के 24 जिलों में बारिश की संभावना जताई है। इनमें पांच जिलों में तेज बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
पटना में सोमवार को आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है। कुछ इलाकों में हल्की बारिश भी हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य में 29 अगस्त तक बारिश की गतिविधि बनी रहने का अनुमान है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना भी जताई गई है।
बारिश की कमी के बावजूद नदियों में उफान
एक तरफ बिहार में इस मानसून सीजन में सामान्य से कम बारिश हुई है, वहीं दूसरी तरफ गंगा समेत प्रमुख नदियों के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। 23 अगस्त तक राज्य में 710.9 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन 414.1 मिलीमीटर बारिश ही दर्ज की गई। इस तरह सामान्य की तुलना में करीब 42 प्रतिशत बारिश कम हुई है।
इसके बावजूद गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी ने नदी किनारे बसे इलाकों में बाढ़ और कटाव का खतरा बढ़ा दिया है। उत्तराखंड में बारिश के कारण गंगा के जलस्तर पर असर पड़ने की बात भी सामने आ रही है।
बीते 24 घंटे में कई जिलों में तेज बारिश
रविवार को जमुई, कटिहार, लखीसराय, बेतिया, नालंदा, सुपौल, बेगूसराय और गोपालगंज में तेज बारिश हुई। नालंदा में करीब आधे घंटे की बारिश के बाद बिहारशरीफ की कई सड़कों पर जलजमाव हो गया। वहीं पटना समेत कई जिलों में दिनभर बादल छाए रहे।
प्रशासन के सामने दोहरी चुनौती
बिहार में मौजूदा स्थिति प्रशासन के लिए दोहरी चुनौती बन गई है। एक ओर गंगा के बढ़ते जलस्तर और कटाव से नदी किनारे बसे इलाकों की सुरक्षा चिंता का विषय है, तो दूसरी ओर आने वाले दिनों में बारिश की संभावना बनी हुई है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के हवाई सर्वे के बाद अब राहत और बचाव कार्यों पर निगाहें हैं। प्रभावित क्षेत्रों में तटबंधों की निगरानी, लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन के लिए सबसे अहम जिम्मेदारी होगी। आने वाले दिनों में गंगा के जलस्तर और मौसम की स्थिति से तय होगा कि बिहार के बाढ़ प्रभावित इलाकों में हालात किस दिशा में जाते हैं।
पटना से राजकुमार सिंह की रिपोर्ट
